HAM नेताओं की टिप्पणी पर निशांत मिश्रा का पलटवार, बोले- मुद्दों पर जवाब दें, व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं

पटना। बिहार की सियासत में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के नेताओं के बीच बयानबाजी का सिलसिला तेज होता नजर आ रहा है। इसी बीच LJP (रामविलास) से जुड़े निशांत मिश्रा ने HAM के कुछ नेताओं की ओर से की जा रही व्यक्तिगत टिप्पणियों पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। निशांत मिश्रा ने अपने पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध होना स्वाभाविक है। अलग-अलग दलों और नेताओं के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक असहमति का केंद्र मुद्दे, नीतियां और विचार होने चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब किसी राजनीतिक मुद्दे पर उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो जाएं, तो इससे बहस का मूल विषय पीछे छूट जाता है। निशांत मिश्रा ने बिहार की जनता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है। अपने बयान में उन्होंने HAM नेताओं से सीधे तौर पर कहा कि उनके नेता से जुड़े सवालों का जवाब व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय मुद्दों के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राजनीति को व्यक्तिगत हमलों तक सीमित करने के बजाय जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी चाहिए। यह विवाद बिहार की राजनीति में दलित और महादलित से जुड़े मुद्दों पर नेताओं के बीच सामने आए मतभेदों के बाद चर्चा में आया है। इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग नेताओं की ओर से बयान सामने आए हैं और अब यह मामला राजनीतिक बयानबाजी का रूप लेता दिखाई दे रहा है। निशांत मिश्रा के मुताबिक, राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन जनता के सामने उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब और नीतिगत चर्चा ज्यादा महत्वपूर्ण है। अब नजर इस बात पर है कि HAM और उसके नेताओं की ओर से निशांत मिश्रा की इस प्रतिक्रिया पर क्या जवाब सामने आता है। बिहार में चुनावी राजनीति के बीच इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।