BIHAR NEWS: 24 नवंबर को होगा ‘सुशासन दिवस-नीतीश संवाद’, जेडीयू ने तैयारियों पर की बैठक

सुशासन दिवस-नीतीश संवाद पटना: बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) आगामी 24 नवंबर को प्रस्तावित ‘सुशासन दिवस-नीतीश संवाद’ कार्यक्रम की तैयारियों में जुट गया है। इसी सिलसिले में पटना स्थित जेडीयू कार्यालय के कर्पूरी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों और इसे सफल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार की नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके कार्यों को जनता तक पहुंचाना है। इसके साथ ही जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित कर सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों के बारे में जानकारी साझा करने पर जोर दिया जाएगा। 24 नवंबर की तारीख का क्या है महत्व? जेडीयू की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। पार्टी इसी तारीख को केंद्र में रखकर ‘सुशासन दिवस-नीतीश संवाद’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। नीतीश कुमार के राजनीतिक कार्यकाल में ‘न्याय के साथ विकास’ और ‘सुशासन’ प्रमुख नारों एवं नीतिगत प्राथमिकताओं के रूप में सामने रहे हैं। जेडीयू इस कार्यक्रम के माध्यम से उनके कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को लोगों के बीच रखने की तैयारी कर रहा है। बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद पटना के कर्पूरी सभागार में आयोजित इस बैठक में जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, मंत्री लेशी सिंह, श्वेता गुप्ता, विधान परिषद में पार्टी के उपनेता ललन कुमार सर्राफ तथा मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान 24 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों और उसकी सफलता सुनिश्चित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। जनता से संवाद पर रहेगा फोकस ‘सुशासन दिवस-नीतीश संवाद’ को लेकर जेडीयू का जोर नीतीश कुमार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर है। कार्यक्रम के जरिए पार्टी जनता के साथ संवाद स्थापित करने और अपने विकास संबंधी कार्यों को सामने रखने की तैयारी कर रही है। अब सभी की नजर 24 नवंबर को प्रस्तावित इस कार्यक्रम पर है। इसकी तैयारियों को लेकर हुई बैठक से स्पष्ट है कि जेडीयू इसे व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि, कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी सामने आने के बाद इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

करवा चौथ कार्यक्रम में शामिल हुईं दिल्ली की CM रेखा गुप्ता, महिलाओं के साथ मनाया त्योहार

नई दिल्ली CM रेखा गुप्ता करवा चौथ कार्यक्रम: देशभर में करवा चौथ का त्योहार उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित करवा चौथ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उनकी इस कार्यक्रम में उपस्थिति ने त्योहार के उत्साह और सांस्कृतिक परंपराओं को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। करवा चौथ भारत के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास रखने के बाद महिलाएं शाम को पूजा-अर्चना करती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। इस पर्व पर महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिलता है। दिल्ली में आयोजित हुआ करवा चौथ कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी त्योहार के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है। करवा चौथ जैसे अवसर लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ आपसी मेलजोल और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देते हैं। मुख्य बातें: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करवा चौथ कार्यक्रम में शामिल हुईं। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किया गया। करवा चौथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। भारतीय संस्कृति में करवा चौथ का विशेष महत्व करवा चौथ केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक रिश्तों, विश्वास और सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं और पूजा की तैयारियों में भाग लेती हैं। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भागीदारी त्योहार के अवसर पर आयोजित सामाजिक गतिविधियों का हिस्सा रही। ऐसे आयोजन लोगों को एक साथ आने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। करवा चौथ के मौके पर दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में उत्सव का माहौल देखने को मिलता है। बाजारों में पूजा सामग्री, कपड़ों, आभूषणों और श्रृंगार के सामान की खरीदारी भी त्योहार की रौनक बढ़ाती है। निष्कर्ष: दिल्ली में करवा चौथ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति ने इस पारंपरिक पर्व से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों को रेखांकित किया। यह त्योहार भारतीय समाज में परंपराओं और पारिवारिक रिश्तों के महत्व को दर्शाता है। नोट: कार्यक्रम में दिए गए किसी भाषण, घोषणा या विशेष गतिविधि का विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण लेख में ऐसे अपुष्ट दावे शामिल नहीं किए गए हैं।

Operation Sindoor: आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प मजबूत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

नई दिल्ली Operation Sindoor: भारत ने आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के अपने संकल्प को एक बार फिर दोहराया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई केवल विचारों और सिद्धांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि दशकों के जमीनी अनुभव और सफल अभियानों से मजबूत हुई है। रक्षा मंत्री के इस बयान में Operation Sindoor का भी उल्लेख किया गया, जिसे उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। उनके मुताबिक, इस अभियान ने आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाने और राज्य प्रायोजित आतंकवाद (State-Sponsored Terrorism) के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दुनिया के सामने रखा। Operation Sindoor से दुनिया को मिला कड़ा संदेश राजनाथ सिंह के बयान के अनुसार, Operation Sindoor ने आतंकवादी ढांचे के खिलाफ भारत की कार्रवाई और आतंकवाद के प्रति उसकी जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया। भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानता रहा है। भारत का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करना है। इस दिशा में सुरक्षा एजेंसियां और सशस्त्र बल अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में State-Sponsored Terrorism यानी राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प पर जोर दिया। भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार नेटवर्क पर कार्रवाई की वकालत करता रहा है। आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई राजनाथ सिंह के बयान से स्पष्ट है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अपने रुख को लेकर दृढ़ है। Operation Sindoor को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति के महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में पेश किया गया है। भारत का संदेश है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा, सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहम भूमिका है। आतंकवादी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए भारत अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा। नोट: यह खबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उपलब्ध कराए गए बयान के आधार पर तैयार की गई है।

Bihar Winter Session 2026: बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से, पांच दिनों तक चलेगी सदन की कार्यवाही

बिहार विधानमंडल शीतकालीन सत्र 2026 : बिहार की राजनीति में नवंबर का आखिरी दिन महत्वपूर्ण होने जा रहा है। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर 2026 से शुरू होगा। यह सत्र 4 दिसंबर तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में बिहार विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सत्र बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। बिहार विधानमंडल के इस शीतकालीन सत्र पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजरें रहेंगी। सत्र के दौरान राज्य सरकार अपने विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष को भी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछने और जवाब मांगने का मौका मिलेगा। बिहार विधानमंडल शीतकालीन सत्र में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र राज्य की राजनीति और सरकार के कामकाज के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पांच दिनों की कार्यवाही में विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है। सरकार की ओर से विधेयक और अन्य सरकारी कार्य भी सदन के पटल पर रखे जा सकते हैं। हालांकि, सत्र के दौरान कौन-कौन से विधेयक पेश होंगे और किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। सरकार को घेरने की तैयारी में रह सकता है विपक्ष शीतकालीन सत्र में विपक्ष जनहित से जुड़े सवालों को उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर सदन में चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, राज्य में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकारी नीतियों को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। दूसरी ओर, सरकार को अपनी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों का पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है। विधान परिषद चुनाव के बाद दिखेंगे नए चेहरे हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद शीतकालीन सत्र में कुछ नए निर्वाचित सदस्य भी नजर आ सकते हैं। इन सदस्यों के लिए अपने क्षेत्र की समस्याओं और मतदाताओं से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का अवसर होगा। सम्राट चौधरी सरकार के लिए अहम होगा सत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए भी यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले जुलाई में पांच दिवसीय मानसून सत्र आयोजित किया गया था। अब शीतकालीन सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष की रणनीति पर सबकी नजर रहेगी। कुल मिलाकर, 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक चलने वाला बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र पांच दिनों का होगा, लेकिन इस दौरान होने वाली चर्चाएं राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा होती है और सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह जवाब देती है।

SIR Bihar: बैलेट से चुनाव के बाद भी कांग्रेस की हार पर संजय जायसवाल का राहुल गांधी पर हमला

SIR Bihar पटना:  बिहार में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चुनावी हार और मतदाता सूची में अपात्र नामों को बनाए रखने के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, तो चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का क्या औचित्य है? संजय जायसवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। SIR Bihar का मुद्दा राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राहुल गांधी पर संजय जायसवाल का निशाना बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव होने के बावजूद कांग्रेस जीत हासिल नहीं कर पाई। उनके बयान का मुख्य केंद्र चुनाव में हार के कारणों और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर था। जायसवाल ने मतदाता सूची में अपात्र लोगों के नाम बने रहने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए अपात्र नामों की पहचान जरूरी है। इस मुद्दे पर उनका बयान कांग्रेस की चुनावी रणनीति और मतदाता सूची को लेकर पार्टी के रुख पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। मतदाता सूची में अपात्र नामों पर बहस बिहार में SIR प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल अपनी राय रख रहे हैं। एक ओर मतदाता सूची को दुरुस्त करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और इसके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठा रहा है। मतदाता सूची में अपात्र नामों को हटाने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने के बीच संतुलन बनाए रखना इस बहस का अहम पहलू है। किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलती से नहीं हटना चाहिए और सूची में सही जानकारी सुनिश्चित होनी चाहिए। बिहार की राजनीति में SIR बना बड़ा मुद्दा संजय जायसवाल के बयान के बाद SIR Bihar को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी सांसद ने चुनावी हार का जिक्र किया, जबकि मतदाता सूची की शुद्धता का सवाल भी चर्चा में बना हुआ है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देती है और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी बहस आगे क्या रुख लेती है।

PATNA NEWS: Patna Graduate MLC Election Result: ललन सिंह पर भड़के नीरज कुमार, बोले- बधाई देने के लिए कॉल नहीं करूंगा

पटना ग्रेजुएट MLC : चुनाव परिणामपटना ग्रेजुएट एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। चुनाव परिणाम को लेकर जेडीयू नेता नीरज कुमार के बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। ललन सिंह को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि वह उन्हें बधाई देने के लिए फोन नहीं करेंगे। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है। ललन सिंह को बधाई देने के सवाल पर क्या बोले नीरज कुमार? पटना ग्रेजुएट एमएलसी चुनाव के परिणाम के बाद जब नीरज कुमार से ललन सिंह को बधाई देने के संबंध में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया। नीरज कुमार ने कहा, “सवाल ही पैदा नहीं होता है, मैं ललन सिंह को बधाई लेने के लिए कॉल नहीं करूंगा।” उनके इस बयान से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, इस बयान के आधार पर किसी व्यक्तिगत विवाद या मतभेद के कारणों को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। चुनाव परिणाम के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा बिहार में चुनाव परिणामों के बाद नेताओं की प्रतिक्रियाएं अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाती हैं। पटना ग्रेजुएट एमएलसी चुनाव के बाद नीरज कुमार का यह बयान भी इसी कड़ी में चर्चा का विषय बन गया है। उनके स्पष्ट रुख ने ललन सिंह को लेकर पूछे जा रहे सवाल को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से ऐसे बयान नेताओं के आपसी संबंधों और पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर अटकलों को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित नेताओं के अन्य बयानों और आधिकारिक प्रतिक्रियाओं को देखना जरूरी है। बिहार की राजनीति में बयान पर रहेगी नजर पटना ग्रेजुएट एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद अब नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है। नीरज कुमार का ललन सिंह को बधाई देने के लिए फोन नहीं करने वाला बयान आने वाले दिनों में भी चर्चा में रह सकता है। फिलहाल, इस बयान का राजनीतिक असर क्या होगा और इस पर ललन सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

OPPO Find X10 Series Launch: ट्रिपल 200MP कैमरा, 4K HDR वीडियो और ColorOS 17 के साथ दमदार एंट्री

OPPO Find X10 Series: स्मार्टफोन की दुनिया में OPPO ने अपनी नई Find X10 Series के साथ प्रीमियम सेगमेंट में नई पेशकश की है। कंपनी की इस सीरीज में शानदार कैमरा टेक्नोलॉजी, हाई-क्वालिटी वीडियो रिकॉर्डिंग और नए ColorOS 17 ऑपरेटिंग सिस्टम पर खास फोकस किया गया है। OPPO का लक्ष्य यूजर्स को ऐसी तकनीक देना है, जिससे वे अपनी रोजमर्रा की यादों को बेहतर तस्वीरों और वीडियो के रूप में सहेज सकें। ट्रिपल 200MP कैमरा सिस्टम बना खास आकर्षण OPPO Find X10 Series की सबसे बड़ी खासियत इसका कैमरा सिस्टम है। Find X10 Pro Max में ट्रिपल 200MP रियर कैमरा सिस्टम दिया गया है, जबकि स्टैंडर्ड Find X10 में डुअल 200MP कैमरा सिस्टम मिलता है। कंपनी ने कैमरा सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए Hasselblad के साथ मिलकर काम किया है। इस तकनीक का उद्देश्य तस्वीरों में बारीक डिटेल, प्राकृतिक रंग और रोशनी व छाया के बीच बेहतर संतुलन देना है। इससे यूजर्स को लैंडस्केप, पोर्ट्रेट और दूर की चीजों की तस्वीरें लेने में मदद मिल सकती है। 4K HDR वीडियो रिकॉर्डिंग पर खास ध्यान नई सीरीज में वीडियो रिकॉर्डिंग को भी बेहतर बनाया गया है। OPPO Find X10 Series में 4K वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ एडवांस वीडियो फीचर्स दिए गए हैं। Pro Max मॉडल में तीनों रियर कैमरों से 4K 60fps, 4K 120fps और 8K 30fps तक रिकॉर्डिंग का सपोर्ट मिलता है। ये फीचर्स उन यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जो सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाते हैं या मोबाइल से ही प्रोफेशनल कंटेंट तैयार करना चाहते हैं। ColorOS 17 से मिलेगा नया अनुभव ColorOS 17 इस सीरीज का एक और प्रमुख आकर्षण है। नए ऑपरेटिंग सिस्टम में बेहतर एनिमेशन, स्मूद इंटरफेस और AI आधारित सुविधाओं पर जोर दिया गया है। इसमें AI की मदद से फोटो एडिटिंग और फोन में मौजूद फाइलों व जानकारियों के साथ काम करने जैसे फीचर्स भी शामिल हैं। डिजाइन और परफॉर्मेंस पर भी फोकस OPPO ने Find X10 Series में प्रीमियम डिजाइन, बेहतर डिस्प्ले और बड़ी बैटरी जैसी खूबियों को भी शामिल किया है। कंपनी के अनुसार, दोनों मॉडल में 8,000mAh की बैटरी दी गई है, हालांकि अलग-अलग बाजारों में इसकी क्षमता और उपलब्धता में अंतर हो सकता है। कुल मिलाकर, OPPO Find X10 Series कैमरा, वीडियो क्रिएशन और स्मार्ट सॉफ्टवेयर अनुभव को प्राथमिकता देने वाले यूजर्स के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर सामने आई है। इसकी वास्तविक उपयोगिता का आकलन कीमत, उपलब्धता और रोजमर्रा के प्रदर्शन के आधार पर किया जा सकता है।

करवा चौथ पर सोना-चांदी हुआ सस्ता, चांदी ₹1,055 टूटी; जानें 22, 24 और 18 कैरेट के ताजा भाव

करवा चौथ गोल्ड रेट 2026: करवा चौथ के मौके पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। त्योहार के दौरान आभूषण खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार के ताजा भाव अहम हैं। 29 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमत में 1,055 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद चांदी 1,93,270 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। वहीं, सोने की कीमतों में भी हल्की गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत में ₹1,055 की गिरावट वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है। MCX पर चांदी 1,055 रुपये टूटकर 1,93,270 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हालांकि, सोने की कीमतों में गिरावट अपेक्षाकृत हल्की रही। बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख, डॉलर की चाल और निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। सोने के भाव में भी आई नरमी करवा चौथ के अवसर पर सोने की खरीदारी करने वालों की नजर 22 कैरेट, 24 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव पर बनी हुई है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर आभूषण बनाने में किया जाता है। वहीं, 18 कैरेट सोने का उपयोग भी विभिन्न प्रकार की ज्वेलरी बनाने में होता है। सोने की कीमत शहर, शुद्धता और स्थानीय सर्राफा बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आभूषण खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में अलग-अलग हैं भाव दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और देश के अन्य प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। इसकी वजह स्थानीय बाजार की परिस्थितियां, परिवहन लागत और अन्य शुल्क हो सकते हैं। इसके अलावा, आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को मेकिंग चार्ज और लागू GST का भी ध्यान रखना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की तेजी, जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ सकता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमतों की चाल हमेशा एक जैसी नहीं होती। निष्कर्ष: करवा चौथ पर सोने में हल्की नरमी और चांदी में 1,055 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव, सोने की शुद्धता और ज्वेलरी पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की जांच जरूर करें। 29 अक्टूबर 2026: प्रमुख शहरों में सोने के भाव शहर 24 कैरेट (10 ग्राम) 22 कैरेट (10 ग्राम) दिल्ली ₹1,43,490 ₹1,31,533 मुंबई ₹1,43,740 ₹1,31,762 चेन्नई ₹1,44,160 ₹1,32,147 कोलकाता ₹1,43,550 ₹1,31,588 पटना ₹1,44,010 ₹1,32,010

चलो दिल्ली मार्च: 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटने की अपील, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का दिया संदेश

चलो दिल्ली मार्च नई दिल्ली: देश में लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘चलो दिल्ली’ मार्च आयोजित करने की अपील की गई है। इस मार्च को लेकर जारी संदेश में इसे किसी एक राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया गया है। मार्च के आयोजकों की ओर से लोगों, युवाओं और छात्र संगठनों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। संदेश में खास तौर पर लोकतंत्र की रक्षा, वोट चोरी के आरोपों और संविधान की सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाया गया है। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पर जोर मार्च के लिए जारी अपील में कहा गया है कि यह प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन लोगों को एक मंच पर लाना है, जो लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े सवालों को महत्वपूर्ण मानते हैं। संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए उनके प्रति असंतोष रखने वाले लोगों से भी मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया है। छात्र संगठनों से भी शामिल होने की अपील इस अभियान के संदेश में सभी छात्र संगठनों से राजनीतिक विचारधारा की परवाह किए बिना भाग लेने की अपील की गई है। इसमें कहा गया है कि यदि किसी को लगता है कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विचारों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हैं, तो वह इस मार्च में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकता है। अपील में प्रदर्शनकारियों से पुलिस या संभावित लाठीचार्ज को लेकर भयभीत न होने की बात भी कही गई है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की ओर से संभावित कार्रवाई को लेकर किसी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण इस संदेश में नहीं दिया गया है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटने का आह्वान ‘चलो दिल्ली’ मार्च के लिए 1 नवंबर, स्थान रामलीला मैदान, नई दिल्ली बताया गया है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे संदेश में इसे देश के लोकतांत्रिक भविष्य और संविधान से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का अवसर बताया गया है। फिलहाल, मार्च में कितने लोग शामिल होंगे और प्रशासन की ओर से क्या व्यवस्था की जाएगी, इसकी जानकारी उपलब्ध संदेश में नहीं दी गई है। कार्यक्रम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और प्रशासनिक निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी होगा। कार्यक्रम का विवरण: कार्यक्रम: चलो दिल्ली मार्च तारीख: 1 नवंबर स्थान: रामलीला मैदान, नई दिल्ली मुख्य मुद्दे: लोकतंत्र, संविधान की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल #ChaloDilli

Obsession Hindi Version: वरुण धवन और कृति सेनन की आवाज में रिलीज होगी हॉलीवुड फिल्म, 30 अक्टूबर से JioHotstar पर देखें

Obsession Hindi Version: हॉलीवुड फिल्मों के शौकीनों के लिए एक दिलचस्प खबर सामने आई है। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन और कृति सेनन हॉलीवुड फिल्म ‘Obsession’ के हिंदी डब वर्जन में अपनी आवाज देते नजर आएंगे। इस फिल्म के हिंदी संस्करण को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। फिल्म के नए प्रमोशनल वीडियो में दोनों कलाकारों की वॉइस परफॉर्मेंस की झलक भी देखने को मिली है। वरुण धवन और कृति सेनन निभाएंगे अहम किरदारों की वॉइस फिल्म ‘Obsession’ के हिंदी डब वर्जन में वरुण धवन ने Bear के किरदार को अपनी आवाज दी है, जबकि कृति सेनन Nikki के किरदार की हिंदी आवाज बनी हैं। दोनों कलाकारों की आवाज के जरिए फिल्म को हिंदी भाषी दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस खास प्रमोशनल वीडियो का निर्देशन अमर कौशिक ने किया है। वीडियो में वरुण धवन और कृति सेनन की वॉइस परफॉर्मेंस की झलक दिखाई गई है, जिससे फिल्म के हिंदी संस्करण को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। 30 अक्टूबर से JioHotstar पर देख सकेंगे फिल्म ‘Obsession’ का हिंदी और अंग्रेजी संस्करण 30 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजे से JioHotstar पर उपलब्ध होगा। दर्शक अपनी पसंद की भाषा में फिल्म देखने का विकल्प चुन सकेंगे। फिल्म के हिंदी संस्करण में बॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकारों की आवाज सुनने का मौका मिलेगा। इससे उन दर्शकों के लिए फिल्म देखना आसान और मनोरंजक हो सकता है, जो हिंदी में हॉलीवुड कंटेंट देखना पसंद करते हैं। हिंदी दर्शकों के लिए खास है यह रिलीज भारत में हिंदी डब फिल्मों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। ऐसे में वरुण धवन और कृति सेनन जैसे चर्चित सितारों का किसी हॉलीवुड फिल्म के हिंदी संस्करण से जुड़ना दर्शकों का ध्यान खींच सकता है। दोनों कलाकारों की फैन फॉलोइंग को देखते हुए फिल्म के प्रमोशन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिल्म की कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया को लेकर अंतिम तस्वीर रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगी। कब और कहां देखें? फिल्म: Obsession हिंदी आवाजें: वरुण धवन और कृति सेनन निर्देशक (प्रमोशनल वीडियो): अमर कौशिक रिलीज की तारीख: 30 अक्टूबर 2026 समय: शाम 7 बजे से OTT प्लेटफॉर्म: JioHotstar भाषाएं: हिंदी और अंग्रेजी अब दर्शक 30 अक्टूबर से JioHotstar पर ‘Obsession’ का हिंदी संस्करण देख सकेंगे।