लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में सरकारी सेवाओं में नियुक्ति पाने वाले युवाओं के लिए सोमवार को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं, कानून व्यवस्था और गरीबों को मिल रही सरकारी सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के करीब 16 करोड़ लोगों को किसी का चेहरा देखकर राशन नहीं दिया जाता, बल्कि पात्रता के आधार पर लाभ दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को उसका हक मिलना चाहिए और सरकार इसी व्यवस्था के तहत काम कर रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश के कई जिलों में अराजकता का माहौल था और माफिया का प्रभाव बना हुआ था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस दौर में माफिया की समानांतर सरकार चलने की स्थिति थी और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता रहती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक प्रदेश अब कर्फ्यू, दंगा, माफिया और उपद्रव जैसी स्थितियों से मुक्त है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और आम नागरिक को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाने की बात कही। ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में इन अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की अपेक्षा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को सरकारी सेवा में मिली नई जिम्मेदारी को जनता की सेवा से जोड़ते हुए कार्य करने का संदेश दिया।