नई दिल्ली: दिल्ली में CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन जब प्रदर्शन के दौरान हिंसा होती है और पुलिस पर पथराव किया जाता है, तब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हिंसा पर क्या बोले रामदास अठावले?
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के मुताबिक, इससे पहले भी CJP की ओर से जंतर-मंतर पर आंदोलन किया गया था। उन्होंने कहा कि जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, तब तक पुलिस ने विरोध नहीं किया। हालांकि, उनके दावे के अनुसार, बाद में संसद भवन की ओर रैली निकालने के दौरान हिंसा हुई और पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
अठावले ने कहा कि किसी भी आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विरोध-प्रदर्शनों के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर क्या है स्थिति?
रामदास अठावले ने बताया कि CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आंदोलन का ऐलान किया गया था। उनके बयान के अनुसार, पुलिस ने फिलहाल जंतर-मंतर पर किसी भी संगठन को आंदोलन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अब तक कुल 150 लोगों को पकड़ा गया है। हालांकि, इन लोगों की हिरासत या गिरफ्तारी से जुड़ी आधिकारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
कांग्रेस सरकार का भी किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी कई आंदोलन किए हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस की सरकार के समय भी प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई होती थी। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य दायित्व आम जनता की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना है।
CJP के इस्तीफे की मांग पर उठाए सवाल
रामदास अठावले ने CJP के गठन और उसकी मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि इस पार्टी का गठन NEET पेपर लीक मामले के विरोध में हुआ था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है। ऐसे में अब हर व्यक्ति का इस्तीफा मांगने की आवश्यकता उन्हें नहीं लगती।
फिलहाल, CJP के प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।