चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने राजवीर घुम्मन को CBI की ओर से नोटिस दिए जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) की कार्यशैली को एक जैसा बताते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए। परगट सिंह ने कहा कि मौजूदा हालात में जांच एजेंसियों की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उचित नहीं बताया।
राजवीर घुम्मन को CBI नोटिस पर क्या बोले परगट सिंह?
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा, आम आदमी पार्टी की ‘बी टीम’ की तरह काम कर रही है। उनके मुताबिक, दोनों दलों की कार्यशैली में समानता दिखाई देती है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
परगट सिंह ने दावा किया कि पहले जांच एजेंसियों की ओर से छापेमारी की जाती है, लेकिन बाद में कई मामलों में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आता। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में ऐसे मामलों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया। उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
प्रदर्शन के दौरान ट्रेन और इंटरनेट बंद करने पर भी उठाए सवाल
परगट सिंह ने प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान ट्रेन सेवाएं और इंटरनेट बंद कर दिए गए। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा घबराई हुई है और इस तरह के कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं हैं।
उनके बयान के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शनों के दौरान परिवहन और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने से आम लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, ट्रेन और इंटरनेट सेवाओं को बंद किए जाने के कारण, अवधि और प्रशासनिक आदेशों के बारे में इस बयान में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
लोकतंत्र और जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर बहस
परगट सिंह के इस बयान के बाद CBI नोटिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। कांग्रेस नेता ने अपने बयान के जरिए भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, राजवीर घुम्मन को जारी CBI नोटिस के पीछे का विस्तृत कारण और इस मामले में जांच एजेंसी का पक्ष सामने आना जरूरी है। वहीं, परगट सिंह के आरोपों पर भाजपा की प्रतिक्रिया भी मामले को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।