पीएम मोदी ने तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं को बताया विद्यार्थियों के लिए अहम, तिरुक्कुरल का किया जिक्र

पीएम मोदी तिरुवल्लुवर:चेन्नई, तमिलनाडु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा, भारतीय संस्कृति और महान संत तिरुवल्लुवर की शिक्षाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में लगातार सीखते रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि तिरुवल्लुवर की विचारधारा आज भी लोगों का मार्गदर्शन करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस विशेष अवसर पर महान संत तिरुवल्लुवर को याद करना जरूरी है। उनकी शिक्षाएं विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे जीवन को बेहतर ढंग से समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने तिरुवल्लुवर की रचनाओं को ज्ञान और जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण स्रोत बताया।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन को भेंट किया था तिरुक्कुरल का अनुवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान तिरुक्कुरल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट करने का अवसर मिला था। इस प्रसंग के जरिए उन्होंने भारतीय साहित्य और दर्शन की व्यापक उपयोगिता को रेखांकित किया।

पीएम मोदी के अनुसार, तिरुक्कुरल केवल एक साहित्यिक रचना नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों के लिए मार्गदर्शक की तरह है, जो जीवनभर कुछ नया सीखने और अपने ज्ञान को बढ़ाने की इच्छा रखते हैं। इसकी शिक्षाएं व्यक्ति को जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने तथा अपने विचारों और व्यवहार को बेहतर बनाने की प्रेरणा देती हैं।

शिक्षा के साथ संस्कारों का भी महत्व

जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह का अवसर विद्यालय की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों को याद करने का भी रहा। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर विचार करने का अवसर देते हैं।

प्रधानमंत्री के संबोधन में भारतीय परंपरा, साहित्य और ज्ञान की विरासत का विशेष उल्लेख रहा। तिरुवल्लुवर जैसे महान विचारकों की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भारतीय संस्कृति से जुड़ाव मजबूत करने का एक माध्यम है।

आज के बदलते दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा, जिम्मेदारी और जीवनभर सीखते रहने की भावना विकसित करना भी है। तिरुक्कुरल की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने इसी व्यापक दृष्टिकोण को सामने रखा।

चेन्नई में आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री का संदेश भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच संबंध को रेखांकित करता है। उनके संबोधन का मुख्य संदेश यही रहा कि महान विचारकों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर विद्यार्थी अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ सकते हैं।

 

Latest