दिल्ली में SIR प्रक्रिया:
नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उन्होंने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने और जरूरी सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया का लाभ उठाएं।
30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से संबंधित मामलों की जांच और समाधान किया जा रहा है। जिन लोगों को मतदाता सूची में अपना नाम, विवरण या पंजीकरण से जुड़ी कोई समस्या है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने पात्र मतदाताओं से विशेष रूप से अपील की कि वे मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरें। इसका उद्देश्य उन योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद करना है, जो अब तक पंजीकरण नहीं करा पाए हैं।
33 लाख मामलों में मिली थी गड़बड़ी
अशोक कुमार ने बताया कि 16 जून तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में लगभग 1.45 करोड़ मतदाता थे। निर्वाचन विभाग को इनमें से करीब 97 लाख गणना फॉर्म प्राप्त हुए। इन्हीं फॉर्मों के आधार पर मतदाता सूची का प्रारूप तैयार किया गया।
उन्होंने कहा कि लगभग 33 लाख मामलों में विसंगतियां सामने आईं या संबंधित मतदाताओं का रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के तहत मैप नहीं हो सका। ऐसे मामलों की जांच और समाधान के लिए विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है।
24 लाख मामलों का समाधान, बाकी पर काम जारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, सामने आई विसंगतियों में से लगभग 24 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। शेष मामलों को भी अगले 10 दिनों में सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र मतदाता को SIR प्रक्रिया के दौरान परेशानी होती है, तो उसकी शिकायत के समाधान के लिए व्यवस्था मौजूद है। ऐसे नागरिक संबंधित माध्यम से अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं।
मतदाता सूची में नाम जांचना जरूरी
SIR प्रक्रिया के बीच पात्र नागरिकों के लिए अपनी मतदाता सूची संबंधी जानकारी की जांच करना महत्वपूर्ण है। समयसीमा के भीतर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने तथा जरूरत पड़ने पर फॉर्म-6 भरने से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।
मुख्य बात: दिल्ली में SIR प्रक्रिया के तहत करीब 24 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों को निपटाने की कवायद जारी है। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर बताई गई है।