चिराग पासवान के यूपी चुनाव लड़ने के ऐलान पर बोले संजय सरावगी, कहा- हर दल का विस्तार करना नेताओं का उद्देश्य

बांका, बिहार: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान की ओर से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को मैदान में उतारने के संकेत के बाद बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। इसको लेकर बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रतिक्रिया दी है। बांका में पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में भी एनडीए की सरकार चल रही है और उत्तर प्रदेश में भी एनडीए की सरकार है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथ-साथ हर राजनीतिक दल का अपना संगठन और राजनीतिक आधार बढ़ाने का प्रयास रहता है। संजय सरावगी ने कहा कि अलग-अलग दलों के नेताओं का उद्देश्य अपने संगठन का विस्तार करना होता है। ऐसे में चिराग पासवान की ओर से उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने की बात को इसी राजनीतिक विस्तार के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है। चिराग पासवान की पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, चुनाव में पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और इसका अंतिम स्वरूप क्या होगा, इस पर अभी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बिहार में भाजपा और चिराग पासवान की पार्टी एनडीए का हिस्सा हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में संभावित चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है।
यूपी चुनाव को लेकर सपा की तैयारी तेज, जिया उर रहमान बर्क बोले- गठबंधन पर फैसला अखिलेश यादव करेंगे

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने चुनावी रणनीति और विपक्षी गठबंधन को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी मजबूती से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि SIR के मुद्दे, चुनाव में कथित अनियमितताओं और दूसरे जनसरोकार से जुड़े विषयों को लेकर समाजवादी पार्टी ने सड़क से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि पार्टी का फोकस जनता से जुड़े मुद्दों पर है और इन्हें राजनीतिक स्तर पर मजबूती से उठाया जाता रहेगा। गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा सांसद ने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता अखिलेश यादव करेंगे। वहीं, कांग्रेस की ओर से गठबंधन से जुड़े फैसले राहुल गांधी करेंगे। उन्होंने दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से ऐसे बयानों से बचने की अपील की, जिससे विपक्षी एकता प्रभावित हो और भाजपा को राजनीतिक फायदा उठाने का मौका मिले। बर्क ने कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी की इच्छा है कि विपक्षी दल गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ें और सरकार बनाने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि गठबंधन के माध्यम से चुनाव लड़ने को लेकर समाजवादी पार्टी सकारात्मक रुख रखती है। सपा सांसद ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में भी अपनी राजनीतिक ताकत के साथ मैदान में उतर सकती है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की प्राथमिकता गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ना है। उनके बयान से साफ है कि उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन, सीटों के बंटवारे और नेताओं के बीच समन्वय का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहने वाला है। हालांकि, गठबंधन का अंतिम स्वरूप और सीट बंटवारे पर फैसला संबंधित दलों के नेतृत्व की बातचीत के बाद ही सामने आएगा।