एशियाई खेल 2026: गोल्ड जीतकर लौटी भारतीय कबड्डी टीम का दिल्ली में जोरदार स्वागत

दिल्ली: एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम के स्वदेश लौटने पर नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर टीम के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। भारतीय खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी साफ नजर आई। स्वर्ण पदक जीतने के बाद टीम के एक सदस्य ने कहा कि पूरी टीम ने प्रतियोगिता के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना बेहद गर्व और खुशी का पल है। खिलाड़ी ने भारतीय सेना की ओर से किए गए स्वागत पर भी खुशी जताई और इसे अपने लिए खास अनुभव बताया। टीम की इस उपलब्धि के बाद भारतीय खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया और एशियाई खेलों में भारत की पदक तालिका में अहम योगदान दिया। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। भारतीय कबड्डी टीम की इस जीत को देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

सोनाली शिंगाटे की मेहनत ने दिलाया एशियन गेम्स में गोल्ड, कोच ने जताया गर्व

मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय कबड्डी टीम की खिलाड़ी सोनाली शिंगाटे ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस सफलता के बाद सोनाली के कोच राजेश पाडवे ने उनकी मेहनत और संघर्ष को याद करते हुए खुशी जताई है। राजेश पाडवे ने कहा कि महिला कबड्डी टीम का एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में स्वर्ण पदक के बाद अब महिला कबड्डी टीम की इस उपलब्धि ने भारतीय खेलों के लिए एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। उन्होंने पूरी टीम को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। सोनाली शिंगाटे के सफर को याद करते हुए उनके कोच ने बताया कि एशियन गेम्स से पहले उन्हें चोट का सामना करना पड़ा था। उस समय सोनाली के सामने सबसे बड़ी चुनौती फिटनेस और अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर उतरने की थी। कोच के मुताबिक, उन्होंने सोनाली को समझाया था कि चोट बहुत गंभीर नहीं है और वह प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हैं। हालांकि, सोनाली ने अपनी स्थिति को देखते हुए साफ कहा था कि वह उस समय अपना 100 प्रतिशत प्रदर्शन नहीं दे पाएंगी। उनका मानना था कि ऐसी स्थिति में घर लौटकर अगली प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार करना बेहतर होगा। सोनाली ने उस समय हार मानने के बजाय भविष्य के लिए लक्ष्य तय किया। उन्होंने अपने कोच से कहा था कि वह कड़ी मेहनत करेंगी और अगले एशियन गेम्स में भारतीय टीम के लिए खेलेंगी। इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत की और दोबारा भारतीय टीम में जगह बनाने में सफलता हासिल की। आज सोनाली का वही संकल्प एक बड़ी उपलब्धि में बदल चुका है। भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। कोच राजेश पाडवे ने कहा कि सोनाली की मेहनत, धैर्य और वापसी को देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। यह सफलता उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो चोट या मुश्किल दौर के बाद दोबारा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं।