आयुष्मान खुराना का संदेश- अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही ग्लोबल पहचान बनाएं

मुंबई, महाराष्ट्र: अभिनेता आयुष्मान खुराना ने FICCI FRAMES के 26वें संस्करण में भारतीय सिनेमा और कलाकारों की वैश्विक पहचान को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे जरूरी है कि कलाकार अपनी पहचान और मूल से जुड़े रहें। आयुष्मान खुराना के मुताबिक, ‘स्टे ऑथेंटिक’ यानी अपनी वास्तविक पहचान को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता है और इसी विविधता को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ा रहता है, तो उसके लिए वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाना आसान हो सकता है। उनके अनुसार, भारतीय कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री को अपनी स्थानीय कहानियों, संस्कृति और अनुभवों को आत्मविश्वास के साथ दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखना चाहिए। आयुष्मान ने यह भी कहा कि आगे बढ़ने और बेहतर करने की कोशिश हमेशा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने आकांक्षा और निरंतर प्रयास को सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। FICCI FRAMES के मंच से आयुष्मान खुराना का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब भारतीय मनोरंजन उद्योग की पहुंच लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। भारतीय फिल्मों, कलाकारों और कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।