NEW DELHI:तिरंगा फहराने पर जेल? अभिजीत दीपके ने PM मोदी पर साधा निशाना, अंग्रेजों के दौर से की तुलना

अभिजीत दीपके तिरंगा विवादl:नई दिल्ली: दिल्ली में तिरंगा फहराने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजधानी पहुंचकर अशुतोष और सौरव को पांच दिनों की जेल भेजे जाने के मामले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या देश में तिरंगा फहराना अपराध है? दीपके ने इस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। तिरंगा फहराने को लेकर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल अभिजीत दीपके के मुताबिक, अशुतोष और सौरव को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले में पांच दिनों के लिए जेल भेजा गया है। उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर लोगों को जेल क्यों जाना पड़ रहा है। दीपके ने अपने बयान में कहा कि तिरंगा देश की आजादी, सम्मान और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराने को लेकर की गई कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इस मामले को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। अंग्रेजों के शासनकाल से की तुलना CJP संस्थापक ने अपने बयान में ब्रिटिश शासन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को गिरफ्तार किया जाता था और जेल भेजा जाता था। उन्होंने मौजूदा घटनाक्रम की तुलना उसी दौर से करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। दीपके का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके बयान ने राष्ट्रीय ध्वज, नागरिक अधिकारों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को फिर से सामने ला दिया है। मामले में आधिकारिक जानकारी अहम इस पूरे मामले में अशुतोष और सौरव को जेल भेजे जाने की परिस्थितियों, उन पर लगाए गए आरोपों और संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है। केवल बयान के आधार पर कार्रवाई के कानूनी कारणों के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल, अभिजीत दीपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे ब्रिटिश शासनकाल की घटनाओं से जोड़कर देखा है। मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने के लिए संबंधित प्रशासन या पुलिस का पक्ष और अदालत से जुड़े विवरण भी महत्वपूर्ण होंगे।