सारण में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंची राहत सामग्री, जरूरतमंदों को मिला जरूरी सामान

सारण। बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बीच जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से राहत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज सेवा समिति (ट्रस्ट) की ओर से सारण जिले के मेकर प्रखंड अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर गांव में बाढ़ प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस राहत अभियान की जानकारी ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव टीम के चीफ कन्वेनर डॉ. एस. मधुप ने दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान मानव सेवा की भावना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया, ताकि बाढ़ की वजह से परेशान लोगों को तत्काल जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंची राहत सामग्री बाढ़ के कारण गांव के कई परिवारों के सामने भोजन और पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई थी। ऐसे में सेवा समिति की टीम ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर आवश्यक सामग्री का वितरण किया। अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोगों की मदद करने में सक्रिय भूमिका निभाई। राहत सामग्री में मुख्य रूप से पीने का पानी, चना, सत्तू, चावल, खाद्य तेल, सब्जियां, मसाले, ब्रेड, बिस्कुट और चूड़ा समेत अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल रही। टीम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा राहत वितरण अभियान में सनम पटेल, संजय कुमार, अभिषेक कुमार, आशीष, प्रियांशु, विनय, अवधेश और गुड्डू समेत टीम के अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग किया। टीम ने गांव के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। ‘मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म’ इस मौके पर सेवा से जुड़े लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय जरूरतमंदों की सहायता करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राहत अभियान का उद्देश्य केवल सामग्री बांटना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होकर उन्हें भरोसा और सहयोग देना है। मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए चलाया गया यह अभियान बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और सहयोग का माध्यम बना।
निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, लोगों को मिलेगी आंखों की जांच और विशेषज्ञ परामर्श

समस्तीपुर: जिले में लोगों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग (NHRJC) की ओर से बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन पातेपुर खे़सरराही, वार्ड नंबर-02 स्थित चंद्रमोहन कुशवाहा के आवास पर किया जा रहा है। शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। शिविर में लोगों की आंखों की जांच के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की नेत्र संबंधी समस्याओं को लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आयोजन के दौरान निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद की जांच और दृष्टि दोष यानी चश्मे के नंबर की जांच की जाएगी। इसके अलावा बच्चों की दृष्टि और कंप्यूटर नंबर से जुड़ी आंखों की जांच की भी व्यवस्था की गई है। जरूरत के अनुसार मरीजों को आगे के उपचार और ऑपरेशन से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लोगों को आंखों की देखभाल और बेहतर दृष्टि बनाए रखने को लेकर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। आयोजन में समस्तीपुर आई हॉस्पिटल की ओर से सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस निःशुल्क नेत्र जांच शिविर की जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग, छत्तीसगढ़ के राज्य प्रेसिडेंट डॉ. एस. मधुप त्वचा एवं सौंदर्य विशेषज्ञ की ओर से दी गई है। उन्होंने लोगों से शिविर का लाभ उठाने और समय पर अपनी आंखों की जांच कराने की अपील की है। आयोजकों के मुताबिक, समय-समय पर आंखों की जांच कराना जरूरी है, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सके। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए नियमित नेत्र जांच उपयोगी हो सकती है। शिविर की प्रमुख सुविधाएं: 🔹 निःशुल्क आंखों की जांच 🔹 मोतियाबिंद की जांच 🔹 चश्मे के नंबर की जांच 🔹 बच्चों की दृष्टि जांच 🔹 कंप्यूटर नंबर की जांच 🔹 विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श 🔹 जरूरत पड़ने पर उपचार/ऑपरेशन संबंधी मार्गदर्शन स्थान: चंद्रमोहन कुशवाहा जी का आवास, पातेपुर खे़सरराही, वार्ड नंबर-02, समस्तीपुर समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक दिनांक: 7 अक्टूबर 2026, बुधवार