पंजाब में 62 कंपनियों पर टैक्स चोरी का आरोप, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कार्रवाई की दी जानकारी

पंजाब में टैक्स चोरी चंडीगढ़: पंजाब में कथित टैक्स चोरी के मामले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य में टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी और जाली बिलों के जरिए कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मंत्री के मुताबिक, इस मामले में करीब 62 पंजीकृत कंपनियां शामिल पाई गई हैं। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी बिलों से गड़बड़ी का आरोप वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कुछ कंपनियों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में फर्जी बिल तैयार कर कथित तौर पर टैक्स चोरी की जा रही थी। इस मामले में अलग-अलग स्थानों पर कंपनियों के पंजीकरण की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। चीमा के अनुसार, पंजाब में भी इस मामले से जुड़े 25 स्थानों पर पंजीकरण होने की जानकारी मिली है। इन स्थानों से संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, मामले में शामिल कंपनियों और कथित टैक्स चोरी की कुल रकम का विस्तृत ब्योरा उनके इस बयान में सामने नहीं आया है। आरोपियों पर कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में सख्त कदम उठाए गए हैं। उनके मुताबिक, कुछ आरोपियों को जेल भी भेजा गया है और सरकार की ओर से कथित टैक्स चोरी की रकम की वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सरकार की नजर है। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। सरकारी खजाने की सुरक्षा पर जोर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के राजस्व की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टैक्स चोरी के मामलों में जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित कंपनियों के खिलाफ कितनी वित्तीय देनदारी निर्धारित होती है और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की कितनी वसूली हो पाती है। मुख्य बात: पंजाब में करीब 62 कंपनियों से जुड़े कथित टैक्स चोरी मामले में कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।
BOCW फंड को लेकर तरुण चुघ का भगवंत मान सरकार पर हमला, श्रमिकों का पैसा वापस करने की मांग

नई दिल्ली: पंजाब की भगवंत मान सरकार पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद तरुण चुघ ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण (BOCW) फंड को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। चुघ ने दावा किया कि श्रमिकों के कल्याण के लिए निर्धारित राशि का इस्तेमाल कथित तौर पर अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से श्रमिकों के खाते में राशि वापस करने की मांग की है। तरुण चुघ ने कहा कि BOCW के तहत जमा होने वाला पैसा विशेष रूप से भवन निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निर्धारित है। उनके मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल श्रमिकों की चिकित्सा सुविधाओं, बच्चों की शिक्षा और परिवार से जुड़ी अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर किया जाना चाहिए। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इस राशि को कथित तौर पर दूसरी गतिविधियों में डायवर्ट किया गया और इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ तथा प्रचार के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए निर्धारित फंड का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य से किया जाना गंभीर विषय है। चुघ ने हाई कोर्ट की रोक और केंद्र सरकार की आपत्ति का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि इन घटनाक्रमों के बाद पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले में क्या आधिकारिक पक्ष है और अदालत के आदेश में किन विशेष बिंदुओं पर रोक लगाई गई है, यह संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से स्पष्ट होगा। भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल करते हुए पूछा कि श्रमिकों के लिए निर्धारित राशि को कथित तौर पर दूसरे कामों में इस्तेमाल करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने इस पूरे मामले की आलोचना करते हुए कहा कि श्रमिकों के हितों से जुड़े फंड का इस्तेमाल केवल निर्धारित कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए होना चाहिए। तरुण चुघ ने मांग की कि यदि BOCW की राशि का किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल हुआ है, तो उसे तत्काल श्रमिक कल्याण फंड में वापस किया जाए। उन्होंने मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की।