पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बाइक रैली, जीतू पटवारी ने उठाए खर्च को लेकर सवाल

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर मध्य प्रदेश में प्रस्तावित बाइक रैली को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस आयोजन को लेकर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी कार्यक्रम का खर्च कर्मचारी और अधिकारी उठा रहे हैं, तो यह सामान्य प्रशासनिक आयोजन से अलग राजनीतिक संदेश देता है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश में बाइक रैली निकाली जा रही है। उनके मुताबिक, इस रैली का खर्च कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा उठाए जाने की बात सामने आ रही है। पटवारी ने सवाल किया कि यदि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है और इसे कर्मचारियों का कार्यक्रम बताया जा रहा है, तो फिर इसकी व्यवस्था और खर्च को लेकर पारदर्शिता क्यों नहीं है। पटवारी ने क्या कहा? कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से जनता के बीच एक अलग संदेश जाता है। उनके अनुसार, यदि सरकारी तंत्र से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी किसी ऐसे आयोजन में आर्थिक या व्यवस्थागत रूप से शामिल होते हैं, तो इससे यह धारणा बन सकती है कि प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को लेकर सरकारी स्तर पर विशेष आयोजन किया जा रहा है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि इससे यह संदेश भी जाता है कि प्रधानमंत्री की सेवाओं का देश को कितना लाभ मिला, यह समझ में आ गया है। राजनीतिक बयानबाजी तेज प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को लेकर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में बाइक रैली को लेकर कांग्रेस की आपत्ति ने एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से जहां सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी और खर्च को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं आयोजन को लेकर सरकार या प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, जीतू पटवारी के बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में इस बाइक रैली को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत मशाल रैली में शामिल हुईं CM रेखा गुप्ता, विकसित भारत 2047 का लिया संकल्प

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मशाल रैली में शामिल हुईं। इस आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा की 25 वर्षों की यात्रा को याद करने के साथ-साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के प्रति लोगों को संकल्पित करना है। मशाल रैली के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के विकास, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संकल्पों को प्रमुखता दी गई। रैली के जरिए लोगों के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से पूरा किया जा सकता है। 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पर कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान किए गए कार्यों को सामने रखा जा रहा है। साथ ही, भविष्य के भारत को लेकर नागरिकों के बीच जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा हुई। इस लक्ष्य के तहत भारत को आने वाले वर्षों में आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मशाल रैली में मौजूदगी को भी इसी अभियान की कड़ी के तौर पर देखा गया। आयोजन में सेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए लोगों से देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया जा रहा है। आने वाले दिनों में अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।