जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन पर पंकज चौधरी का हमला, SIR को बताया जरूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने INDIA गठबंधन, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बार-बार सवाल उठाने और देश को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। पंकज चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर किया जा रहा विरोध उचित नहीं है। SIR को लेकर क्या बोले पंकज चौधरी? पंकज चौधरी के मुताबिक, SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पहले भी आठ बार यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है, ताकि सूची में सही और पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज रहें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए भी व्यवस्था मौजूद है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम पुनरीक्षण के दौरान छूट जाता है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का अवसर देना है। विपक्ष पर देश को कमजोर करने का आरोप पंकज चौधरी ने अपने बयान में कहा कि INDIA गठबंधन, CJP, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दों को बार-बार उठाकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बजाय प्रक्रिया और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को समझना चाहिए। हालांकि, यह बयान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राजनीतिक पक्ष है। विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग तर्क दिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों का किया जिक्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान देश का मान-सम्मान बढ़ा है और विकास का मॉडल तैयार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का ध्यान विकास से जुड़े मुद्दों से हटाने के लिए विपक्ष बार-बार नए विवाद खड़े करता है। SIR और जंतर-मंतर का प्रदर्शन क्यों है चर्चा में? दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। एक ओर भाजपा SIR को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बता रही है, वहीं इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने की व्यवस्था और विपक्ष के विरोध को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप पर सबकी नजर है।