इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर चिराग पासवान बोले- सवाल उठाइए, लेकिन जवाब जानने की भी कोशिश कीजिए

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: इंडिया गठबंधन की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का प्रदर्शन करना उसका अधिकार है और एक सक्रिय विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करता है। चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष जितना मजबूत और सक्रिय दिखाई देता है, उतनी ही सरकार और सत्ता पक्ष की जवाबदेही बढ़ती है। ऐसे में विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने चाहिए और अपनी बात जनता के सामने रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सवाल उठाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सवालों के जवाब जानने की कोशिश भी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर किसी मुद्दे को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है और लगातार सिर्फ विरोध या हंगामा किया जाता है, तो इससे समस्या का समाधान नहीं निकलता। सड़क पर प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग से संपर्क की सलाह चिराग पासवान ने कहा कि अगर विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया या चुनाव आयोग से जुड़े किसी मुद्दे पर सवाल हैं, तो इसके लिए एक संवैधानिक और निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे चुनाव आयोग से संपर्क करें और अपनी शंकाओं तथा सवालों को सीधे आयोग के सामने रखें। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मिलने के लिए समय मांगा जा सकता है और वहां अपने सवाल रखकर उनके जवाब हासिल किए जा सकते हैं। चिराग के अनुसार, इस तरह बातचीत के जरिए तथ्यों को समझने का प्रयास किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद जवाब जानना भी जरूरी चिराग पासवान ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के जरिए अपनी बात समर्थकों और जनता तक पहुंचाना एक लोकतांत्रिक तरीका है। लेकिन इसके बाद यह जानना भी जरूरी है कि जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके वास्तविक जवाब क्या हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने के साथ तथ्यों को समझना और जवाब हासिल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इससे बहस अधिक तथ्यपूर्ण होगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास भी मजबूत होगा।

तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बोले- लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे

पटना, बिहार: बिहार की राजधानी पटना में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान RJD नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। 🔴 तेजस्वी यादव ने क्या कहा? प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस तरह से ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लोकतंत्र का मजाक बनाए जाने का आरोप लग रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया जा सकता। तेजस्वी यादव ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसे लोकतंत्र की जननी माना जाता है और यहीं से SIR (Special Intensive Revision) की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान में विश्वास रखने वाला है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं होने देगा। 🔴 चुनाव आयोग में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप RJD नेता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में जिस तरह का कथित फर्जीवाड़ा चल रहा है, वह ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रह सकता। हालांकि, उनके इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “इनके जाने की शुरुआत हो चुकी है।” 🔴 विपक्ष ने जारी रखा प्रदर्शन पटना में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार की राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका और SIR को लेकर सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और बढ़ सकती है।