PATNA NEWS: पटना में मुकेश सहनी का फेसबुक पेज हैक, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज

मुकेश सहनी फेसबुक पेज हैक पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक खबर सामने आई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और प्रमुख मुकेश सहनी का फेसबुक पेज हैक होने की जानकारी मिली है। इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के बाद सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मुकेश सहनी के फेसबुक पेज को बनाया गया निशाना मुकेश सहनी बिहार की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। वे विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने समर्थकों और आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाते हैं। ऐसे में उनके फेसबुक पेज का हैक होना एक महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके फेसबुक पेज को हैक किए जाने के मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि, पेज को किसने हैक किया और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। साइबर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी मुकेश सहनी के फेसबुक पेज हैक होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब जांच के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सकेगा। साइबर अपराध के मामलों में सोशल मीडिया अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच, अकाउंट का नियंत्रण अपने हाथ में लेना और उसका गलत इस्तेमाल जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इस मामले में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि फेसबुक पेज तक किस तरह पहुंच बनाई गई और क्या इसके जरिए किसी तरह की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री साझा की गई थी। सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल डिजिटल दौर में राजनीतिक दलों के नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के लिए सोशल मीडिया संवाद का एक अहम माध्यम बन चुका है। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए नेता अपनी गतिविधियों, विचारों और राजनीतिक संदेशों को लोगों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में किसी आधिकारिक पेज का हैक होना उनकी डिजिटल पहचान और सूचना की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला बन जाता है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और लॉगिन अलर्ट जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। फिलहाल, मुकेश सहनी के फेसबुक पेज हैक मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हैकिंग के पीछे किसका हाथ है, घटना कैसे हुई और पेज पर क्या असर पड़ा, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
दिल्ली प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्ट का मामला: पुलिस ने पाकिस्तानी IP एड्रेस से जुड़े हैंडल की जांच शुरू की

दिल्ली प्रदर्शन भड़काऊ पोस्ट नई दिल्ली: दिल्ली में हालिया प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई कई पोस्ट की निगरानी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन पोस्ट के जरिए कहीं गलत जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने या लोगों को भड़काने की कोशिश तो नहीं की गई। संजय भाटिया के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट में साइबर पेट्रोलिंग के लिए एक विशेष टीम तैनात है। यह टीम सोशल मीडिया पर प्रकाशित पोस्ट की निगरानी करती है और उनकी प्रामाणिकता के साथ-साथ कानूनी पहलुओं की भी जांच करती है। यदि किसी पोस्ट में तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी, अफवाह, धमकी, मानहानिकारक सामग्री या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली बातें पाई जाती हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। पाकिस्तानी IP एड्रेस से जुड़े हैंडल की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि एक विशेष सोशल मीडिया हैंडल के रजिस्ट्रेशन से संबंधित जानकारी मांगे जाने पर उसका IP एड्रेस पाकिस्तान से जुड़ा हुआ पाया गया। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच की प्रक्रिया जारी है और आगे मिलने वाले तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर अधिक जानकारी साझा की जाएगी। हालांकि, किसी हैंडल का IP एड्रेस पाकिस्तान से जुड़ा मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पोस्ट किस व्यक्ति ने प्रकाशित की या उसके पीछे किसकी भूमिका थी। इस पहलू की पुष्टि के लिए पुलिस को अन्य डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारियों की भी जांच करनी होगी। पुलिस फायरिंग के दावे वाली पोस्ट पर कार्रवाई संजय भाटिया ने एक अन्य पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें कथित तौर पर यह दावा किया गया था कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोली चला रही है। पुलिस के अनुसार, यह दावा सही नहीं था और इससे तनावपूर्ण माहौल पैदा होने की आशंका थी। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट को लेकर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उसे हटाने का अनुरोध किया गया और मामला भी दर्ज किया गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के दौरान गलत सूचनाएं फैलने से स्थिति प्रभावित हो सकती है, इसलिए ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट की निगरानी कर रही साइबर टीम दिल्ली पुलिस के अनुसार, हालिया प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर प्रकाशित कई पोस्ट जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन पोस्ट में गलत जानकारी साझा की गई और किन मामलों में कानून का उल्लंघन हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में अन्य मामले भी दर्ज किए गए हैं और उनकी जांच जारी है। डिजिटल माध्यमों पर किसी भी संवेदनशील घटना की जानकारी साझा करते समय उसकी पुष्टि करना जरूरी है। अपुष्ट दावों को सच मानकर आगे बढ़ाने से भ्रम फैल सकता है और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की जांच जारी है। पाकिस्तानी IP एड्रेस से जुड़े बताए गए हैंडल और पुलिस फायरिंग के दावे वाली पोस्ट के मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।