हरियाणा में धान खरीद पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उठाए सवाल, किसानों को MSP नहीं मिलने का लगाया आरोप

चंडीगढ़: हरियाणा में धान की खरीद को लेकर किसानों की परेशानियों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फसल खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि मंडियों में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, कई मंडियों का दौरा करने के दौरान उन्हें खरीद प्रक्रिया में अव्यवस्था देखने को मिली। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि धान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मंडियों में खरीद व्यवस्था पर हुड्डा ने जताई नाराजगी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने हरियाणा की कई मंडियों का दौरा किया है। उनके अनुसार, अलग-अलग मंडियों में धान खरीद को लेकर एक जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मंडियों में अनाज की भारी मात्रा जमा है, जबकि सड़कों पर भी धान पड़ा हुआ है। हुड्डा ने कहा कि किसानों के धान की गुणवत्ता जांचने के लिए एक ही नमूने को चार अलग-अलग मशीनों से जांचा गया, लेकिन सभी मशीनों की रीडिंग अलग-अलग आई। उन्होंने इस अंतर को खरीद प्रक्रिया में किसानों के सामने आ रही परेशानी से जोड़ते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए। MSP को लेकर सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण धान उत्पादक किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, MSP को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और संबंधित मंडियों के खरीद आंकड़े सामने आने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। मंडियों में अनाज जमा होने से किसानों की बढ़ी चिंता धान की खरीद में देरी और गुणवत्ता जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच किसानों के सामने भंडारण और समय पर भुगतान जैसी चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। यदि मंडियों में अनाज का उठाव और खरीद प्रक्रिया प्रभावित होती है, तो किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। हरियाणा में धान खरीद व्यवस्था को लेकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान ने किसानों की समस्याओं और MSP के मुद्दे को फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी खरीद प्रक्रिया में आ रही कथित समस्याओं की जांच कर किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाते हैं।