संजय सिंह की 4 बड़ी मांगें: चुनाव आयुक्त के चयन से लेकर SIR पर उठाए सवाल

देवरिया, उत्तर प्रदेश: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव, बैलेट पेपर से मतदान कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत कई मुद्दों को उठाया। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि देश में कुछ चुनावों में गड़बड़ी हुई है और ऐसे मामलों की समीक्षा की जानी चाहिए। संजय सिंह के बयान के मुताबिक, उनकी पार्टी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग कर रही है। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे मजाक करार दिया और इसे रोकने की मांग की। संजय सिंह ने रखीं ये चार प्रमुख मांगें 1. चुनाव आयुक्त के चयन में चीफ जस्टिस की भूमिका AAP सांसद की पहली मांग है कि चुनाव आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए। उनका मानना है कि चयन प्रक्रिया में न्यायपालिका की भागीदारी से निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर भरोसा मजबूत हो सकता है। 2. बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग संजय सिंह ने देशभर में बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग भी रखी। यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। विपक्ष के कई नेता मतदान प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, चुनाव व्यवस्था में किसी बदलाव के लिए संबंधित नियमों और संस्थागत प्रक्रियाओं पर निर्णय जरूरी होगा। 3. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग AAP सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी असहमति जाहिर की। यह मांग संजय सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा है। 4. कथित गड़बड़ी वाले चुनाव रद्द करने और SIR रोकने की मांग संजय सिंह की चौथी मांग है कि जिन चुनावों में कथित तौर पर गड़बड़ी हुई है, उन्हें रद्द किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए और इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए। चुनाव प्रक्रिया पर फिर तेज हुई बहस संजय सिंह के इस बयान से चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, मतदान के तरीके और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की जा रही है, जबकि इन आरोपों और मांगों पर संबंधित संस्थाओं का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। फिलहाल, संजय सिंह की चारों मांगें चुनाव व्यवस्था को लेकर उनकी पार्टी के राजनीतिक रुख को सामने रखती हैं। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।