1 करोड़ की रंगदारी साजिश का खुलासा, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आरोपी को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय अपराध से जुड़े एक कथित बदमाश को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर करीब 1 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से दो अत्याधुनिक अवैध पिस्टल और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी हरियाणा के अंबाला स्थित बलदेव नगर थाना क्षेत्र में हुई 1.5 किलोग्राम सोने की लूट के एक मामले में वांछित था। इस मामले में पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी की गतिविधियों को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही थी। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर मामले की आगे जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी अन्य वारदात में तो नहीं किया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अंतरराज्यीय अपराध से जुड़े कुछ अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।

मोतिहारी के ढाका में पुलिस की कार्रवाई, मो. सेयाज आलम गिरफ्तार

मोतिहारी/ढाका: बिहार के मोतिहारी जिले के ढाका इलाके में पुलिस ने मो. सेयाज आलम नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान कथित आतंकी गतिविधियों से संबंधित कुछ वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं। पुलिस अब इस डिजिटल सामग्री के स्रोत, उसके इस्तेमाल और संभावित संपर्कों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में मोबाइल डिवाइस से ऐसी डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। हालांकि, बरामद वीडियो और तस्वीरों का वास्तविक संदर्भ क्या है तथा उनका किसी संगठित गतिविधि या नेटवर्क से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले में पुलिस डिजिटल संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरफ्तार व्यक्ति किन लोगों के संपर्क में था और मोबाइल के जरिए किस तरह की बातचीत या सामग्री का आदान-प्रदान हुआ। संभावित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को जुटाने में लगी है। डिजिटल उपकरणों से प्राप्त जानकारी की तकनीकी जांच भी की जा सकती है, ताकि कथित सामग्री के स्रोत और उसके प्रसार से संबंधित जानकारी सामने आ सके। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बरामद डिजिटल सामग्री और कथित संपर्कों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और पुलिस की आगे की रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।