बगहा में गंडक नदी का कहर, चंपारण तटबंध टूटा; कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

बगहा: बिहार में गंडक नदी के तेज बहाव के बीच बगहा क्षेत्र में चंपारण तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटबंध टूटने के बाद नदी का पानी आसपास के कई गांवों के खेतों में फैल गया है। वहीं, पानी के लगातार बढ़ने से आबादी वाले इलाकों में भी बाढ़ की आशंका गहरा गई है। तटबंध टूटने के बाद खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है और ग्रामीण आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंडक नदी के तेज बहाव और जलस्तर को देखते हुए प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ सकती है। तटबंध टूटने के कारण पानी का फैलाव किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचता है, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित गांवों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियों को भी तेज किए जाने की जरूरत है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर गंडक नदी का दबाव और बढ़ता है, तो आबादी वाले इलाकों में पानी पहुंचने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों में भी तटबंध टूटने के बाद भय का माहौल है।

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से NH-727B पर बढ़ी परेशानी, करीब 1 किलोमीटर सड़क डूबी

बगहा, बिहार। पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी बढ़ने के कारण बेतिया और बगहा के बीच गुजरने वाले NH-727B का करीब एक किलोमीटर हिस्सा जलमग्न हो गया है। सड़क पर पानी आने से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों और वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 3,28,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके असर से नदी के आसपास के निचले इलाकों के साथ-साथ सड़क के कुछ हिस्सों में भी पानी फैल गया। NH-727B बेतिया और बगहा क्षेत्र के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क के एक हिस्से के जलमग्न होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। पानी की स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों को इस मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ सकता है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच पानी बढ़ने को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक के जलस्तर में आगे भी बदलाव हो सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सड़क पर जमा पानी और यातायात व्यवस्था को लेकर है। जलस्तर कम होने तक लोगों को अनावश्यक रूप से जलमग्न हिस्से से गुजरने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।