PATNA NEWS:प्रह्लाद जोशी का बयान: बिहार में शिक्षा कार्यों की सराहना, दिल्ली प्रदर्शन पर साधा निशाना

प्रह्लाद जोशी का बयान:पटना, बिहार: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद राज्य में शिक्षा विभाग के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं और योजनाओं के लिए धन आवंटित कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर उन्होंने CJP पर निशाना साधते हुए राजनीतिक गतिविधियों और विरोध के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए। बिहार में शिक्षा विभाग के कामकाज पर क्या बोले प्रह्लाद जोशी? पटना में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मुलाकात के दौरान राज्य में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग में तेजी से निर्णय ले रहे हैं और विभिन्न कार्यों के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं। प्रह्लाद जोशी के मुताबिक, शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए फैसलों का असर जमीन पर दिखाई देने में समय लगता है। किसी भी योजना को लागू करने, उसके परिणाम सामने आने और व्यवस्था में सुधार होने की प्रक्रिया में निरंतर प्रयासों की जरूरत होती है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि बिहार में शिक्षा से जुड़े फैसलों और योजनाओं के परिणामों का आकलन आने वाले समय में किया जा सकेगा। हालांकि, उन्होंने इस दौरान किसी विशेष योजना, आवंटित राशि या निर्धारित समयसीमा का विस्तृत विवरण नहीं दिया। दिल्ली प्रदर्शन को लेकर CJP पर निशाना बिहार में शिक्षा विभाग पर अपनी बात रखने के साथ ही केंद्रीय मंत्री ने दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में अराजकता फैलाने की बड़ी साजिश की जा रही है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में उन्होंने अपने बयान में कोई विस्तृत प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया। प्रह्लाद जोशी ने CJP को संबोधित करते हुए कहा कि यदि संगठन को राजनीति करनी है, तो उसे राजनीतिक पार्टी घोषित करके चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति की अपनी जगह है, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों तथा संस्थाओं के प्रति भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। शिक्षा और राजनीतिक विवाद दोनों पर चर्चा प्रह्लाद जोशी के बयान में बिहार की शिक्षा व्यवस्था और दिल्ली के राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन, दोनों मुद्दे प्रमुख रहे। एक ओर उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के फैसलों और धन आवंटन की प्रक्रिया की सराहना की, वहीं दूसरी ओर CJP के प्रदर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाया। दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ा रही हैं। निष्कर्ष: केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बिहार में शिक्षा विभाग के कामकाज को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की और कहा कि फैसलों का परिणाम सामने आने में समय लगता है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली प्रदर्शन को लेकर CJP की राजनीतिक भूमिका और विरोध के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली भाषा पर सवाल उठाए।
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन पर पंकज चौधरी का हमला, SIR को बताया जरूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने INDIA गठबंधन, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बार-बार सवाल उठाने और देश को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। पंकज चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर किया जा रहा विरोध उचित नहीं है। SIR को लेकर क्या बोले पंकज चौधरी? पंकज चौधरी के मुताबिक, SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि पहले भी आठ बार यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची का शुद्धिकरण करना है, ताकि सूची में सही और पात्र मतदाताओं के नाम दर्ज रहें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए भी व्यवस्था मौजूद है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम पुनरीक्षण के दौरान छूट जाता है, तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल होने का अवसर देना है। विपक्ष पर देश को कमजोर करने का आरोप पंकज चौधरी ने अपने बयान में कहा कि INDIA गठबंधन, CJP, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मुद्दों को बार-बार उठाकर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बजाय प्रक्रिया और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को समझना चाहिए। हालांकि, यह बयान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राजनीतिक पक्ष है। विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग तर्क दिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों का किया जिक्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान देश का मान-सम्मान बढ़ा है और विकास का मॉडल तैयार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का ध्यान विकास से जुड़े मुद्दों से हटाने के लिए विपक्ष बार-बार नए विवाद खड़े करता है। SIR और जंतर-मंतर का प्रदर्शन क्यों है चर्चा में? दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। एक ओर भाजपा SIR को मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया बता रही है, वहीं इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जोड़ने की व्यवस्था और विपक्ष के विरोध को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप पर सबकी नजर है।