SIR विवाद पर महुआ माजी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर जताई उम्मीद

रांची: चुनाव आयोग से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से जल्द सुनवाई के लिए सहमति जताए जाने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। महुआ माजी ने कहा कि SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही शिकायतों और सवालों से आम लोगों में परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों की ओर से कई मौकों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उनका कहना है कि SIR को लेकर जिस तरह की गड़बड़ियों की बातें सामने आ रही हैं, उन्हें गंभीरता से देखा जाना चाहिए। महुआ माजी ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा तरीके से फैसले लेने का आरोप लगाया और इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अलग पक्ष सामने आया है। आयोग ने कहा है कि SIR और अन्य महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने आंतरिक स्तर पर होने वाली असहमति को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान इस पूरे विवाद से जुड़े कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।
ECI की अहम बैठक में कई बड़े फैसले, आयोग ने जारी किया प्रेस नोट

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग की 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस दौरान चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद रहे। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल ने बताया कि बैठक में आयोग ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की और सर्वसम्मति से कई फैसले लिए। आयोग की ओर से इन निर्णयों की जानकारी आधिकारिक प्रेस नोट के माध्यम से साझा की गई है। निर्वाचन आयोग के मुताबिक बैठक दोपहर 3 बजे आयोजित की गई थी। बैठक में लिए गए फैसलों को लेकर आयोग ने विस्तृत जानकारी जारी करने की बात कही है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन निर्णयों पर अब आधिकारिक प्रेस नोट के जरिए स्थिति स्पष्ट होगी।