ECI के खिलाफ विपक्ष के मार्च पर महुआ माजी का बयान, बोलीं- सवाल उठे हैं तो जवाब भी जरूरी

रांची, झारखंड: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों के विरोध मार्च को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने विपक्ष के रुख का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन का प्रदर्शन चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने के उद्देश्य से किया गया था। विपक्ष की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, क्योंकि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। महुआ माजी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने और सरकार या संवैधानिक संस्थाओं से सवाल पूछने का अधिकार है। उनके मुताबिक, जब चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, तो उन सवालों का जवाब भी सामने आना चाहिए। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल का दावा JMM सांसद ने अपने बयान में SIR यानी Special Intensive Revision से जुड़े फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों की ओर से यह बात सामने आई है कि उनकी अनुमति के बिना करीब 10 महीने के दौरान SIR से संबंधित 14 फैसले लिए गए। महुआ माजी के अनुसार, अगर चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था की निर्णय प्रक्रिया को लेकर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो विपक्ष का विरोध करना स्वाभाविक है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए दावों और फैसलों को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। ‘लोकतांत्रिक तरीके से विरोध नहीं करेंगे तो क्या करेंगे?’ महुआ माजी ने कहा कि विपक्षी दल अगर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी असहमति दर्ज नहीं कराएंगे तो फिर उनके पास अपनी बात जनता और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने का क्या रास्ता बचेगा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ECI की विश्वसनीयता, SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहा है, जबकि इन आरोपों और मांगों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी इस विवाद में अहम रहेगा।