ED पूछताछ पर हरिश रावत ने बताई पूरी बात, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनकी और उनके परिवार की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मांगे। हरिश रावत के मुताबिक, वह पूछताछ के दौरान अपनी पत्नी की पासबुक, पोस्ट ऑफिस की पासबुक और अपनी कुछ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी लेकर पहुंचे थे। हालांकि, ED की ओर से परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्तियों की जानकारी और दस्तावेज भी मांगे गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके गांव में मौजूद पैतृक संपत्ति अभी तक संयुक्त रूप से बंटी हुई नहीं है। जमीन और संपत्ति से जुड़े अधिकार कई लोगों के बीच साझा हैं। ऐसे में संबंधित भूमि रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेज एकत्र करने में कुछ समय लग सकता है। रावत ने कहा कि उन्होंने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को इस व्यावहारिक परेशानी के बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार, ED अधिकारियों ने बाकी दस्तावेज बाद में जमा करने की अनुमति दी और कहा कि जब दस्तावेज तैयार हों, तब करीब 20 से 25 दिनों के भीतर उन्हें भेजा जा सकता है। हरिश रावत ने यह भी कहा कि उनकी ओर से आयकर रिटर्न (ITR) में पहले ही कुछ संपत्तियों और परिसंपत्तियों की जानकारी घोषित की जा चुकी है। उनके मुताबिक, ED ने उन्हीं घोषणाओं से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी संपत्तियों की जानकारी पहले से ही आयकर रिटर्न में दर्ज है और उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनकी वास्तविक संपत्ति वही है, जिसका उल्लेख संबंधित फाइलिंग में किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से दस्तावेज मांगे जाने के बाद वह उपलब्ध रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया में हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने और साझा भूमि रिकॉर्ड को एकत्र करने में समय लगना उनकी प्रमुख व्यावहारिक समस्या है। फिलहाल, ED की ओर से मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर हरिश रावत की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।