रामेश्वरम में मछुआरों का प्रदर्शन, पिपर और स्टील नावों के लिए परमिट व डीजल सब्सिडी की मांग

तमिलनाडु: रामेश्वरम में मछुआरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मत्स्य विभाग के टोकन कार्यालय के सामने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मछुआरों ने पिपर और स्टील से बनी नावों के लिए मछली पकड़ने की अनुमति के टोकन जारी करने तथा डीजल सब्सिडी उपलब्ध कराने की मांग उठाई। मछुआरों का कहना है कि समय के साथ समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कई लोगों ने अपनी पुरानी लकड़ी की नावों को पिपर और स्टील की नावों में परिवर्तित कराया है। उनका आरोप है कि नावों को आधुनिक स्वरूप देने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा इन संशोधित नावों के लिए आवश्यक फिशिंग परमिट जारी नहीं किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी मछुआरों के मुताबिक परमिट नहीं मिलने के कारण उन्हें समुद्र में जाकर नियमित रूप से मछली पकड़ने में परेशानी हो रही है। इससे उनकी रोजमर्रा की आय प्रभावित होने के साथ-साथ परिवारों के सामने आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। मछुआरों ने विभाग से मांग की कि नियमों के तहत नावों की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द उन्हें मछली पकड़ने के टोकन जारी किए जाएं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने पिपर और स्टील की नावों के लिए डीजल सब्सिडी देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि समुद्र में मछली पकड़ने के लिए ईंधन पर होने वाला खर्च काफी अधिक है। ऐसे में डीजल सब्सिडी मिलने से मछुआरों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकता है। मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मछुआरे मत्स्य विभाग के टोकन कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने विभाग से अपनी समस्याओं का समाधान करने और परमिट जारी करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करने की मांग की। मछुआरों का कहना है कि वे अपनी नावों को आधुनिक बनाने के बाद अब विभागीय अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर आवश्यक परमिट और डीजल सब्सिडी से जुड़ी मांगों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की है।