ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष का राज्यपाल ब्रज मोहन राम पर हमला, बोले- ‘BJP एजेंट जैसी बात कर रहे हैं’

ओडिशा राज्यपाल ब्रज मोहन राम भुवनेश्वर: ओडिशा में नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने राज्यपाल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनकी भूमिका और संवैधानिक पद की गरिमा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त व्यक्ति को अपने बयानों में शालीनता और निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। भक्त चरण दास के मुताबिक, राज्यपाल का पद किसी राजनीतिक दल के हितों को आगे बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप काम करने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले कई लोग राज्यपाल बने हैं, लेकिन इस तरह की टिप्पणी उन्होंने नहीं सुनी। ‘भाजपा को मजबूत करने’ वाले बयान पर कांग्रेस की आपत्ति ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष ने ब्रज मोहन राम के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल बनने से पहले ही भाजपा को मजबूत करने की बात कही है। भक्त चरण दास ने इसे संवैधानिक पद की निष्पक्षता के लिहाज से अनुचित बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्यपाल किसी राजनीतिक दल को मजबूत करने की बात करते हैं, तो विपक्ष अपनी शिकायतें लेकर उनके पास किस भरोसे से जाएगा? उनके अनुसार, राज्यपाल से अपेक्षा की जाती है कि वे राज्य सरकार और विपक्ष सहित सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करें। राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका पर उठाए सवाल भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान राज्यपाल की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने राज्यपाल के लिए भाजपा के एजेंट जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि राज्यपाल का दायित्व सभी राजनीतिक दलों से समान दूरी बनाए रखना और संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। उन्होंने ब्रज मोहन राम को राज्यपाल पद के लिए उपयुक्त नहीं बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ओडिशा की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी इस बयान के बाद ओडिशा में सियासी बहस तेज होने की संभावना है। राज्यपाल की नियुक्ति और उनकी राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया अब चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इस मामले में भक्त चरण दास की टिप्पणी कांग्रेस का पक्ष है। पूरे विवाद को समझने के लिए राज्यपाल ब्रज मोहन राम के मूल बयान और उसके संदर्भ को भी ध्यान में रखना जरूरी है। निष्कर्ष: ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम पर भाजपा के प्रति झुकाव का आरोप लगाते हुए राज्यपाल पद की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा पर सवाल उठाए हैं। अब इस मुद्दे पर आगे आने वाली प्रतिक्रियाओं पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।