तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बोले- लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे

पटना, बिहार: बिहार की राजधानी पटना में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान RJD नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। 🔴 तेजस्वी यादव ने क्या कहा? प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस तरह से ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लोकतंत्र का मजाक बनाए जाने का आरोप लग रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया जा सकता। तेजस्वी यादव ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसे लोकतंत्र की जननी माना जाता है और यहीं से SIR (Special Intensive Revision) की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान में विश्वास रखने वाला है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं होने देगा। 🔴 चुनाव आयोग में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप RJD नेता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में जिस तरह का कथित फर्जीवाड़ा चल रहा है, वह ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रह सकता। हालांकि, उनके इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “इनके जाने की शुरुआत हो चुकी है।” 🔴 विपक्ष ने जारी रखा प्रदर्शन पटना में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार की राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका और SIR को लेकर सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और बढ़ सकती है।

INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद ममता बनर्जी का बड़ा हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और सभी दल मिलकर लोकतंत्र एवं मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। 30 सितंबर को दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में उठाया था। उनका आरोप है कि इसी तरह की कथित अनियमितताओं के कारण भाजपा को मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार में चुनावी लाभ मिला, जबकि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें रख चुकी है और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुकी है। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। हालांकि, ये आरोप ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर SIR से जुड़े फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है और आयोग के भीतर अलग-अलग विचारों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है। ममता बनर्जी ने EVM को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि कुछ जगहों पर मशीनों के साथ छेड़छाड़ तथा उन्हें नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान से मिला अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। TMC प्रमुख ने कहा कि यदि लोगों को मतदान करने के अधिकार को लेकर भरोसा नहीं रहेगा या चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते रहेंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती पैदा होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो विपक्ष का आंदोलन आगे बढ़ सकता है। INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस समय चुनाव आयोग के प्रमुख हैं।

INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग पर मंथन, खड़गे बोले- एकजुट होकर लड़ेंगे लोकतंत्र की लड़ाई

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बुधवार को विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक की अहम बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची में बदलाव और आगामी राजनीतिक रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में सभी नेताओं ने अपने विचार रखे और आगे की रणनीति को लेकर सुझाव दिए। खड़गे के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में अपनी बात रखी। एकजुट होकर संघर्ष की बात मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में शामिल दलों ने मिलकर और एकजुट होकर लोकतांत्रिक मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं की ओर से अलग-अलग सुझाव सामने आए, जिन पर आगे चर्चा कर संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियां रहा। INDIA ब्लॉक के नेता इस मुद्दे पर आगे की संयुक्त कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। खड़गे ने PM मोदी और अमित शाह पर लगाया आरोप बैठक के बाद खड़गे ने चुनाव आयोग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के साथ कठपुतली की तरह व्यवहार किया जा रहा है और कुछ लोगों को माध्यम बनाकर वोटों की कथित चोरी कराई जा रही है। खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता जब लोकतंत्र और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये खड़गे और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन दावों पर सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष अलग हो सकता है। आगे की रणनीति पर नजर INDIA ब्लॉक की बैठक ऐसे समय हुई है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने इससे पहले भी इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने की बात कही है। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति पर आगे भी राजनीतिक गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।

INDIA ब्लॉक की बैठक पर JDU नेता राजीव रंजन का हमला, बोले- ‘पराजित योद्धाओं की सभा’

पटना, बिहार: ECI विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। JDU नेता राजीव रंजन ने INDIA ब्लॉक की बैठक पर निशाना साधते हुए इसे ‘पराजित योद्धाओं की सभा’ बताया है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और घटक दलों के बीच मतभेद को लेकर सवाल उठाए। 🔴 JDU नेता राजीव रंजन ने INDIA ब्लॉक पर साधा निशाना राजीव रंजन ने कहा कि INDIA ब्लॉक की नियति समय-समय पर अलग-अलग हिस्सों में बंटने की रही है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के भीतर सामने आने वाले मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग दलों के रुख में अंतर दिखाई देता है। 🔴 नीतीश कुमार का किया जिक्र JDU नेता ने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की पहल की थी। राजीव रंजन के मुताबिक, नीतीश कुमार अब INDIA ब्लॉक के साथ नहीं हैं। 🔴 ‘पराजित योद्धाओं की सभा’ बताया INDIA ब्लॉक की बैठक को ‘पराजित योद्धाओं की सभा’ बताते हुए राजीव रंजन ने विपक्षी गठबंधन की राजनीतिक एकजुटता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के भीतर अलग-अलग दलों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आते रहे हैं। 🔴 अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल राजीव रंजन ने अखिलेश यादव के INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विपक्षी गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राज्य है और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा होती रही है। 🔴 विभाजित विपक्ष को लेकर JDU का दावा JDU नेता ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच बिखराव दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे राजनीतिक समूह से जनता की अपेक्षाएं कम हैं। हालांकि, यह JDU नेता राजीव रंजन का राजनीतिक आकलन है। 🔴 ECI विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बैठक ECI विवाद, मतदाता सूची और SIR जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों की यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में इन मुद्दों पर आगे की रणनीति और आपसी समन्वय को लेकर चर्चा हो सकती है। 🔴 CWC की चर्चा का भी जिक्र राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, INDIA ब्लॉक की बैठक में भी उन्हीं विषयों को उठाया जा सकता है। 🔴 बैठक के बाद सामने आएगी विपक्ष की रणनीति अब देखना होगा कि INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्षी दल ECI और SIR से जुड़े मुद्दों पर क्या साझा रुख सामने रखते हैं और आगे की राजनीतिक रणनीति किस तरह तय की जाती है।