INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले राकेश सिन्हा का हमला, बोले- ‘मताधिकार से किसी को रोकने नहीं देंगे’

रांची, झारखंड: चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक के बीच कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में विपक्ष को लेकर लगाए गए पोस्टरों और मौजूदा राजनीतिक माहौल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और संविधान-लोकतंत्र के मुद्दे का जिक्र किया। राकेश सिन्हा ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी थी और देश के संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के निर्माण में कांग्रेस की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश में एक बार फिर ऐसी राजनीति दिखाई दे रही है, जो उन्हें ब्रिटिश शासन की याद दिलाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा को मानने वाले लोग एक मंच पर हैं और वे किसी भी व्यक्ति को उसके मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने नहीं देंगे। उनके मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। साथ ही राकेश सिन्हा ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब मांगा जाएगा। दरअसल, 30 सितंबर को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दल अपनी रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। इस पूरे विवाद में विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है और आयोग ने अपनी प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा है। ऐसे में INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्ष की ओर से आगे की राजनीतिक और संसदीय रणनीति क्या होगी, इस पर नजर रहेगी। नोट: राकेश सिन्हा द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।

ECI विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बैठक, तेजस्वी यादव बोले- चुनाव प्रक्रिया में धांधली के आरोप गंभीर

नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच बुधवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक दिल्ली में प्रस्तावित है। इस बैठक को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों की यह बैठक चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवादों के बीच हो रही है। 🔴 तेजस्वी यादव ने लगाए चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो सवाल सामने आए हैं, उन्हें लेकर INDIA ब्लॉक की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से भी कुछ मामलों में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में मतदाता सूची और SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। 🔴 चुनावी रिकॉर्ड और मतदान प्रतिशत पर भी सवाल तेजस्वी यादव ने चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की अवधि और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव संबंधी रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता था, जबकि अब कुछ रिकॉर्ड के लिए 45 दिनों की अवधि निर्धारित है। चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों में मतदान प्रक्रिया की CCTV/वीडियोग्राफी को परिणाम घोषित होने के 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का प्रावधान बताया गया है। 🔴 CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठाया सवाल राजद नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। उनका आरोप है कि इन बदलावों से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। नियुक्ति कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी हालिया कानूनी चुनौती सामने आई है। 🔴 ‘लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले साथ आएं’ तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके लिए यह केवल राजनीतिक दलों का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान में विश्वास रखते हैं, उन्हें इस मुद्दे पर एक साथ आना चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े आदेशों को सर्वसम्मति से मंजूर किए जाने की बात कही है और आंतरिक मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है। INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR, मतदाता सूची और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में तेजस्वी यादव के बयान से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक और संवैधानिक बहस के केंद्र में रखना चाहता है।