जमुई पीड़िता की तस्वीर को लेकर तेजस्वी का हमला, सम्राट चौधरी पर POCSO के तहत कार्रवाई की मांग

जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर POCSO एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बिहार पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई तस्वीर को बाद में हटा दिया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उनके मुताबिक, गरीब हो या अमीर, नेता हो या अधिकारी और मुख्यमंत्री हो या कोई आम नागरिक—कानून के दायरे में सभी बराबर होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान से जुड़ी तस्वीर सार्वजनिक किए जाने से POCSO कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। तेजस्वी ने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जमुई और दूसरे मामलों में POCSO के तहत बड़ी संख्या में लोगों पर कार्रवाई की गई है। ऐसे में उनका सवाल है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर कानून लागू होता है तो संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मामले में भी समान प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे और बिहार पुलिस को भी पक्षकार बनाएंगे। तेजस्वी ने यह भी कहा कि कानून से ऊपर कोई व्यक्ति नहीं हो सकता और कानून लागू करने में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। दरअसल, जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद किशोर के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। वीडियो साझा करने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। इस पूरे मामले में अब जांच और कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नाबालिग पीड़िता की पहचान की गोपनीयता को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। तेजस्वी यादव की मांग है कि इस मामले में कानून के अनुसार समान कार्रवाई की जाए।