भूपेश बघेल का BJP पर हमला, बोले- सरकार खुद कर रही चक्का जाम

रांची, झारखंड: कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने INDIA गठबंधन और CJP के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने इन आरोपों को मिथ्या बताते हुए कहा कि पहले आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारी रेल, बसें रोकते थे और चक्का जाम करते थे, लेकिन अब सरकार खुद ही यातायात बाधित करने का काम कर रही है। बघेल ने सड़क पर कीलें बिछाने और मेट्रो, ट्रेन तथा बसों की आवाजाही रोकने जैसे कदमों पर भी सवाल उठाए। भूपेश बघेल ने भाजपा के आरोपों को बताया गलत कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि INDIA गठबंधन और CJP के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भाजपा जो आरोप लगा रही है, वे सही नहीं हैं। उनके मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन के दौरान सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों को भी समझने की जरूरत है। बघेल ने अपने बयान में पुराने आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले आंदोलनकारी रेल और बसें रोककर विरोध दर्ज कराते थे। कई बार चक्का जाम भी किया जाता था। हालांकि, मौजूदा हालात में सरकार की ओर से उठाए जा रहे सुरक्षा और यातायात संबंधी कदमों पर उन्होंने सवाल खड़े किए। सड़कों पर कीलें बिछाने और यातायात रोकने पर उठाए सवाल भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि अब सड़कों पर कीलें बिछाई जा रही हैं और मेट्रो, ट्रेन तथा बसों की आवाजाही भी प्रभावित की जा रही है। उन्होंने इसे सरकार की चिंता और डर से जोड़ते हुए कहा कि सरकार डरी हुई है और यह डर अच्छा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर भाजपा की तरफ से विरोध-प्रदर्शनों को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता इन आरोपों को खारिज करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन और सरकारी व्यवस्था पर छिड़ी बहस विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की आवाजाही सुचारु रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप से सियासी माहौल गरमा सकता है। भूपेश बघेल का बयान इसी राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है। उन्होंने अपने वक्तव्य के जरिए भाजपा के आरोपों का जवाब देने के साथ-साथ सरकार की ओर से किए जा रहे इंतजामों पर भी निशाना साधा। फिलहाल, इस मामले में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बयानों के बीच विरोध-प्रदर्शनों और यातायात व्यवस्था को लेकर बहस जारी है।

CEC विवाद पर प्रतुल शाहदेव का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस का रिकॉर्ड सवालों में

रांची, झारखंड: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ न्यायिक जांच या स्वतंत्र SIT की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में पार्टी के पुराने रिकॉर्ड का उल्लेख किया। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि संसद में भी हर मुद्दे पर सभी सदस्य एकमत नहीं होते हैं। जब किसी विषय पर मतदान की स्थिति आती है तो वोटिंग या डिवीजन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई विशेष जानकारी नहीं है कि किसी चुनाव आयुक्त ने औपचारिक तौर पर मतदान की मांग की थी या लिखित अनुरोध दिया था। हालांकि, उनके मुताबिक इस मुद्दे पर आपसी चर्चा हुई हो सकती है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के मौजूदा आरोपों पर सवाल उठाते हुए पार्टी के पुराने फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि 1980 के दशक में कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त आर.वी.एस. शास्त्री की शक्तियों को सीमित करने के उद्देश्य से दो अतिरिक्त चुनाव आयुक्त नियुक्त किए थे। शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर तत्कालीन चुनाव आयोग की स्थिति के बावजूद चुनाव कराने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने आगे कांग्रेस के कार्यकाल में नवीन चावला की नियुक्ति का उल्लेख किया और उनके कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित हितों के टकराव के सवालों को उठाया। शाहदेव ने दावा किया कि 2006 में नवीन चावला की पत्नी द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को दो कांग्रेस सांसदों की ओर से कथित तौर पर 85 लाख रुपये की राशि मिली थी। उन्होंने इसे संभावित हितों के टकराव का मामला बताया। भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में चुनाव आयोग से जुड़े कुछ पूर्व अधिकारियों को बाद में राजनीतिक पदों पर नियुक्त किए जाने के उदाहरण भी सामने आए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एम.एस. गिल का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के चुनाव आयोग संबंधी रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए। हालांकि, प्रतुल शाहदेव द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है। विवाद के बीच CEC के खिलाफ न्यायिक जांच या स्वतंत्र SIT की मांग को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।