केरल से सहकारिता क्षेत्र में नई पहल की शुरुआत, अमित शाह बोले- ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

कोल्लम, केरल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने केरल के कोल्लम में सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी नई पहल की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही देश के किसान और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग केंद्र स्तर पर अलग मंत्रालय की मांग करते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सहकारिता मंत्रालय का गठन कर इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया। अमित शाह ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, रोजगार और महिला सशक्तिकरण से भी है। उनके मुताबिक, देश के गांवों में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने से स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ सकती है और विकास की प्रक्रिया को नई गति मिल सकती है। केंद्रीय मंत्री ने केरल की सहकारिता परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आजादी से पहले से ही कई क्षेत्रों में सहकारी अभियान व्यवस्थित तरीके से संचालित होता रहा है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी नई पहल की शुरुआत केरल से होना विशेष महत्व रखता है। अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पहले घोषित सहकारिता क्षेत्र की नई शुरुआत को अब केरल से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इस अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे सहकारी क्षेत्र को नई दिशा देने और इसे आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सहकारिता को देश के ग्रामीण विकास और कृषि व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं किसानों और ग्रामीण समुदायों को सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर दे सकती हैं। साथ ही, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में भी सहकारिता क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने और अधिक लोगों को इससे जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई पहल के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।