रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, यूपी में स्मारक बनाने का ऐलान

लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रहे रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें देश के प्रमुख नेताओं में शामिल बताया। दयाशंकर सिंह ने कहा कि रामविलास पासवान ने दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में समाज के उन वर्गों की आवाज उठाने का काम किया, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता था। मंत्री ने कहा कि भारतीय राजनीति में रामविलास पासवान का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में अपनी भूमिका निभाई और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे। उनके राजनीतिक अनुभव और सामाजिक सरोकारों को आज भी याद किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से रामविलास पासवान को सम्मान देने की बात भी सामने आई। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह बिहार में रामविलास पासवान को सम्मान दिया जाता है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उन्हें सम्मान और स्मरण की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में बनेगा रामविलास पासवान स्मारक इस अवसर पर रामविलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उत्तर प्रदेश में उनके नाम पर स्मारक बनाए जाने की घोषणा की गई। इससे उनके समर्थकों और उनके सामाजिक योगदान को मानने वाले लोगों में भी उत्साह है। रामविलास पासवान का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। वे केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे। उनके समर्थक उन्हें विशेष रूप से दलित और वंचित समाज की आवाज के तौर पर याद करते हैं। पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन, संघर्ष और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित स्मारक को उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान की याद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- चिराग उनके मिशन को आगे बढ़ा रहे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत नेता राम विलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने राम विलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन दृढ़ संकल्प, विचारों और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार में राम विलास पासवान की पुण्यतिथि को जिस तरह राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है, उसके लिए वह बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान ने करीब पांच दशक पहले जिस दृढ़ संकल्प के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी आवाज बुलंद की थी, उन्होंने उसी विचार और प्रतिबद्धता के साथ अपना पूरा जीवन बिताया। राम विलास पासवान की कमी आज भी महसूस होती है सीएम योगी ने कहा कि राम विलास पासवान आज भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और उनके कार्य आज भी लोगों के बीच जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जननेता का जाना समाज और राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से चिराग पासवान के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान बिना थके अपने पिता के मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यूपी में भी मिलेगा राम विलास पासवान को सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वर्गीय राम विलास पासवान को जिस सम्मान और आदर के साथ याद किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश में भी उन्हें उसी तरह का सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान का योगदान केवल किसी एक क्षेत्र या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने लंबे समय तक देश की राजनीति और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम किया। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम विलास पासवान की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि वह उनकी छठी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान के विचार और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।
प्रयागराज में चिराग पासवान का बड़ा बयान, 2027 में यूपी चुनाव लड़ेगी LJP (रामविलास)

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान रविवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक तैयारियों को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। चिराग पासवान ने कहा कि वह अपने युवा साथियों की बात सुनने के लिए प्रयागराज आए हैं। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी आबादी का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं और सुझावों को नीति निर्माण में उचित स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि बिहार में युवा आयोग के गठन की दिशा में पहल की गई है और अब राष्ट्रीय स्तर पर भी युवा आयोग के गठन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि युवाओं की भागीदारी केवल रोजगार और शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी प्रतिनिधित्व मिलना जरूरी है। इसी सोच के तहत राष्ट्रीय स्तर पर युवा आयोग की पहल को आगे बढ़ाने की बात उन्होंने कही। 2027 के यूपी चुनाव पर भी स्पष्ट किया रुख प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी पार्टी की योजना स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी और इसमें कोई संदेह नहीं है। पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई पहले ही चुनावी तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाने की जानकारी दे चुकी है। पार्टी के अनुसार, प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों को ध्यान में रखकर संगठनात्मक तैयारी की जा रही है, जबकि 101 सीटों पर विशेष रूप से जिम्मेदारियां तय की गई हैं। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा। ऐसे में आने वाले समय में सीटों, उम्मीदवारों और संभावित गठबंधन को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। युवाओं के बीच बढ़ेगा संवाद प्रयागराज का कार्यक्रम पार्टी के युवा संवाद अभियान का हिस्सा रहा। पार्टी के मुताबिक आगे वाराणसी, गोरखपुर और लखनऊ समेत अन्य शहरों में भी युवाओं के बीच कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। चिराग पासवान के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में LJP (रामविलास) की आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी। फिलहाल पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरने की अपनी मंशा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दी है।