दिल्ली में विपक्षी सांसदों की लंच मीटिंग, जनपथ पर NSUI कार्यकर्ता जुटे

दिल्ली के जनपथ इलाके में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। यह जुटान ऐसे समय में हुआ है, जब राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के साथ दूसरी लंच मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी दलों के सांसद आपसी समन्वय और संसद से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। बैठक को विपक्षी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 🔴 जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं की मौजूदगी जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं के जमा होने से इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज नजर आईं। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को विपक्षी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। 🔴 खरगे ने बुलाई दूसरी लंच मीटिंग राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए यह दूसरी लंच मीटिंग है। इससे पहले भी विपक्षी सांसदों के बीच बैठक और आपसी चर्चा का दौर देखने को मिला था। 🔴 विपक्षी एकजुटता पर चर्चा की संभावना बैठक के दौरान संसद की कार्यवाही, विपक्ष की रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर आगे की भूमिका को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम रूप से बातचीत होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। दिल्ली में जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और खरगे की बैठक ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर सचिन पायलट का हमला, केंद्र और AAP सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने कहा कि सीमा से ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार के पास गृह और रक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, तो बॉर्डर से नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग रही है। पायलट ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या केंद्र सरकार सीमा को सुरक्षित रखने और ड्रग्स की तस्करी रोकने में सफल रही है? 🔴 बॉर्डर से ड्रग्स तस्करी पर केंद्र से सवाल सचिन पायलट ने अपने बयान में सीमा सुरक्षा और ड्रग्स की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि पंजाब में नशे की समस्या को केवल राज्य सरकार की जिम्मेदारी के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सीमा पार से आने वाली तस्करी भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। हालिया राजनीतिक बहस में भी केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों की जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। 🔴 AAP सरकार पर भी पायलट का निशाना कांग्रेस नेता ने पंजाब की AAP सरकार को ड्रग्स के मुद्दे पर पूरी तरह विफल बताया। पायलट के मुताबिक, राज्य में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है और सरकार को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, AAP की ओर से ड्रग्स के मुद्दे पर सरकार के कामकाज का बचाव किया गया है और विपक्षी दलों के आरोपों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। 🔴 पंजाब में कांग्रेस का अभियान जारी सचिन पायलट ने कांग्रेस के संगठन और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कैंपेन लगातार जारी है और पार्टी के नेता मिलकर काम कर रहे हैं। पायलट ने बताया कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द पंजाब का दौरा करेंगे। कांग्रेस ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक गतिविधियां भी तेज की हैं। 🔴 पंजाब की राजनीति में ड्रग्स बना बड़ा मुद्दा पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक चिंता से भी जुड़ा विषय बन चुका है। कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दल AAP सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि AAP अपने कार्यों का बचाव कर रही है। पायलट ने अपने बयान में कहा कि पंजाब के लोगों को कांग्रेस पार्टी से उम्मीदें हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे आगामी चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण विषय बने रह सकते हैं।

खरगे के बयान पर विजय शर्मा का पलटवार, बोले- जनता ने PM मोदी को तीसरी बार चुना

रायपुर: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर अपनी बात रखी। विजय शर्मा ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री को देश की जनता से मिला जनादेश प्राप्त है और किसी नेता के कहने पर उनसे इस्तीफा देने या कोई निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतंत्र में अपनी बात रखने और अपनी मांगें सामने रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी मांगों और मुद्दों को स्पष्ट रूप से सामने रखने की बात कही। INDIA गठबंधन की बैठक पर भी बोले विजय शर्मा INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी विजय शर्मा ने विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के लिए नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, यदि नेतृत्व स्पष्ट दिशा के साथ आगे बढ़ता है तो संगठन को आगे बढ़ने में मदद मिलती है। वहीं, नेतृत्व में दिशा को लेकर असमंजस होने पर संगठन के सामने भी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। विजय शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल केंद्र सरकार तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेता विपक्ष की मांगों और राजनीतिक रुख को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल, खरगे के बयान और विजय शर्मा की प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।