PM मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का किया जिक्र, बोले- आज भी गौरव के साथ खड़ा है सोमनाथ मंदिर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में सोमनाथ मंदिर और भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ जैसे भव्य आयोजन के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे नष्ट किया था। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को मिटाने के उद्देश्य से किए गए ऐतिहासिक हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अपनी भव्यता के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर भारतीय आस्था और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इसी गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के लिए इस वर्ष ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की विरासत, संस्कृति और आत्मगौरव से जुड़ी स्मृतियों को सामने लाने का अवसर बना। अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले के उसी दौर में मोढेरा के सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ और उसे नुकसान पहुंचाया गया था। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के जरिए देश की प्राचीन धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए उनके संरक्षण और सम्मान के महत्व पर जोर दिया।

मन की बात के 132वें एपिसोड में पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद, आतंकवाद के खिलाफ सेना के पराक्रम का किया उल्लेख

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सेना के साहस को याद किया। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का भी उल्लेख किया और इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के महत्वपूर्ण अध्याय के तौर पर याद किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सैनिक लगातार कठिन परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभाते हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी बात रखी। 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी तत्कालीन सरकार ने सार्वजनिक रूप से दी थी। इसके बाद से 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ के तौर पर भी याद किया जाता है। ‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ भारतीय सेना के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में जुटे जवानों का योगदान देश के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सार्वजनिक चर्चा में लगातार बने हुए हैं। अपने संबोधन में उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य क्षमता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ देश की दृढ़ता से जोड़कर प्रस्तुत किया। वर्ष 2016 की यह कार्रवाई भारतीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसके जरिए वह देशवासियों से विभिन्न सामाजिक, राष्ट्रीय और समसामयिक मुद्दों पर संवाद करते हैं। कार्यक्रम में समय-समय पर सेना, सुरक्षा, युवा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और देश की उपलब्धियों से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया जाता रहा है।