शेयर बाजार में फिर बढ़ा दबाव! 22,500 के स्तर पर टिकी नजर, एक्सपर्ट ने बताई वजह

भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट को लेकर बाजार विशेषज्ञ पुरातन भारती ने आगे भी दबाव बने रहने की संभावना जताई है। उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर बढ़ती लागत और ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार पर असर डाल रही है। पुरातन भारती के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें अभी भी करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। ऊर्जा और अन्य कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की इनपुट लागत बढ़ सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के बाद कंपनियों की उधारी लागत बढ़ने की आशंका भी बाजार की चिंता बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच प्रस्तावित है। बाजार में इस बात को लेकर चर्चा है कि RBI भी रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो कंपनियों की बैलेंस शीट पर ब्याज लागत का सीधा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ के मुताबिक, बढ़ती इनपुट लागत और संभावित ऊंची ब्याज दरें कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डाल सकती हैं। इसी बीच अक्टूबर के पहले सप्ताह से कंपनियों के तिमाही नतीजे आने शुरू होंगे। ऐसे में बाजार में कुछ शेयरों में नतीजों की उम्मीद को लेकर पहले से ही बिकवाली देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि औद्योगिक और बैंकिंग क्षेत्र में खास दबाव दिखाई दे रहा है, क्योंकि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है। बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि फिलहाल 22,500 का स्तर महत्वपूर्ण है और निवेशक इस स्तर पर बाजार की चाल पर करीबी नजर रख रहे हैं।