अमित शाह का बड़ा बयान: नक्सलवाद से प्रभावित आदिवासियों को मिले कृत्रिम अंग, 3600 से अधिक लोगों को मिला लाभ

अमित शाह नक्सलवाद बयान नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित दिव्यांग आदिवासियों की सहायता के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए बताया कि नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद देने के उद्देश्य से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि लंबे समय तक चले नक्सलवाद ने बस्तर समेत छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में प्रभावित लोगों को सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सामान्य जीवन जीने में सहयोग करना जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत 3600 से अधिक लोगों को लाभ गृह मंत्री के मुताबिक, 5 से 7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाया गया। इनमें अकेले बस्तर क्षेत्र के 1570 से ज्यादा लाभार्थी शामिल थे। उन्होंने कहा कि बस्तर में लाभार्थियों की यह संख्या नक्सलवाद के कारण स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ी परेशानियों और नुकसान की गंभीरता को दर्शाती है। सरकार का उद्देश्य प्रभावित लोगों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुविधाजनक बनाना है। मुख्य बिंदु: सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों को सहायता दी जा रही है। जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में 3600 से अधिक लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई। बस्तर क्षेत्र में 1570 से ज्यादा लाभार्थियों का उल्लेख किया गया। नक्सलवाद से प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और जीवन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प का जिक्र अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद अब समाप्त हो चुका है। गृह मंत्री के इस बयान में नक्सलवाद से प्रभावित लोगों की सहायता और उनके पुनर्वास को भी प्रमुखता दी गई। प्रभावित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने जैसे प्रयास उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। प्रभावित परिवारों को राहत देने पर जोर नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय सहायता भी महत्वपूर्ण है। दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें अधिक स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने में मदद दे सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आए आंकड़ों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद से प्रभावित लोगों की पीड़ा को रेखांकित किया। हालांकि, नक्सलवाद समाप्त होने संबंधी उनका बयान सरकार का दावा है, जबकि अभियान के तहत सहायता प्राप्त करने वाले लोगों के पुनर्वास और आगे की जरूरतों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा। नोट: यह समाचार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन में दिए गए बयानों और आंकड़ों पर आधारित है।