NOIDA NEWS:ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत पर जहर की आशंका, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बोले- फूड पॉइजनिंग के नहीं मिले लक्षण

ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत: ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में इस घटना को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अब खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी के बयान के बाद जांच की दिशा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह के मुताबिक, परिवार ने जिन खाद्य पदार्थों का सेवन किया था, उनके पैकेट की जांच की गई। इस दौरान कोई भी पैकेट एक्सपायरी डेट का नहीं मिला और न ही जांच के दौरान कोई संदिग्ध चीज सामने आई। अधिकारी ने यह भी कहा कि मृतकों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण नहीं पाए गए, जो आमतौर पर फूड पॉइजनिंग के मामलों में देखे जा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने जहर की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की असली वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने क्या कहा? खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह ने बताया कि परिवार द्वारा खाई गई चीजों के पैकेट की जांच की गई थी। जांच में किसी भी खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट समाप्त नहीं मिली। अधिकारियों को शुरुआती जांच में कोई ऐसी संदिग्ध चीज भी नहीं मिली, जिसके आधार पर सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों को मौत का कारण माना जा सके। उन्होंने बताया कि यदि यह फूड पॉइजनिंग का मामला होता, तो उल्टी और दस्त जैसे लक्षण सामने आने की संभावना रहती। लेकिन इस मामले में ऐसे लक्षण नहीं पाए गए। अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल पर शव भी सामान्य अवस्था में मिले थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने जहर दिए जाने की आशंका जताई। हालांकि, जहर की आशंका जताना और जहर से मौत की पुष्टि होना दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल उपलब्ध बयान के आधार पर मौत की वास्तविक वजह को निश्चित नहीं माना जा सकता। क्या फूड पॉइजनिंग से हुई पांचों की मौत? इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परिवार के पांच सदस्यों की मौत दूषित भोजन के कारण हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बयान के अनुसार, शुरुआती जांच में खाद्य पदार्थों के पैकेट पर ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं मिली, जिससे फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हो सके। हालांकि, केवल पैकेट की एक्सपायरी डेट सही होने से यह साबित नहीं होता कि खाद्य पदार्थ पूरी तरह सुरक्षित थे। भोजन के दूषित होने, गलत तरीके से रखे जाने या किसी अन्य कारण से खराब होने की संभावना का आकलन अलग-अलग जांच के आधार पर किया जाता है। इसी तरह, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण नहीं मिलने से भी फूड पॉइजनिंग की आशंका को अपने आप पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। मौत की वजह निर्धारित करने के लिए चिकित्सकीय जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का महत्व होता है। जहर की आशंका ने बढ़ाई जांच की अहमियत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत जैसी घटना में हर पहलू की गंभीरता से जांच करना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बयान के बाद जहर की आशंका भी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है। ऐसे मामलों में यह पता लगाना जरूरी होता है कि किसी जहरीले पदार्थ के संपर्क में आने या उसके सेवन की संभावना थी या नहीं। इसके लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य, चिकित्सकीय निष्कर्ष और जरूरत के अनुसार फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो सकती है। जब तक इन सभी पहलुओं की पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी एक कारण को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल अधिकारी के बयान से इतना स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों के पैकेट की शुरुआती जांच में कोई स्पष्ट गड़बड़ी नहीं मिली और फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण भी सामने नहीं आए। इसी आधार पर जहर की आशंका जताई गई है। जांच रिपोर्ट का इंतजार ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना ने परिवार के पांच सदस्यों की मौत की वजह को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या मौतों के पीछे किसी जहरीले पदार्थ की भूमिका की पुष्टि होती है। फिलहाल जहर से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आशंका व्यक्त की है, जबकि अंतिम कारण का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।