चुनाव आयोग पर आनंद दुबे का सवाल, SIR पर चर्चा की मांग; बोले- यह देश का मुद्दा

मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आनंद दुबे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से INDIA गठबंधन राहुल गांधी के नेतृत्व में लगातार आंदोलन कर रहा है। विपक्ष की मांग है कि चुनाव आयोग उसकी बात सुने और उठाए जा रहे सवालों पर गंभीरता से विचार करे। आनंद दुबे के मुताबिक, लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका केवल सरकार की आलोचना करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संबंधित संस्थाओं के सामने रखना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को केवल 10 मिनट का समय देकर उनकी बात नहीं सुन सकता? चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए आंदोलन क्यों? आनंद दुबे ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए चुनाव आयोग से अपने रवैये पर विचार करने की अपील की। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए, ताकि अलग-अलग पक्षों की चिंताओं को सुना जा सके। शिवसेना (UBT) नेता ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह विपक्ष की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय उनसे जुड़े सवालों पर चर्चा करे। उनके अनुसार, किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे का समाधान बातचीत और विचार-विमर्श के जरिए निकाला जाना चाहिए। SIR पर चर्चा को बताया जरूरी आनंद दुबे ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और इसे केवल विपक्ष की राजनीतिक मांग के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह देश से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए इस पर व्यापक विचार-विमर्श जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था से भी अपेक्षा की जाती है कि वह संबंधित पक्षों की चिंताओं पर विचार करे। लोकतंत्र में संवाद पर जोर आनंद दुबे के बयान से स्पष्ट है कि INDIA गठबंधन SIR के मुद्दे पर अपनी बात चुनाव आयोग तक पहुंचाना चाहता है। विपक्ष की मांग है कि आयोग उसके प्रतिनिधियों को समय दे और इस विषय पर चर्चा का अवसर उपलब्ध कराए। हालांकि, चुनाव आयोग का पक्ष और SIR को लेकर उठाए गए विभिन्न सवालों पर उसका आधिकारिक जवाब इस बयान में शामिल नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की तस्वीर समझने के लिए आयोग की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। मुख्य बात: आनंद दुबे ने चुनाव आयोग से संवाद स्थापित करने, राहुल गांधी की बात सुनने और SIR के मुद्दे पर चर्चा करने की मांग की है।