राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ‘चौकीदार चोर है’ मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक

**नई दिल्ली:** कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। साथ ही, राहुल गांधी की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राहुल गांधी की कथित ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी से जुड़ा है। इस बयान को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा और राहुल गांधी ने राहत पाने के लिए अदालत का रुख किया। ## सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने उनकी याचिका पर संबंधित पक्ष को नोटिस भी जारी किया है। इस याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें मानहानि मामले को रद्द करने की उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई थी। **सुप्रीम कोर्ट का यह अंतरिम आदेश मामले की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से अहम है।** हालांकि, कार्यवाही पर रोक लगने का मतलब यह नहीं है कि राहुल गांधी को मामले में अंतिम रूप से बरी कर दिया गया है। मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है। ## क्या है पूरा मामला? ‘चौकीदार चोर है’ नारा वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक बहस का प्रमुख हिस्सा बना था। राहुल गांधी ने इस टिप्पणी का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को निशाना बनाने के लिए किया था। इसी टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत की गई थी। इसके बाद राहुल गांधी ने कानूनी राहत के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाया। बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। ## आगे क्या होगा? अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब पर निर्भर करेगी। अदालत का अगला रुख इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। **फिलहाल, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक राहुल गांधी के लिए राहत है, लेकिन मानहानि मामले का अंतिम निपटा रा अभी नहीं हुआ है।**hai

मतदाता सूची विवाद: राहुल गांधी समेत विपक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, याचिका पर सुनवाई अटकी

मतदाता सूची विवाद; नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के 11 नेताओं ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं। मतदाता सूची विवाद क्या हैं विपक्ष के आरोप?   विपक्ष की याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता और उचित सुरक्षा उपायों की कमी हो सकती है। याचिकाकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निर्णय प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में कथित बदलाव और चुनावी डेटाबेस के संचालन पर भी सवाल उठाए हैं।   विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े फैसलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी योग्य नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो। हालांकि, ये याचिकाकर्ताओं के आरोप हैं और इन पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।   सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की गई?   याचिका में मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अगुवाई में स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। विपक्ष ने बूथवार हटाए गए नामों और उनके कारणों को सार्वजनिक करने तथा गलत तरीके से नाम हटाए जाने की स्थिति में उन्हें बहाल करने की प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है। फिलहाल क्यों अटकी सुनवाई?   13 अक्टूबर को याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने दाखिले से जुड़ी 14 प्रक्रियागत कमियां बताई हैं। इनमें कुछ वकालतनामों का नहीं होना, दस्तावेजों की अस्पष्ट प्रतियां और 220 रुपये की कोर्ट फीस कम जमा होना शामिल है। ये आपत्तियां याचिका की प्रक्रिया से संबंधित हैं, न कि उसके आरोपों पर अदालत का फैसला।   अब इन कमियों को दूर कर याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इस मामले में आगे की कार्रवाई पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है।