ECI विवाद के बीच INDIA ब्लॉक की बैठक, तेजस्वी यादव बोले- चुनाव प्रक्रिया में धांधली के आरोप गंभीर

नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच बुधवार को INDIA ब्लॉक की अहम बैठक दिल्ली में प्रस्तावित है। इस बैठक को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों की यह बैठक चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवादों के बीच हो रही है। 🔴 तेजस्वी यादव ने लगाए चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप तेजस्वी यादव ने कहा कि पूरे चुनावी प्रक्रिया को लेकर जो सवाल सामने आए हैं, उन्हें लेकर INDIA ब्लॉक की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की ओर से भी कुछ मामलों में आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में मतदाता सूची और SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। 🔴 चुनावी रिकॉर्ड और मतदान प्रतिशत पर भी सवाल तेजस्वी यादव ने चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की अवधि और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव संबंधी रिकॉर्ड लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता था, जबकि अब कुछ रिकॉर्ड के लिए 45 दिनों की अवधि निर्धारित है। चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों में मतदान प्रक्रिया की CCTV/वीडियोग्राफी को परिणाम घोषित होने के 45 दिनों तक सुरक्षित रखने का प्रावधान बताया गया है। 🔴 CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठाया सवाल राजद नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में बदलाव किए गए हैं। उनका आरोप है कि इन बदलावों से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। नियुक्ति कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी हालिया कानूनी चुनौती सामने आई है। 🔴 ‘लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले साथ आएं’ तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके लिए यह केवल राजनीतिक दलों का मुद्दा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान में विश्वास रखते हैं, उन्हें इस मुद्दे पर एक साथ आना चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े आदेशों को सर्वसम्मति से मंजूर किए जाने की बात कही है और आंतरिक मतभेदों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है। INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR, मतदाता सूची और आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में तेजस्वी यादव के बयान से साफ है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक और संवैधानिक बहस के केंद्र में रखना चाहता है।

जमुई पीड़िता की तस्वीर को लेकर तेजस्वी का हमला, सम्राट चौधरी पर POCSO के तहत कार्रवाई की मांग

जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर POCSO एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए बिहार पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से साझा की गई तस्वीर को बाद में हटा दिया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उनके मुताबिक, गरीब हो या अमीर, नेता हो या अधिकारी और मुख्यमंत्री हो या कोई आम नागरिक—कानून के दायरे में सभी बराबर होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान से जुड़ी तस्वीर सार्वजनिक किए जाने से POCSO कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। तेजस्वी ने बिहार पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जमुई और दूसरे मामलों में POCSO के तहत बड़ी संख्या में लोगों पर कार्रवाई की गई है। ऐसे में उनका सवाल है कि यदि किसी आम व्यक्ति पर कानून लागू होता है तो संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मामले में भी समान प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे और बिहार पुलिस को भी पक्षकार बनाएंगे। तेजस्वी ने यह भी कहा कि कानून से ऊपर कोई व्यक्ति नहीं हो सकता और कानून लागू करने में दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। दरअसल, जमुई में 19 सितंबर को एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद किशोर के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। वीडियो साझा करने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। इस पूरे मामले में अब जांच और कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नाबालिग पीड़िता की पहचान की गोपनीयता को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। तेजस्वी यादव की मांग है कि इस मामले में कानून के अनुसार समान कार्रवाई की जाए।