दिल्ली में CJP तिरंगा मार्च पर रोक, BJP नेता प्रतुल शाहदेव बोले- कानून का सम्मान करें

दिल्ली में CJP तिरंगा मार्च: दिल्ली में CJP के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को पुलिस से अनुमति नहीं मिलने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड BJP के नेता प्रतुल शाहदेव ने मार्च को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च निकालने के फैसले को अनुचित बताया। CJP तिरंगा मार्च को लेकर प्रतुल शाहदेव का बयान रांची, झारखंड से सामने आए बयान में भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने दिल्ली में प्रस्तावित CJP तिरंगा मार्च को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में आयोजकों को कानून का पालन करना चाहिए। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के मन में देश के प्रति सम्मान और तिरंगे के प्रति प्रेम है, तो वह अपने स्थान पर रहकर भी राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि मार्च निकालने की जरूरत क्यों है और क्या इसके पीछे केवल प्रचार पाने की मंशा है? तिरंगे के राजनीतिक इस्तेमाल पर उठाए सवाल भाजपा नेता ने तिरंगे के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के लिए लाखों लोगों और वीर जवानों ने बलिदान दिया है। ऐसे में तिरंगे का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। इसलिए इसके नाम पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चुनौती पैदा हो। दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था का दिया हवाला प्रतुल शाहदेव ने दिल्ली को उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि यहां प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग रहते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में बिना अनुमति मार्च निकालना उचित नहीं है। उन्होंने आयोजकों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। कानून का पालन करने की अपील भाजपा नेता ने अभिजीत दीपके के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि कानून का सम्मान करने की बात कहने के साथ व्यवहार में भी उसका पालन होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस इस मार्च को अनुमति नहीं देने के अपने रुख पर कायम है और स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालेगी। फिलहाल, CJP के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर प्रतुल शाहदेव का यह बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में मार्च के आयोजकों की प्रतिक्रिया और आगे की आधिकारिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।