20 सितंबर को बापू सभागार में होगा ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ महामंथन, लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन

पटना: राजधानी पटना के बापू सभागार में आगामी 20 सितंबर 2026 को ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ विषय पर महामंथन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन लव-कुश प्रोग्रेसिव ग्रुप के तत्वावधान में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में बिहार के विकास, सामाजिक भागीदारी और भविष्य की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता के रूप में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के शामिल होने की जानकारी दी गई है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा को अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और निशांत कुमार विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजकों का कहना है कि ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ महामंथन का उद्देश्य बिहार के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद और मंथन को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही लव-कुश समाज से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनके योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक समारोह में बिहार के सभी 38 जिलों से लोगों के शामिल होने की तैयारी है। विभिन्न जिलों से लव-कुश समाज के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, बुद्धिजीवी और प्रतिभाएं कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पटना पहुंचेंगे। आयोजकों ने दावा किया है कि कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह के चीफ कन्वेनर डॉ. एस. मधुप ने कहा कि कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। वहीं पटना के प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह से जुड़े सक्रिय सदस्य कुमार धर्मवीर ने भी कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जानकारी साझा की। आयोजकों की ओर से जारी संयुक्त बयान में अरुण कुमार कुशवाहा, अमित कुमार वर्मा, एम.पी. मेहता (अध्यक्ष) और डॉ. मनोज कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि समारोह में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार के विकास और समाज की भूमिका पर व्यापक चर्चा का मंच भी बनेगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने की योजना है। 20 सितंबर को होने वाले इस आयोजन को लेकर पटना में तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोगों की भागीदारी के साथ यह कार्यक्रम सामाजिक संवाद और बिहार के विकास को लेकर नए विचारों को सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

IRCTC मामला: संजय झा बोले- कोर्ट ने आरोप तय किए, अब शुरू होगा ट्रायल

पटना, बिहार। IRCTC मामले में कोर्ट की ओर से आरोप तय किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी मामले को लेकर JDU सांसद संजय झा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोप है कि नौकरी देने के बदले जमीन लिखवाई गई थी। अब अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं, जिसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। संजय झा ने कहा कि आरोप तय होने का मतलब यह है कि अदालत ने मामले को सुनवाई के योग्य माना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आगे का फैसला कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि अब इस मामले में ट्रायल शुरू होगा और अदालत जो भी निर्णय देगी, उसे स्वीकार करना होगा। संजय झा ने कहा कि मामला न्यायाधीन होने के कारण इस पर ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं है। इसके साथ ही JDU सांसद ने विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि संबंधित नेताओं और उनकी सरकार का अब तक का राजनीतिक रिकॉर्ड जनता के सामने है। उनका कहना था कि इस मामले में अंतिम फैसला अदालत को ही करना है और सभी को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

1984 के सिख नरसंहार पर नितिन नवीन का बड़ा बयान, बोले- भाजपा कभी नहीं भूलेगी वह दर्द

रुद्रपुर, उत्तराखंड। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उस दौर में निर्दोष सिख समुदाय के लोगों के साथ जो कुछ हुआ, उसकी पीड़ा को शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है। नितिन नवीन ने कहा कि दशकों बीत जाने के बावजूद पीड़ित परिवारों को लंबे समय तक न्याय का इंतजार करना पड़ा। भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि 1984 की घटनाओं ने सिख समाज के मन पर गहरा असर छोड़ा है। उन्होंने कहा कि उस समय हुई हिंसा में जिन लोगों ने अपने परिवार और अपनों को खोया, उनके दर्द को समझना आसान नहीं है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हुई। नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2015 में 1984 से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया था। भाजपा अध्यक्ष ने इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि 1984 में सिख समुदाय के निर्दोष लोगों के खिलाफ हुई हिंसा को देश को हमेशा याद रखना चाहिए। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और इस त्रासदी को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पंजाबी गौरव सम्मेलन के मंच से उन्होंने दोहराया कि 1984 की घटनाओं में जिन लोगों ने निर्दोष नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया, उनके खिलाफ कार्रवाई और न्याय का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को भुलाया नहीं जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। भाजपा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा मुद्दा आज भी राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

BRICS पर चिदंबरम के बयान से गरमाई सियासत, ललन सिंह बोले- ‘हर चीज में राजनीति क्यों?’

BRICS सम्मेलन को लेकर देश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने तीखा पलटवार किया है। ललन सिंह ने भारत की मेजबानी में हो रहे BRICS सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंच रहे हैं और भारत अपनी परंपरा के मुताबिक उनका स्वागत कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में ‘अतिथि देवो भव’ का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि देश में आने वाले हर अतिथि को सम्मान देना भारतीय परंपरा का हिस्सा है। ऐसे में किसी अंतरराष्ट्रीय आयोजन को केवल राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है। पी. चिदंबरम पर निशाना साधते हुए ललन सिंह ने कहा कि उन्हें हर चीज में राजनीति नजर आने लगी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि चिदंबरम साहब को हर चीज में ‘कीड़ा काटने’ लगता है और उन्हें इसका इलाज करवाना चाहिए कि आखिर उन्हें हर मुद्दे में राजनीति क्यों दिखाई देती है। ललन सिंह ने आगे कहा कि पी. चिदंबरम लंबे समय तक देश के महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और भारत की विदेश नीति से जुड़े विषयों को व्यापक नजरिए से देखने की उम्मीद की जाती है। BRICS सम्मेलन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच माना जा रहा है। इसमें सदस्य देशों के साथ-साथ अन्य देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी हो रही है। सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। BRICS को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। जहां सरकार इसे भारत की वैश्विक भूमिका और कूटनीतिक प्रभाव को मजबूत करने के अवसर के तौर पर देख रही है, वहीं विपक्ष की ओर से सम्मेलन के वास्तविक परिणाम और भारत को होने वाले लाभ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ललन सिंह की टिप्पणी के बाद BRICS सम्मेलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

प्रयागराज में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे बेरोजगार युवाओं का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। प्रयागराज में बड़ी संख्या में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं की प्रमुख मांग है कि प्रदेश में लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे काफी समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। कई युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से उनके सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रयागराज में प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने वाले छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा गया है कि रोजगार की मांग करना किसी भी युवा का अपराध नहीं है। युवाओं की समस्याओं को दबाने के बजाय सरकार को उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और शिक्षक भर्ती को लेकर स्पष्ट रोडमैप सामने रखना चाहिए। आंदोलन को समर्थन देने वालों ने कहा कि शिक्षक भर्ती के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा रहा जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रयागराज पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात करने और उनकी मांगों को उठाने की बात भी कही गई है। फिलहाल प्रयागराज में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है और लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को कब तक कोई ठोस आश्वासन मिलता है।

मेरठ में BJP को झटका, ब्लॉक प्रमुख कपिल मुखिया ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। मेरठ ब्लॉक प्रमुख कपिल मुखिया ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि वह आज भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। कपिल मुखिया के इस्तीफे के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि ब्लॉक प्रमुख पार्टी की नीतियों और संगठन के भीतर सामने आ रही परिस्थितियों से नाराज चल रहे थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया। कपिल मुखिया ने अपने बयान में पार्टी की नीतियों को लेकर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी की कुछ नीतियों और कार्यप्रणाली से आहत थे। हालांकि, इस्तीफे के बाद उनकी अगली राजनीतिक रणनीति क्या होगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर कपिल मुखिया की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनके इस्तीफे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के करीबी नेताओं में गिना जाता है। ऐसे में उनके भाजपा छोड़ने के फैसले ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। कपिल मुखिया के इस्तीफे से मेरठ की स्थानीय राजनीति में भाजपा संगठन के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की नजर अब इस बात पर है कि कपिल मुखिया आगे किस राजनीतिक विकल्प के साथ जाते हैं। फिलहाल उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके अगले कदम को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर कपिल मुखिया की ओर से अभी कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई है। इस घटनाक्रम के बाद मेरठ की राजनीति में भाजपा से जुड़े स्थानीय समीकरणों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में कपिल मुखिया का अगला फैसला राजनीतिक रूप से अहम माना जा सकता है।

वैशाली में बड़ा हादसा! निर्माणाधीन 6 लेन पुल का हिस्सा भरभराकर गिरा

वैशाली: बिहार के वैशाली जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। लालगंज के जलालपुर इलाके में गंडक नदी के समीप भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन 6 लेन पुल का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। पुल का स्ट्रक्चर गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि यह पुल निर्माणाधीन था और इसी दौरान अचानक इसका एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। स्ट्रक्चर गिरने की घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और निर्माण कार्य से जुड़े कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा और नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। हालांकि, निर्माणाधीन पुल के इतने बड़े हिस्से के गिरने से परियोजना की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की ओर से घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुल का स्ट्रक्चर किन परिस्थितियों में गिरा और इसके पीछे तकनीकी या निर्माण संबंधी क्या वजह रही।

मदन सहनी का बड़ा बयान: बख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुर’ करने का समर्थन, नालंदा पर भी रखी मांग

पटना। बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनके नाम पर किसी स्थान का नाम रखा जाना सम्मान की बात होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि केवल बख्तियारपुर ही नहीं, बल्कि नालंदा जिले का नाम भी नीतीश कुमार के नाम पर रखने पर विचार किया जाना चाहिए। मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने इसे महिलाओं, गरीबों और मजदूरों के हित में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण पहल बताया। मंत्री के मुताबिक शराबबंदी से समाज और परिवारों में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू है और आगे भी जारी रहेगी। शराब तस्करी के मामलों में महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवालों पर भी मदन सहनी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की हजारों महिलाएं शराब के अवैध कारोबार में पकड़ी गई हैं, लेकिन तब इस तरह के सवाल नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी होने के बावजूद शराब तस्करी में शामिल होना गलत है और कानून अपना काम करेगा। जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को लेकर भी मदन सहनी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने संजय झा को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सर्वमान्य नेता बताया। वहीं फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि यह बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले को पहले ही गंभीरता से उठाया जाना चाहिए था। मदन सहनी के अनुसार संजय झा फरक्का जलसंधि को लेकर प्रयास कर रहे हैं। दिसंबर में इसके नवीनीकरण की चर्चा है और उम्मीद है कि अंतिम फैसला बिहार के हित में होगा। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर मदन सहनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी राज्य की मदद की है और आगे भी सहायता मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय केंद्र से मदद मिलना बिहार का अधिकार है।

मुंगेर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का ममता चौधरी ने लिया जायजा, पीड़ितों से की मुलाकात

मुंगेर: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पत्नी ममता चौधरी ने मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। ममता चौधरी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर बाढ़ के कारण उन्हें हो रही परेशानियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और मौके पर मौजूद लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति और क्षेत्र में राहत से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से देखने का भी प्रयास किया गया। दौरे के दौरान ममता चौधरी ने सामुदायिक किचन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए की जा रही भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। सामुदायिक किचन में लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और भोजन व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली गई। बाढ़ के समय प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सामुदायिक किचन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है। ममता चौधरी के दौरे के दौरान इसी व्यवस्था का निरीक्षण किया गया और प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया गया। मुंगेर में बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान ममता चौधरी ने स्थानीय लोगों के बीच पहुंचकर उनकी स्थिति को जाना। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने कई तरह की चुनौतियां बनी हुई हैं। दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनका हाल जानना और राहत व्यवस्था की जमीनी स्थिति को देखना रहा। ममता चौधरी ने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की और सामुदायिक किचन का निरीक्षण कर वहां चल रही भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। मुंगेर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उनका दौरा स्थानीय लोगों से सीधे संवाद और राहत व्यवस्था की स्थिति को समझने के लिहाज से अहम रहा। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और उनके लिए उपलब्ध कराई जा रही भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

पटना: बाढ़ को लेकर तेजस्वी पर बरसे BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बोले- सुझाव है तो सरकार को दें

पटना: बाढ़ को लेकर तेजस्वी पर बरसे BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बोले- सुझाव है तो सरकार को दें पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी बीच बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बाढ़ जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सरकार को रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। सरावगी ने कहा कि तेजस्वी यादव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में यदि उनके पास बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद या राहत व्यवस्था को लेकर कोई बेहतर सुझाव है, तो उन्हें सरकार के सामने रखना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव सदन की कार्यवाही से अक्सर दूर रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल सरकार पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि संकट की स्थिति में अपने सुझाव और सहयोग भी देना है। संजय सरावगी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों और लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए काम कर रही है। सरकार का फोकस प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और मौजूदा हालात से निपटने पर है। बाढ़ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती बयानबाजी के बीच अब तेजस्वी यादव की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।