पटना मरीन ड्राइव पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, CM सम्राट चौधरी ने लिया हिस्सा

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के मरीन ड्राइव में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर अभियान से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी की। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन सेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। पटना मरीन ड्राइव पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की मौजूदगी भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी के दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इस मौके पर सेवा संकल्प अभियान से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम को लेकर मरीन ड्राइव क्षेत्र में विशेष तैयारियां की गई थीं। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का माहौल आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश से जुड़ा नजर आया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री की भागीदारी के साथ कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में उत्सुकता देखने को मिली। मुख्य बिंदु: 🔴 पटना मरीन ड्राइव में आयोजित हुआ कार्यक्रम 🔴 ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन 🔴 मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया हिस्सा 🔴 दीप प्रज्वलन के जरिए कार्यक्रम में की भागीदारी
Tata Sons Board: एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को बोर्ड की मंजूरी, ट्रस्ट उठा सकते हैं सवाल

मुंबई: टाटा समूह से जुड़ी बड़ी कॉरपोरेट खबर सामने आई है। टाटा संस के बोर्ड ने चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति का समर्थन किया है। बोर्ड की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। हालांकि, इस फैसले को लेकर टाटा समूह से जुड़े ट्रस्टों की ओर से आपत्ति या चुनौती दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, टाटा संस बोर्ड की बैठक में चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बोर्ड के समर्थन के बाद संबंधित सूची और प्रस्ताव को आगे की मंजूरी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। टाटा संस में ट्रस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका है और कंपनी के प्रमुख फैसलों में उनकी स्थिति अहम मानी जाती है। ऐसे में यदि ट्रस्ट इस निर्णय पर सवाल उठाते हैं या किसी तरह की चुनौती पेश करते हैं, तो आने वाले दिनों में यह मामला कॉरपोरेट जगत में चर्चा का विषय बन सकता है। इसी बीच टाटा स्टील के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर टी.वी. नरेंद्रन को टाटा हाउस से बाहर निकलते हुए देखा गया। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद टाटा समूह के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया और ट्रस्टों के रुख पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिलहाल बोर्ड के समर्थन को टाटा संस के नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत-अफगानिस्तान तीसरे टी-20 से पहले क्रिकेट फैंस में उत्साह, सुधीर ने की वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग

दिल्ली: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही टी-20 सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले फैंस टीम इंडिया से एक और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भारतीय समर्थकों की नजरें इस बात पर भी टिकी हैं कि अंतिम मुकाबले में टीम प्रबंधन किन खिलाड़ियों को मैदान पर उतारता है। भारतीय क्रिकेट टीम के चर्चित प्रशंसक सुधीर भी तीसरे टी-20 को लेकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने टीम इंडिया के प्रदर्शन पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत इस सीरीज को 3-0 से क्लीन स्वीप करेगा। उनके मुताबिक भारतीय टीम मौजूदा लय को बरकरार रखते हुए आखिरी मुकाबला भी अपने नाम कर सकती है। सुधीर ने इस दौरान युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को भी अंतिम मुकाबले में मौका देने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाता है तो युवा प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही इससे दर्शकों के बीच भी मुकाबले को लेकर उत्सुकता बढ़ेगी। क्रिकेट प्रशंसकों के बीच युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर देखने की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में तीसरे टी-20 में टीम संयोजन को लेकर भी चर्चा तेज है। फैंस यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भारतीय टीम आखिरी मुकाबले में अपनी मजबूत टीम के साथ उतरती है या कुछ युवा चेहरों को भी मैदान पर उतरने का अवसर मिलता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबले हमेशा से रोमांचक रहे हैं। दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर आक्रामक क्रिकेट के लिए जाने जाते हैं। तीसरे और अंतिम टी-20 में भी क्रिकेट प्रेमियों को चौकों-छक्कों और रोमांचक पलों की उम्मीद है। अब सभी की नजरें मैच पर हैं। भारतीय प्रशंसक जहां सीरीज में क्लीन स्वीप की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की संभावना भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
Semicon 2.0: भारत में तैयार होगा सेमीकंडक्टर का पूरा इकोसिस्टम, अश्विनी वैष्णव ने बताया सरकार का रोडमैप

नई दिल्ली: भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अगले चरण की तैयारी तेज कर दी है। Semicon 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि Semicon 2.0 के तहत देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को और विस्तार देने के साथ एक व्यापक घरेलू इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक, सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास की बुनियादी जरूरत बन चुके हैं। आज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल, रेलवे और डिफेंस सिस्टम तक बड़ी संख्या में उत्पादों में चिप्स का इस्तेमाल होता है। ऐसे में भारत के लिए चिप निर्माण की क्षमता को देश के भीतर विकसित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि Semicon 1.0 के जरिए भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की शुरुआती नींव तैयार की गई। अब Semicon 2.0 के माध्यम से इसी आधार को आगे बढ़ाते हुए उद्योग का दायरा बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में सेमीकंडक्टर से जुड़े विभिन्न चरणों को एक साथ विकसित करने की है। इसमें निर्माण, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे आयात पर निर्भरता कम करने, नई औद्योगिक क्षमताएं विकसित करने और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल आज टीवी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर कार, स्कूटर, ट्रेन, ड्रोन और मिसाइल सिस्टम तक में किया जाता है। यही वजह है कि चिप निर्माण को भारत की औद्योगिक और तकनीकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सरकार के इस अगले चरण का उद्देश्य भारत को केवल सेमीकंडक्टर का बाजार बनाने के बजाय उत्पादन और सप्लाई चेन के स्तर पर भी मजबूत भूमिका में लाना है। Semicon 2.0 के जरिए पहले से तैयार आधार को विस्तार देने के साथ देश में एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
DUSU Election 2026-27: NSUI ने घोषित किया पैनल, छात्र सुविधाओं और सुरक्षा के मुद्दों पर फोकस

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026-27 को लेकर छात्र संगठनों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में NSUI ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए छात्रों से समर्थन की अपील की है। संगठन ने अपने चुनावी अभियान में छात्र हितों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता दी है। NSUI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, DUSU चुनाव के लिए विजय शंकर मीणा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं वीर चतरथ उपाध्यक्ष, नम्रता चौधरी सचिव और गोपाल चौधरी सह-सचिव पद के लिए मैदान में हैं। संगठन ने अपने अभियान में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा है। इनमें मेट्रो पास, हॉस्टल की सुविधाएं, कैंपस में सुरक्षा और अन्य छात्र हित से जुड़े विषय शामिल हैं। NSUI का कहना है कि इन मुद्दों को छात्रसंघ के मंच पर मजबूती के साथ उठाने की कोशिश की जाएगी। NSUI ने छात्रों से 18 सितंबर को अपने पैनल के समर्थन में मतदान करने की अपील की है। प्रचार अभियान के तहत संगठन ने अपने उम्मीदवारों के लिए 6, 4, 1 और 2 नंबर को याद रखने का संदेश भी दिया है। DUSU चुनाव को लेकर विभिन्न छात्र संगठन अपने-अपने उम्मीदवारों के साथ छात्रों के बीच पहुंच रहे हैं। चुनावी अभियान में छात्र सुविधाओं, शिक्षा, हॉस्टल, सुरक्षा और कैंपस से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। NSUI ने अपने अभियान को “Students First” संदेश के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है। अब चुनाव में छात्रों का रुख और विभिन्न छात्र संगठनों के मुद्दे चर्चा का विषय बने हुए हैं।
भारत में तेजी से मजबूत हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, Tata Electronics ने बताई सरकार के सहयोग की अहमियत

नई दिल्ली: भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को लेकर देश में तेजी से गतिविधियां बढ़ रही हैं। सरकार की नीतियों और निवेश के चलते सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियां भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। Tata Electronics के Foundry और OSAT कारोबार से जुड़े Senior Director of Sales and Business Development डॉ. बोरा बालोग्लू ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। डॉ. बालोग्लू के मुताबिक, भारत के लिए सेमीकंडक्टर उद्योग में प्रवेश करना और देश के भीतर इससे जुड़ी पूरी सप्लाई चेन तैयार करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार की ओर से मिल रहा समर्थन उद्योग के विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी सहयोग और अनुकूल माहौल के कारण कई कंपनियां भारत में आने और निवेश करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। उनका मानना है कि जैसे-जैसे सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के अलग-अलग हिस्से भारत में स्थापित होते जाएंगे, वैसे-वैसे देश में इस क्षेत्र की क्षमताओं को विकसित करना भी आसान होगा। सप्लाई चेन मजबूत होने से बढ़ेगी क्षमता Tata Electronics के अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि सेमीकंडक्टर उद्योग सिर्फ चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। इसके लिए एक मजबूत और व्यापक सप्लाई चेन की जरूरत होती है। भारत में यदि इस पूरी व्यवस्था के अलग-अलग हिस्से विकसित होते हैं, तो कंपनियों के लिए यहां अपनी सेमीकंडक्टर क्षमताओं को बढ़ाना अधिक सुगम होगा। क्या भारत को चिप निर्माण के लिए विदेशी साझेदारी की जरूरत है? जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को चिप निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारियों की आवश्यकता होगी, तो डॉ. बालोग्लू ने कहा कि भारत के पास अपनी क्षमताओं को विकसित करने की क्षमता मौजूद है। उनके अनुसार, भारत का उद्देश्य देश के भीतर ही एक मजबूत सेमीकंडक्टर उद्योग खड़ा करना है। उन्होंने संकेत दिया कि इस क्षेत्र का विकास मुख्य रूप से सप्लाई चेन से जुड़ी साझेदारियों के जरिए आगे बढ़ सकता है। उनके मुताबिक, इसके लिए जरूरी नहीं कि भारत को हर स्तर पर दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़े। भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और पैकेजिंग से जुड़ी क्षमताओं के विस्तार से इस क्षेत्र में भारत की भूमिका और बढ़ सकती है।
इंदौर में राहुल गांधी के स्वागत की अनोखी तैयारी, आदिवासी युवाओं ने हाथों पर बनवाए खास टैटू

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम से पहले आदिवासी युवाओं ने राहुल गांधी के इंदौर आगमन को यादगार बनाने के लिए एक अलग और आकर्षक अंदाज अपनाया है। जानकारी के मुताबिक, 20 से अधिक आदिवासी युवाओं ने अपने हाथों पर विशेष टैटू बनवाए हैं। युवाओं का कहना है कि यह तैयारी राहुल गांधी के सामने एक सरप्राइज के तौर पर पेश करने के उद्देश्य से की गई है। टैटू बनवाने को लेकर युवाओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है और कार्यक्रम से पहले ही इसकी चर्चा शुरू हो गई है। 19 सितंबर को होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हैं। कार्यक्रम में युवाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी भागीदारी को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। इसी बीच आदिवासी युवाओं का यह अनोखा अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। युवाओं की इस तैयारी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। हाथों पर बनवाए गए टैटू को लेकर युवा इसे अपने उत्साह और कार्यक्रम के प्रति जुड़ाव के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने के दौरान यह सरप्राइज उनके लिए खास पल बन सकता है। कार्यक्रम से पहले जिस तरह से युवाओं के बीच उत्साह नजर आ रहा है, उससे साफ है कि ‘छात्रों की गूंज’ को लेकर तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। अब सभी की नजर 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम पर है, जहां युवाओं की मौजूदगी और उनकी ओर से की गई यह खास तैयारी चर्चा का विषय बन सकती है।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर त्रिपुरा में सेवा अभियान, पूरे महीने होंगे कार्यक्रम: सीएम माणिक साहा

अगरतला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर त्रिपुरा में विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री प्रो. डॉ. माणिक साहा ने बताया कि इस बार राज्य में प्रधानमंत्री के जन्मदिन को सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि पूरे महीने अलग-अलग गतिविधियों के जरिए इसे मनाया जाएगा। अगरतला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर पहले ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे एक महीने तक सेवा गतिविधियां संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाजसेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में राज्य में रक्तदान शिविर समेत कई सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अगरतला में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में करीब 200 लोगों के रक्तदान करने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि इस तरह के रक्तदान शिविर केवल राजधानी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि त्रिपुरा के अलग-अलग जिलों और उपमंडलों में भी आयोजित किए जा रहे हैं। सीएम माणिक साहा के मुताबिक, प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर राज्यभर में सेवा और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की योजना है। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों को सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है। त्रिपुरा सरकार और भाजपा संगठन की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। रक्तदान जैसे कार्यक्रमों के जरिए जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने और समाज में सेवा भावना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर को ध्यान में रखते हुए इस बार सेवा गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया है। पूरे महीने चलने वाले इन कार्यक्रमों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोगों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
नेतन्याहू ने पीएम मोदी को जन्मदिन पर दी बधाई, बोले- भारत-इजरायल संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच बढ़ती दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है और देश का प्रभाव लगातार बढ़ा है। इजरायली प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच विकसित हुई साझेदारी को दो लोकतांत्रिक देशों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध के रूप में रेखांकित किया। भारत-इजरायल संबंधों को लेकर जताया भरोसा अपने संदेश में बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत और इजरायल के बीच सहयोग को आगे भी मजबूत करने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश आने वाले समय में द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। भारत और इजरायल के बीच रक्षा, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन, नवाचार और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संपर्क और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर गतिविधियां भी बढ़ी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर नेतन्याहू का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब भारत और इजरायल के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लगातार चर्चा में रहता है। दोनों देशों के रिश्तों में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के साथ-साथ तकनीकी साझेदारी भी एक प्रमुख हिस्सा है। नेतन्याहू ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति व्यक्तिगत शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए भारत-इजरायल मित्रता को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उनका संदेश दोनों देशों के बीच मौजूदा संबंधों को लेकर इजरायल के रुख को सामने रखता है।
जम्मू-कश्मीर में ‘ऑपरेशन सोहन’ के दौरान दो पाकिस्तानी जैश आतंकियों की पहचान, सद्दाम और मुस्तफा ढेर; AK राइफल, M4 कार्बाइन, ग्लॉक पिस्तौल और 4 ग्रेनेड बरामद

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक सुरक्षा अभियान के दौरान मारे गए दो संदिग्ध आतंकियों की पहचान को लेकर जानकारी साझा की है। पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन सोहन के दौरान मारे गए दोनों आतंकी पाकिस्तान से जुड़े प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे। पुलिस ने उनकी पहचान सद्दाम और मुस्तफा के रूप में की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दोनों आतंकियों को ढेर किया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें आतंकियों के पास से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान में एक AK असॉल्ट राइफल शामिल है, जिसके साथ चार मैगजीन मिली हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों को एक M4 कार्बाइन भी मिली, जिसके साथ तीन मैगजीन बरामद की गईं। तलाशी के दौरान एक ग्लॉक पिस्तौल और उसकी दो मैगजीन भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। इसके साथ ही चार ग्रेनेड भी मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस के इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां इलाके में अभियान से जुड़ी अन्य जानकारियों को भी खंगाल रही हैं। सुरक्षा बल आमतौर पर ऐसे अभियानों के बाद आसपास के क्षेत्रों में तलाशी लेकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई अन्य संदिग्ध गतिविधि या हथियार छिपे हुए न हों। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से लगातार अभियान चलाए जाते रहे हैं। ऐसे अभियानों के दौरान पुलिस और सुरक्षाबल संदिग्ध आतंकियों की पहचान, उनके संगठन से संबंध और बरामद हथियारों की जांच करते हैं। ऑपरेशन सोहन को लेकर पुलिस की ओर से सामने आई यह जानकारी भी इसी सुरक्षा कार्रवाई का हिस्सा बताई गई है। फिलहाल पुलिस के आधिकारिक बयान में बरामद हथियारों और मारे गए दोनों आतंकियों की पहचान से जुड़ी जानकारी साझा की गई है। अभियान से संबंधित अन्य विवरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।