Semicon 2.0: भारत में तैयार होगा सेमीकंडक्टर का पूरा इकोसिस्टम, अश्विनी वैष्णव ने बताया सरकार का रोडमैप

नई दिल्ली: भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने अगले चरण की तैयारी तेज कर दी है। Semicon 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि Semicon 2.0 के तहत देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को और विस्तार देने के साथ एक व्यापक घरेलू इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

मंत्री के मुताबिक, सेमीकंडक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास की बुनियादी जरूरत बन चुके हैं। आज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल, रेलवे और डिफेंस सिस्टम तक बड़ी संख्या में उत्पादों में चिप्स का इस्तेमाल होता है। ऐसे में भारत के लिए चिप निर्माण की क्षमता को देश के भीतर विकसित करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि Semicon 1.0 के जरिए भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की शुरुआती नींव तैयार की गई। अब Semicon 2.0 के माध्यम से इसी आधार को आगे बढ़ाते हुए उद्योग का दायरा बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में सेमीकंडक्टर से जुड़े विभिन्न चरणों को एक साथ विकसित करने की है। इसमें निर्माण, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे आयात पर निर्भरता कम करने, नई औद्योगिक क्षमताएं विकसित करने और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल आज टीवी, फ्रिज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर कार, स्कूटर, ट्रेन, ड्रोन और मिसाइल सिस्टम तक में किया जाता है। यही वजह है कि चिप निर्माण को भारत की औद्योगिक और तकनीकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

सरकार के इस अगले चरण का उद्देश्य भारत को केवल सेमीकंडक्टर का बाजार बनाने के बजाय उत्पादन और सप्लाई चेन के स्तर पर भी मजबूत भूमिका में लाना है। Semicon 2.0 के जरिए पहले से तैयार आधार को विस्तार देने के साथ देश में एक व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

Latest