बिजनौर में बिजली चोरी पकड़ने पहुंचे JE से मारपीट, जांच के दौरान हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद विभागीय कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। मामले को लेकर पुलिस से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन की जांच कर रही थी। इसी दौरान JE सुदीप कुमार शर्मा एक घर में जांच के लिए पहुंचे। जांच के दौरान कथित तौर पर बिजली की सप्लाई में अनियमितता सामने आई। आरोप है कि एक ही केबल के जरिए आसपास की कई दुकानों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी। बिजली विभाग के अधिकारी ने जब इस कनेक्शन को लेकर जानकारी जुटाने और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की, तो मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोगों के साथ उनका विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और JE के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी। विभागीय स्तर पर घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं, पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित परिसर में बिजली का कनेक्शन किस तरह इस्तेमाल किया जा रहा था और क्या वास्तव में एक ही केबल से कई दुकानों को बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। बिजली विभाग लगातार अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि अनधिकृत तरीके से की गई वायरिंग से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। फिलहाल JE के साथ मारपीट के मामले में पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी से जुड़े आरोपों की भी विभागीय जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
बिहार दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द, BPSSC के नोटिस के बाद छात्रों में खुशी

पटना: बिहार पुलिस में दारोगा भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बुधवार का दिन राहत और खुशी लेकर आया। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से मुख्य परीक्षा को लेकर जारी किए गए नोटिस के बाद गर्दनीबाग में जुटे अभ्यर्थियों ने जमकर जश्न मनाया। परीक्षा रद्द किए जाने की सूचना सामने आने के बाद छात्रों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। गर्दनीबाग लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के आंदोलनों और प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र रहा है। दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा से जुड़े मामले में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर यहां जुटे थे। आयोग के नोटिस के बाद छात्रों ने इसे अपने लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि परीक्षा से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान स्पष्ट तरीके से होना चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के हित सुरक्षित रहें। परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी के बाद छात्रों के बीच अब आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। BPSSC के नोटिस के बाद अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग के अगले अपडेट पर है। छात्रों को उम्मीद है कि आगे की परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी जल्द स्पष्ट की जाएगी। वहीं, अभ्यर्थियों के लिए यह भी जरूरी है कि वे आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाह से बचें। गर्दनीबाग में जश्न के दौरान छात्रों ने अपनी खुशी का इजहार किया। हालांकि, परीक्षा रद्द होने के बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी और मुख्य परीक्षा दोबारा कब आयोजित की जाएगी, इसकी जानकारी आयोग की ओर से जारी होने वाले अगले आधिकारिक निर्देशों से ही स्पष्ट होगी।
बक्सर के वामेश्वर धाम पहुंचे CM सम्राट चौधरी, विधि-विधान से की पूजा

बक्सर: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को बक्सर स्थित भगवान वामेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंदिर में पूजा के दौरान प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास के लिए प्रार्थना की। उन्होंने भगवान वामेश्वर का आशीर्वाद लिया और मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न की। इस मौके पर मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। वामेश्वर धाम बक्सर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों से मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह धार्मिक दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बक्सर समेत पूरे बिहार में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को लेकर लोगों की रुचि लगातार बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने पूजा के दौरान राज्य के लोगों के कल्याण और बिहार के निरंतर विकास की कामना की। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री का काफिला निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे रवाना हुआ। उनके दौरे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में काफी उत्सुकता देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के साथ मंदिर परिसर में मौजूद रहकर पूजा का माहौल साझा किया।
मनेर के हल्दी छपरा घाट पर हादसा, गंगा में तीन लापता; साड़ी के सहारे चार महिलाओं की बची जान

पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र स्थित हल्दी छपरा गंगा घाट पर कर्मा-धर्मा पूजा की सामग्री विसर्जित करने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पूजा के बाद गंगा में विसर्जन के लिए पहुंची महिलाओं का एक समूह अचानक तेज धारा की चपेट में आ गया। हादसे के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने बचाव की कोशिश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि विसर्जन के दौरान करीब सात महिलाएं गंगा की तेज धार में बहने लगीं। इसी बीच एक महिला ने साहस दिखाते हुए अपनी साड़ी का सहारा देकर पानी में फंसी चार महिलाओं को बाहर निकालने में मदद की। स्थानीय लोगों की तत्परता से चार महिलाओं की जान बचाई जा सकी। हालांकि, हादसे में एक महिला और दो बच्चियां अब भी लापता बताई जा रही हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा गया। इसके साथ ही SDRF की टीम भी मौके पर पहुंची और लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। गंगा में तेज बहाव होने के कारण राहत और बचाव टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हादसे की खबर मिलते ही घाट पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन जुट गए। लापता महिला और दोनों बच्चियों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार नदी किनारे मौजूद रहकर बचाव अभियान की जानकारी ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल की ओर से लोगों से नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से बचने की अपील की जा रही है। खासकर पूजा सामग्री के विसर्जन के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखने और बच्चों को नदी के किनारे नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। फिलहाल SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम लापता तीन लोगों की तलाश में जुटी है। प्रशासन की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अभियान के आगे बढ़ने के साथ ही घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
जमुई मामले में आरोपी हरेराम यादव की POCSO कोर्ट में पेशी, नंदन यादव का इलाज जारी

जमुई: बिहार के जमुई में सामने आए चर्चित मामले को लेकर पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। मामले में आरोपी हरेराम यादव को बुधवार को विशेष POCSO कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेशी के दौरान मामले से जुड़े आरोपों और पुलिस की अब तक की कार्रवाई को लेकर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि जमुई मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया है। इसी क्रम में हरेराम यादव की कोर्ट में पेशी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष POCSO कोर्ट में पेश किए जाने के बाद अदालत मामले से जुड़े दस्तावेजों और जांच की स्थिति को देखते हुए आगे की प्रक्रिया पर फैसला करेगी। वहीं, इस मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को बुधवार को अदालत में पेश नहीं किया गया। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार जारी रहने के कारण उसे फिलहाल कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया। पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका, घटना की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी। नंदन यादव के अस्पताल में इलाजरत होने के कारण उसकी कोर्ट में पेशी बाद में की जा सकती है। वहीं, हरेराम यादव की पेशी के बाद अदालत से मिलने वाले निर्देशों पर सभी की नजर रहेगी। जमुई की इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा बनी हुई है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस जांच और कोर्ट की कार्रवाई दोनों जारी हैं। नोट: इस खबर में आरोपों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। मामले में अंतिम निर्णय अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
SIR प्रक्रिया पर सवालों के बीच चुनाव आयोग की सफाई, कहा- विचार-विमर्श में अलग राय होना सामान्य

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर सामने आई रिपोर्ट के बाद आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर इन चर्चाओं को लेकर अपना पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि किसी भी संस्था में महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के मुताबिक, ये टिप्पणियां अंतिम निर्णय तक पहुंचने वाली आंतरिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल तीनों चुनाव आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनाव व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव और विचार रखने के लिए अधिकृत है। आयोग ने जोर दिया कि आंतरिक चर्चाओं में अलग मत सामने आना अपने आप में अंतिम फैसले में असहमति का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में सामने आई कुछ चुनिंदा आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर पूरी तस्वीर देखने को लेकर भी सवाल उठाया। आयोग का कहना है कि पिछले एक साल के दौरान उसके स्तर पर कई फैसले लिए गए, निर्देश जारी किए गए और चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 40 नई पहलें शुरू की गईं। आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के संशोधन, जिसमें SIR भी शामिल है, से जुड़े फैसले और चुनाव सुधार व्यापक स्तर पर किए गए हैं। आयोग ने दावा किया कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूरे आयोग की सामूहिक और सर्वसम्मत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं। वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटाबेस से जुड़े तकनीकी प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे। ऐसे में SIR को लेकर जारी बहस में एक तरफ आयोग की ओर से निर्णय प्रक्रिया को सामूहिक और विचार-विमर्श आधारित बताया गया है, जबकि दूसरी ओर सामने आई आंतरिक टिप्पणियों ने आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक चर्चा को तेज कर दिया है।
सोनू सूद ने पटना में अनंत सिंह से की मुलाकात, बाढ़ प्रभावित इलाकों का कर रहे दौरा

पटना। बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद इन दिनों बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने पटना पहुंचकर मोकामा विधायक अनंत सिंह से मुलाकात की। सोनू सूद अनंत सिंह के पटना स्थित आवास पहुंचे, जहां दोनों के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रभावित लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। सोनू सूद पिछले कुछ समय से जरूरतमंद लोगों की मदद और सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहे हैं। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच उनका प्रभावित इलाकों का दौरा भी इसी सामाजिक पहल से जोड़कर देखा जा रहा है। बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राहत और मदद से जुड़े प्रयासों को लेकर सोनू सूद की सक्रियता लोगों का ध्यान खींच रही है। पटना में अनंत सिंह से मुलाकात के बाद सोनू सूद के बिहार दौरे को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों के बीच हुई बातचीत के विस्तृत बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति और उनके लिए किए जा सकने वाले राहत कार्यों पर भी चर्चा हुई होगी। बिहार में इस समय कई क्षेत्रों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, आवागमन और सुरक्षित स्थान जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे समय में सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की ओर से राहत कार्यों में सहयोग किया जा रहा है। सोनू सूद का बिहार दौरा इसी कड़ी में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके पटना पहुंचने और अनंत सिंह से मुलाकात की तस्वीरें और जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान सोनू सूद किन क्षेत्रों में जाते हैं और जरूरतमंद लोगों के लिए किस तरह की मदद की पहल करते हैं।
छात्रों के मुद्दे पर पप्पू यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा, गंभीर अनियमितताओं के लगाए आरोप

पटना: छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव ने गर्दनीबाग पहुंचकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने छात्रों की समस्याओं, परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में छात्रों को कई स्तरों पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गलत मूल्यांकन, सत्र में देरी और परीक्षा परिणाम से जुड़ी शिकायतों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि समय पर शैक्षणिक सत्र पूरा नहीं होने से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है और उन्हें आगे की पढ़ाई तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों से पास कराने के नाम पर कथित तौर पर पैसे की मांग की जा रही है। पप्पू यादव के मुताबिक, ऐसी शिकायतों में 60 हजार रुपये तक की कथित रिश्वत मांगने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पप्पू यादव ने विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) और रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है, इसलिए शिकायतों की जांच कर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। गर्दनीबाग में मौजूद छात्रों ने भी अपनी विभिन्न समस्याएं सामने रखीं। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा, मूल्यांकन, परिणाम और शैक्षणिक सत्र से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। पप्पू यादव ने मांग की कि छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
23 साल तक अकेले पहाड़ काटते रहे रामचंद्र यादव, आज 25 गांवों के लिए बनी राह

गया। बिहार के गया जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो मेहनत, हौसले और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करती है। यहां रामचंद्र यादव ने अपने दम पर पहाड़ को काटकर ऐसी राह तैयार कर दी, जिससे आज आसपास के करीब 25 गांवों के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल रही है। इस काम को पूरा करने में उन्हें करीब 23 साल का लंबा वक्त लगा। बताया जाता है कि रामचंद्र यादव ने वर्ष 1993 में छेनी और हथौड़ी उठाकर पहाड़ काटने का काम शुरू किया था। शुरुआत में यह काम बेहद मुश्किल था। न कोई बड़ी मशीन थी और न ही कोई विशेष संसाधन। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे रोजाना मेहनत करते हुए उन्होंने पहाड़ के एक हिस्से को काटकर रास्ते का आकार देना शुरू किया। करीब दो दशक से ज्यादा समय तक लगातार मेहनत करने के बाद वर्ष 2015 तक उन्होंने लगभग 15 फीट चौड़ा रास्ता तैयार कर दिया। यह राह अब आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन बन गई है। जिन लोगों के लिए पहले पहाड़ी रास्ते की वजह से आवाजाही मुश्किल होती थी, उनके लिए यह रास्ता काफी राहत लेकर आया। रामचंद्र यादव की कहानी सिर्फ एक रास्ता बनाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस जिद और जुनून की कहानी है, जिसमें एक व्यक्ति ने सुविधाओं का इंतजार करने के बजाय खुद रास्ता बनाने का फैसला किया। उनकी मेहनत का असर आज कई गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई देता है। रामचंद्र यादव का कहना है कि इंसान अगर ठान ले तो कठिन से कठिन काम भी पूरा किया जा सकता है। उनका संकल्प आज भी कायम है। वे कहते हैं, “जब तक जान है, तब तक करते रहेंगे।” उनकी यह सोच और वर्षों की मेहनत ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणा बन गई है। रामचंद्र यादव ने यह साबित किया कि मजबूत इरादे और लगातार प्रयास के सामने पहाड़ जैसी मुश्किल भी छोटी पड़ सकती है।
JDU कार्यालय के बाहर BUHS अभ्यर्थियों का हंगामा, कई मांगों को लेकर प्रदर्शन

पटना। बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने पटना स्थित JDU कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर धरना दिया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि BUHS में स्थायी कुलपति की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। इसके अलावा परीक्षा शुल्क कम करने, री-इवैल्यूएशन की व्यवस्था लागू करने और नियमित एकेडमिक कैलेंडर जारी करने की मांग की गई है। अभ्यर्थियों ने BTSC लैब टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्ष 2025 में लैब टेक्नीशियन के पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी, लेकिन अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे अपनी समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात करने के उद्देश्य से JDU कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, कार्यालय का गेट बंद कर दिए जाने के बाद अभ्यर्थियों की मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कार्यालय के बाहर ही बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर भी सरकार के सामने अपनी मांग रखी। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया में B.Pharm डिग्रीधारकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि चार वर्षीय B.Pharm की पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। अभ्यर्थियों ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द विचार कर ठोस कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल JDU कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है।