भारत-वेस्टइंडीज वनडे से पहले कामाख्या मंदिर पहुंचे गौतम गंभीर, लिया मां का आशीर्वाद

गुवाहाटी, असम। भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर गुवाहाटी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में दर्शन किए और मां कामाख्या का आशीर्वाद लिया। मंदिर पहुंचने के दौरान गंभीर की मौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों में उत्सुकता देखने को मिली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 30 सितंबर को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में वनडे मुकाबला खेला जाना है। मैच को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में खासा उत्साह है। मुकाबले से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ गुवाहाटी में अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी क्रम में हेड कोच गौतम गंभीर ने कामाख्या मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और असम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इसका विशेष महत्व है। गंभीर के मंदिर पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वह मंदिर परिसर में नजर आ रहे हैं। गौतम गंभीर के लिए यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारतीय टीम आगामी वनडे मुकाबले को लेकर मैदान पर रणनीति तैयार कर रही है। वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला गुवाहाटी के क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी खास माना जा रहा है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों की तैयारियां जारी हैं। भारतीय टीम की नजर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी, जबकि वेस्टइंडीज की टीम भी मजबूत चुनौती पेश करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। गुवाहाटी में होने वाले इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है। अब सभी की नजरें 30 सितंबर को बरसापारा स्टेडियम में होने वाले भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबले पर टिकी हैं।
कश्मीरी गेट मर्डर केस का खुलासा, रिश्तेदार ही निकला मुख्य आरोपी

नई दिल्ली: कश्मीरी गेट इलाके में हुई हत्या और लूट की वारदात की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की DCP निहारिका भट्ट के मुताबिक, मामले में मृतक प्रभात का रिश्तेदार ओम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, ओम को प्रभात के रोजाना के आने-जाने और पैसों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी थी। DCP निहारिका भट्ट ने बताया कि ओम को पता था कि प्रभात हर शाम गांधीनगर से काफी मात्रा में नकदी लेकर चांदनी चौक की ओर जाता था। इसी जानकारी को आधार बनाकर कथित तौर पर लूट की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, ओम ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने कुछ साथियों को झांसी और कानपुर से दिल्ली बुलाया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस पूरी साजिश में कुल सात युवक शामिल थे। आरोप है कि 26 तारीख की शाम इन लोगों ने ऑटो रिक्शा को रास्ते में रोककर लूट की कोशिश की। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रभात की हत्या कर दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों को प्रभात के पास मौजूद रकम और उसके नियमित रूट की जानकारी थी। इसी वजह से वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि करीबी लोगों को किसी व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी किस तरह अपराध की वजह बन सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई थी, सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए और घटना के बाद उन्होंने क्या किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
12 दिन बाद मिली बड़ी राहत, प्रयागराज से लापता दोनों बहनें वाराणसी में सकुशल बरामद

प्रयागराज/वाराणसी: प्रयागराज के सरायममरेज क्षेत्र से करीब 12 दिन पहले लापता हुईं दो नाबालिग बहनों के सकुशल मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली है। 13 वर्षीय निधि पांडेय और 9 वर्षीय अनन्या पांडेय को वाराणसी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चियां पिछले 12 दिनों से लापता थीं, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई थी। बच्चियों की तलाश में पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार जुटी हुई थीं। अलग-अलग स्तर पर की गई खोजबीन के बाद दोनों बहनों का पता वाराणसी में चला। बच्चियों के सुरक्षित मिलने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। दोनों के सकुशल घर पहुंचने की खबर से परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के साथ-साथ उन सभी लोगों के प्रयासों की भी सराहना की जा रही है, जिन्होंने बच्चियों की तलाश में किसी न किसी रूप में सहयोग किया। 12 दिनों की चिंता के बाद दोनों बहनों के सुरक्षित मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने बच्चियों की तलाश में जुटे पुलिसकर्मियों, प्रशासन और मदद करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया है।
आयुष्मान खुराना का संदेश- अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही ग्लोबल पहचान बनाएं

मुंबई, महाराष्ट्र: अभिनेता आयुष्मान खुराना ने FICCI FRAMES के 26वें संस्करण में भारतीय सिनेमा और कलाकारों की वैश्विक पहचान को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सबसे जरूरी है कि कलाकार अपनी पहचान और मूल से जुड़े रहें। आयुष्मान खुराना के मुताबिक, ‘स्टे ऑथेंटिक’ यानी अपनी वास्तविक पहचान को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक विविधता है और इसी विविधता को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई व्यक्ति अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ा रहता है, तो उसके लिए वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाना आसान हो सकता है। उनके अनुसार, भारतीय कलाकारों और फिल्म इंडस्ट्री को अपनी स्थानीय कहानियों, संस्कृति और अनुभवों को आत्मविश्वास के साथ दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास जारी रखना चाहिए। आयुष्मान ने यह भी कहा कि आगे बढ़ने और बेहतर करने की कोशिश हमेशा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने आकांक्षा और निरंतर प्रयास को सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। FICCI FRAMES के मंच से आयुष्मान खुराना का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब भारतीय मनोरंजन उद्योग की पहुंच लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है। भारतीय फिल्मों, कलाकारों और कहानियों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।
दिल्ली को मिली नई कनेक्टिविटी, बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस नए कॉरिडोर के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। परियोजना का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना और यात्रियों को अधिक सुगम परिवहन सुविधा देना है। बारापुल्ला कॉरिडोर दिल्ली की प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं में शामिल है। इसके विस्तार से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए यह कॉरिडोर उपयोगी साबित हो सकता है। उद्घाटन के दौरान परियोजना से जुड़ी सुविधाओं और इसके जरिए मिलने वाली कनेक्टिविटी को लेकर जानकारी भी साझा की गई। दिल्ली में बढ़ते यातायात दबाव के बीच ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को शहर की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। बारापुल्ला फेज-3 कॉरिडोर के चालू होने के बाद पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली की यात्रा में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। आने वाले समय में इस परियोजना के प्रभाव से यातायात व्यवस्था और दैनिक यात्रियों की आवाजाही में कितना सुधार होता है, यह देखने वाली बात होगी।
बगहा में गंडक नदी का कहर, चंपारण तटबंध टूटा; कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

बगहा: बिहार में गंडक नदी के तेज बहाव के बीच बगहा क्षेत्र में चंपारण तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तटबंध टूटने के बाद नदी का पानी आसपास के कई गांवों के खेतों में फैल गया है। वहीं, पानी के लगातार बढ़ने से आबादी वाले इलाकों में भी बाढ़ की आशंका गहरा गई है। तटबंध टूटने के बाद खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है और ग्रामीण आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय स्तर पर लोग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंडक नदी के तेज बहाव और जलस्तर को देखते हुए प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ सकती है। तटबंध टूटने के कारण पानी का फैलाव किन-किन क्षेत्रों तक पहुंचता है, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित गांवों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियों को भी तेज किए जाने की जरूरत है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर गंडक नदी का दबाव और बढ़ता है, तो आबादी वाले इलाकों में पानी पहुंचने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों में भी तटबंध टूटने के बाद भय का माहौल है।
SIR विवाद पर महुआ माजी ने उठाए सवाल, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर जताई उम्मीद

रांची: चुनाव आयोग से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से जल्द सुनवाई के लिए सहमति जताए जाने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। झारखंड से राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। महुआ माजी ने कहा कि SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सामने आ रही शिकायतों और सवालों से आम लोगों में परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों की ओर से कई मौकों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उनका कहना है कि SIR को लेकर जिस तरह की गड़बड़ियों की बातें सामने आ रही हैं, उन्हें गंभीरता से देखा जाना चाहिए। महुआ माजी ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा तरीके से फैसले लेने का आरोप लगाया और इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अलग पक्ष सामने आया है। आयोग ने कहा है कि SIR और अन्य महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग ने आंतरिक स्तर पर होने वाली असहमति को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान इस पूरे विवाद से जुड़े कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।
नंदीग्राम उपचुनाव: मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत, कांग्रेस ने कहा- सत्य की जीत

कोलकाता, पश्चिम बंगाल। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने के बाद पार्टी ने इसे बड़ी राहत बताया है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि मिलन प्रधान की जमानत से पार्टी का कानून और न्याय व्यवस्था में भरोसा और मजबूत हुआ है। शुभंकर सरकार ने कहा कि कांग्रेस हमेशा देश की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है। उन्होंने मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने को “सत्य की जीत” बताया। उनके मुताबिक, यह मामला केवल एक कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे अन्याय के खिलाफ संघर्ष के तौर पर देखा गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से जुड़े एक मामले में मिलन प्रधान को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब उन्होंने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में कदम रखा। उन्होंने दावा किया कि इसी मामले से जुड़े कुछ अन्य लोग बाद में मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई की गई। शुभंकर सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि मिलन प्रधान की जमानत रोकने के लिए काफी प्रयास किए गए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा कि मिलन प्रधान को अब चुनाव प्रचार करने का अवसर मिलेगा, लेकिन चुनाव की समयसीमा को देखते हुए कांग्रेस के पास प्रचार के लिए बहुत कम समय बचा है। पार्टी अब इस अवधि में अपने उम्मीदवार के समर्थन में अभियान तेज करने की तैयारी कर रही है। नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में कांग्रेस उम्मीदवार को मिली अंतरिम जमानत के बाद पार्टी के चुनावी अभियान को गति मिलने की उम्मीद है।
गंडक में पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ी चिंता, बिहार सरकार ने जिलों को किया अलर्ट

पटना: बिहार के उत्तर-पश्चिमी जिलों में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है। गंडक नदी में दोबारा पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सरकार की ओर से प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश ने बाढ़ की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि गंडक में एक बार फिर पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण कुछ इलाकों में ऐसी स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंत्री के मुताबिक, गंडक के पानी के मार्ग में आने वाले सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क किया गया है। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं। नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले बदलावों की लगातार जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखना और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना है। अधिकारियों की ओर से लोगों से भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
पटना में परिचारी कर्मचारियों का प्रदर्शन, गांधी मैदान से CM हाउस तक मार्च

पटना: बिहार की राजधानी पटना में परिचारी कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर प्रदर्शन किया। मंगलवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी गांधी मैदान के पास जुटे और अपनी मांगों के समर्थन में मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से लंबे समय से लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अपेक्षित स्तर पर समाधान नहीं हो पाया है। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से सकारात्मक पहल की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। परिचारी कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरती गई। मार्च के कारण आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति बनी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालने और मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है। अब परिचारी कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।