पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर सचिन पायलट का हमला, केंद्र और AAP सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी बीच कांग्रेस के पंजाब प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र सरकार और पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने कहा कि सीमा से ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार के पास गृह और रक्षा मंत्रालय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, तो बॉर्डर से नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग रही है। पायलट ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या केंद्र सरकार सीमा को सुरक्षित रखने और ड्रग्स की तस्करी रोकने में सफल रही है? 🔴 बॉर्डर से ड्रग्स तस्करी पर केंद्र से सवाल सचिन पायलट ने अपने बयान में सीमा सुरक्षा और ड्रग्स की सप्लाई को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि पंजाब में नशे की समस्या को केवल राज्य सरकार की जिम्मेदारी के तौर पर नहीं देखा जा सकता, क्योंकि नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क में सीमा पार से आने वाली तस्करी भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। हालिया राजनीतिक बहस में भी केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों की जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। 🔴 AAP सरकार पर भी पायलट का निशाना कांग्रेस नेता ने पंजाब की AAP सरकार को ड्रग्स के मुद्दे पर पूरी तरह विफल बताया। पायलट के मुताबिक, राज्य में नशे की समस्या गंभीर बनी हुई है और सरकार को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, AAP की ओर से ड्रग्स के मुद्दे पर सरकार के कामकाज का बचाव किया गया है और विपक्षी दलों के आरोपों पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। 🔴 पंजाब में कांग्रेस का अभियान जारी सचिन पायलट ने कांग्रेस के संगठन और आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कैंपेन लगातार जारी है और पार्टी के नेता मिलकर काम कर रहे हैं। पायलट ने बताया कि राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द पंजाब का दौरा करेंगे। कांग्रेस ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठनात्मक गतिविधियां भी तेज की हैं। 🔴 पंजाब की राजनीति में ड्रग्स बना बड़ा मुद्दा पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक चिंता से भी जुड़ा विषय बन चुका है। कांग्रेस, भाजपा और अन्य विपक्षी दल AAP सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि AAP अपने कार्यों का बचाव कर रही है। पायलट ने अपने बयान में कहा कि पंजाब के लोगों को कांग्रेस पार्टी से उम्मीदें हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए ड्रग्स, कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे आगामी चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण विषय बने रह सकते हैं।
पंचायत चुनाव में BJP की तैयारी तेज, जोगाराम पटेल ने किया बड़ा दावा

जयपुर: राजस्थान में पंचायत राज चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्थान सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि पार्टी संगठन पहले से ही पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है और कार्यकर्ता सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। 🔴 जोगाराम पटेल ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार जोगाराम पटेल ने राजस्थान के बीजेपी समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लगातार मेहनत करते हुए जनता के बीच पार्टी का विजन और सरकार के कामकाज को पहुंचाने का काम किया है। 🔴 पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पार्टी कार्यकर्ताओं को नगर निकाय चुनावों से भी बेहतर परिणाम पंचायत राज चुनाव में लाने का लक्ष्य दिया गया है। इसी दिशा में पार्टी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। “निकाय चुनावों से भी बेहतर परिणाम पंचायत राज चुनाव में लाएंगे” — जोगाराम पटेल 🔴 विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएगी बीजेपी पटेल के मुताबिक, पंचायत चुनाव के दौरान बीजेपी सरकार के विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर ग्रामीण मतदाताओं के बीच पहुंचेगी। पार्टी की कोशिश रहेगी कि सरकार के कामकाज की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जाए। 🔴 ग्रामीण मतदाताओं से समर्थन की उम्मीद जोगाराम पटेल ने नगर निकाय चुनावों में मिले समर्थन का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह जनता ने बीजेपी के कामों पर भरोसा जताया, उसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं से भी पार्टी को समर्थन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत राज चुनाव में बीजेपी नगर निकाय चुनावों से बेहतर प्रदर्शन करेगी। 🔴 अब ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस पंचायत चुनाव को देखते हुए बीजेपी का फोकस अब ग्रामीण इलाकों में संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर रहेगा। आने वाले दिनों में चुनावी तैयारियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, चुनाव का अंतिम परिणाम मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए 7 हजार करोड़ से ज्यादा जारी, शिवराज बोले- योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं, मुक्त व्यापार समझौतों और प्राकृतिक खेती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए अब तक 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। 🔴 सबसे बड़ी बात कृषि मंत्री के मुताबिक, किसानों के लिए पहले करीब 4 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसके बाद 3 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त राशि जारी की गई। इस तरह अब तक 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी होने की जानकारी दी गई है। 💰 किसानों के लिए 7,000 करोड़+ जारी शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं से जुड़ी जानकारी और उनके लाभ किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचना जरूरी है। 🌍 FTA की जानकारी किसानों तक पहुंचाने पर जोर कृषि मंत्री ने FTA यानी मुक्त व्यापार समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत के अलग-अलग देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों से जुड़ी सही जानकारी किसानों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसमें राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, ताकि किसान इन समझौतों और उनसे जुड़े संभावित अवसरों को बेहतर तरीके से समझ सकें। 🌱 प्राकृतिक खेती को लेकर भी फोकस शिवराज सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा समय में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की संभावनाएं मौजूद हैं। कृषि क्षेत्र में टिकाऊ खेती के विकल्पों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। 📌 क्या बोले कृषि मंत्री? ➡️ 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि जारी ➡️ पहले करीब 4 हजार करोड़ रुपये जारी किए गए ➡️ 3 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त राशि जारी ➡️ किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर ➡️ FTA की सही जानकारी किसानों तक पहुंचाने की बात ➡️ प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने के अवसरों पर जोर सरकार की कृषि योजनाओं, व्यापार समझौतों और प्राकृतिक खेती से जुड़े इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को उपलब्ध योजनाओं और नए अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना है। संबंधित योजनाओं का लाभ पात्रता और सरकारी नियमों के अनुसार किसानों तक पहुंचाया जाता है।
SIR पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान, बोले- अंतिम फैसला CEC के हाथ में

पटना, बिहार: बिहार में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की भूमिका को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और अंतिम निर्णय CEC के हाथ में होता है। 🔴 मांझी बोले- CEC का फैसला अंतिम जीतन राम मांझी ने कहा कि मीटिंग बुलाना मुख्य चुनाव आयुक्त का काम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री की इच्छा के बाद किसी विषय पर चर्चा और बहस होती है, उसी तरह संस्थागत प्रक्रिया के तहत निर्णय लिए जाते हैं। 🔴 SIR पर फैसला हो चुका है तो सवाल क्यों? केंद्रीय मंत्री ने SIR का जिक्र करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग इस मुद्दे पर अपना निर्णय सुना चुका है, तो उस फैसले पर सवाल उठाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनके बयान का मुख्य फोकस चुनाव आयोग के निर्णय को स्वीकार करने पर रहा। 🔴 चुनाव आयोग में CEC की भूमिका पर जोर मांझी ने कहा कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त सर्वेसर्वा होता है और अंतिम निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त के हाथ में ही होता है। उन्होंने इसी आधार पर SIR को लेकर आयोग के निर्णय पर सवाल उठाने की जरूरत से इनकार किया। 🔴 SIR को लेकर जारी है राजनीतिक बहस बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया, मतदाता सूची और उसके प्रभाव को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। मांझी के ताजा बयान ने इस बहस में चुनाव आयोग की भूमिका और CEC के निर्णय की अहमियत को केंद्र में ला दिया है। अब SIR से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।
खरगे के बयान पर विजय शर्मा का पलटवार, बोले- जनता ने PM मोदी को तीसरी बार चुना

रायपुर: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर अपनी बात रखी। विजय शर्मा ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री को देश की जनता से मिला जनादेश प्राप्त है और किसी नेता के कहने पर उनसे इस्तीफा देने या कोई निर्णय लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतंत्र में अपनी बात रखने और अपनी मांगें सामने रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी मांगों और मुद्दों को स्पष्ट रूप से सामने रखने की बात कही। INDIA गठबंधन की बैठक पर भी बोले विजय शर्मा INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी विजय शर्मा ने विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के लिए नेतृत्व की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, यदि नेतृत्व स्पष्ट दिशा के साथ आगे बढ़ता है तो संगठन को आगे बढ़ने में मदद मिलती है। वहीं, नेतृत्व में दिशा को लेकर असमंजस होने पर संगठन के सामने भी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। विजय शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल केंद्र सरकार तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेता विपक्ष की मांगों और राजनीतिक रुख को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल, खरगे के बयान और विजय शर्मा की प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
FCRA संशोधन बिल 2026: P. विल्सन ने JPC चेयरमैन को लिखा पत्र, आपत्तियां भी मांगने की अपील

नई दिल्ली: विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन बिल, 2026 को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सदस्य और DMK सांसद P. विल्सन ने समिति के चेयरमैन संजय जायसवाल को पत्र लिखा है। उन्होंने बिल पर लोगों और संबंधित पक्षों से राय लेने की प्रक्रिया को और व्यापक बनाने की मांग की है। P. विल्सन ने पत्र में उस प्रेस विज्ञप्ति का उल्लेख किया है, जिसके जरिए बिल को लेकर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रतिक्रिया मांगते समय केवल सुझाव ही नहीं, बल्कि प्रस्तावित संशोधनों पर आपत्तियां भी स्पष्ट रूप से आमंत्रित की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए तय समयसीमा बढ़ाने की भी मांग की है। पत्र के मुताबिक, संबंधित पक्षों को अपनी राय रखने के लिए कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जाना चाहिए, ताकि वे प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर विस्तृत प्रतिक्रिया दे सकें। इसके अलावा P. विल्सन ने इस पूरी प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अधिक से अधिक लोगों और संबंधित संगठनों तक सूचना पहुंचना जरूरी है, ताकि वे समय रहते समिति के सामने अपनी राय और आपत्तियां दर्ज करा सकें। FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act विदेशी स्रोतों से मिलने वाले योगदान के नियमन से संबंधित कानून है। ऐसे में इसके प्रावधानों में प्रस्तावित बदलावों पर संसदीय समिति द्वारा अलग-अलग पक्षों से प्रतिक्रिया लेना विधायी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब देखना होगा कि JPC की ओर से P. विल्सन की इन मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है। फिलहाल उनके पत्र में तीन प्रमुख मांगें सामने आई हैं—सुझावों के साथ आपत्तियां भी आमंत्रित करना, प्रतिक्रिया की समयसीमा कम से कम चार सप्ताह करना और प्रक्रिया का व्यापक प्रचार करना।
नंदीग्राम में BJP की जीत का लॉकेट चटर्जी ने किया दावा, मिलन प्रधान की जमानत पर भी बोलीं

कोलकाता: नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेत्री लॉकेट चटर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। लॉकेट चटर्जी ने कहा कि मिलन प्रधान को जमानत मिले या नहीं मिले, यह भाजपा के लिए परेशानी का विषय नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट किया है और नंदीग्राम में भाजपा जीत दर्ज करेगी। भाजपा नेत्री ने राज्य में अपनी पार्टी की सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद शुरुआती पांच महीनों में कई काम किए गए हैं और आने वाले समय में अभी कई कार्य किए जाने बाकी हैं। इंडिया गठबंधन की बैठक पर भी साधा निशाना इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर लॉकेट चटर्जी ने ममता बनर्जी और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि ममता बनर्जी के साथ आखिर कौन है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के बैठक में शामिल होने से क्या बदलाव आएगा। लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि ममता बनर्जी जिस किसी के पास भी जाएंगी, उन्हें राजनीतिक समर्थन नहीं मिलेगा। हालांकि, यह भाजपा नेत्री का राजनीतिक दावा है और इसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। नंदीग्राम में चुनावी मुकाबले के बीच नेताओं के बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में भाजपा, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनावी मुद्दों और उम्मीदवारों को लेकर बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर सुप्रीम कोर्ट का सवाल, नाबालिगों के कॉन्ट्रैक्ट पर उठी चर्चा

नई दिल्ली | 28 सितंबर 2026 सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के अकाउंट को लेकर अहम सवाल उठाया है। अदालत ने पूछा कि जब भारतीय कानून के तहत नाबालिग कॉन्ट्रैक्ट करने के लिए कानूनी रूप से सक्षम नहीं हैं, तो फिर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके अकाउंट किस आधार पर सक्रिय किए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने क्या पूछा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाते समय यूजर को कंपनी की शर्तों और नियमों को स्वीकार करना होता है। अदालत ने इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नाबालिगों और प्लेटफॉर्म के बीच बनने वाले ऐसे कॉन्ट्रैक्ट की कानूनी स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा भी अहम मुद्दा सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ती मौजूदगी के बीच उम्र सत्यापन, डेटा सुरक्षा, अभिभावकों की सहमति और ऑनलाइन सुरक्षा जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में यह सवाल केवल अकाउंट बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी से भी जुड़ता है। आगे क्या हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट की ओर से उठाया गया सवाल इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, अदालत की टिप्पणी या सवाल को अंतिम फैसला नहीं माना जाता। आगे की कार्यवाही में इस विषय पर कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। 📌 निष्कर्ष:बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट का यह सवाल डिजिटल प्लेटफॉर्म, नाबालिगों के अधिकार और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े व्यापक कानूनी मुद्दे की ओर ध्यान खींचता है।
दिल्ली में ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का खुलासा, 57 लाख कैश और सोने-चांदी के गहने बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने नरेला इलाके में ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी बरामदगी की है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान एक महिला समेत आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और राजस्थान के प्रतापगढ़ में की गई छापेमारी के दौरान भी एक संदिग्ध सहयोगी को पकड़ा गया। आउटर नॉर्थ के DCP शोभित सक्सेना ने बताया कि नरेला में पिछले सप्ताह ड्रग्स तस्करी के मामले में पार्वती और शानू नाम की महिला को पकड़ा गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि वह राजस्थान के प्रतापगढ़ से मादक पदार्थ लेकर दिल्ली आती थी। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने प्रतापगढ़ में भी छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान महिला के कथित करीबी सहयोगी साहिब खान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 265 ग्राम स्मैक बरामद की गई। पुलिस ने इसके बाद एक अन्य स्थान पर भी कार्रवाई की। DCP के मुताबिक, आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण मिले। तलाशी के दौरान करीब 57 लाख रुपये नकद, 350 ग्राम सोने के आभूषण और 150 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा पुलिस को चार संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद संपत्ति और दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका संबंध कथित ड्रग्स तस्करी से है या नहीं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस बरामद नकदी, आभूषण और संपत्ति के दस्तावेजों के स्रोत की भी जांच कर रही है। नोट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और बरामदगी की जानकारी जांच का हिस्सा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं पुण्यतिथि पर बोले योगी आदित्यनाथ, शिक्षा के योगदान को किया याद

गोरखपुर | महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके सामाजिक और शैक्षिक योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के दौर में भी महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की थी। योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि करीब 94-95 वर्ष पहले देश गुलामी के दौर से गुजर रहा था। उस समय साधन और संसाधन सीमित थे। इसके बावजूद महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1932 में शिक्षा के क्षेत्र में रोपा गया यह बीज आने वाली पीढ़ियों के लिए आधार बना। योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ के योगदान को याद करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की सोच केवल अपने जीवन और परिवार तक सीमित रहने के बजाय समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी होनी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का किया जिक्र श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने महंत दिग्विजयनाथ के शिक्षा और सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके जरिए नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। कार्यक्रम के दौरान महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर उनके जीवन और सामाजिक कार्यों को भी याद किया गया।