INDIA गठबंधन की बैठक से पहले शिवराज का हमला, राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के बावजूद कांग्रेस अपनी गलतियों पर आत्ममंथन और जनता से माफी मांगने के बजाय भ्रम फैलाने और विपक्षी दलों पर आरोप लगाने का रास्ता अपना रही है। शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन की बैठक में प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर विपक्षी एकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण चुनावी राज्य से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, दिल्ली की बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके की गैरमौजूदगी का भी उन्होंने उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अखिलेश यादव ने राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया में व्यस्त होने की बात कही थी, जबकि कुछ दलों ने बैठक से दूरी बनाई। शिवराज ने उद्धव ठाकरे के वर्चुअल तरीके से जुड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन के भीतर एकजुटता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसके नेता अलग-अलग दिशाओं में दिखाई दे रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी शिवराज ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल होने का आरोप लगाया। यह टिप्पणी उस घटनाक्रम के बाद आई है जिसमें कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से अपने नेतृत्व पर भरोसा करने की अपील की थी। वहीं, 30 सितंबर को हुई INDIA गठबंधन की बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति बताया गया है। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त कार्रवाई और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। शिवराज सिंह चौहान के बयान ने इस बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। एक ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।
JDU कार्यालय के बाहर ANM छात्रों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर जमकर हंगामा

पटना: राजधानी पटना में बुधवार को JDU कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में महिलाओं और ANM छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में ANM के साथ-साथ X-Ray तकनीशियन से जुड़े अभ्यर्थी भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और कार्यालय के बाहर काफी देर तक विरोध जताया। प्रदर्शनकारी महिलाओं और छात्रों का कहना था कि उनकी मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए। लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों ने JDU कार्यालय के बाहर पहुंचकर अपनी बात रखने की कोशिश की। देखते ही देखते वहां प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ गई और माहौल गरमा गया। इसी दौरान ANM और X-Ray तकनीशियन अभ्यर्थियों ने भी अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनके मुद्दों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। कार्यालय के बाहर भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति दिखाई दी। बताया गया कि इसी दौरान बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार JDU कार्यालय की ओर पहुंचे थे। कार्यालय के गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को देखकर वे वहां से वापस लौट गए। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार अधिकारियों और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और स्थिति को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की गई। फिलहाल प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों और सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ANM और X-Ray तकनीशियन अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद ममता बनर्जी का बड़ा हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और सभी दल मिलकर लोकतंत्र एवं मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। 30 सितंबर को दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में उठाया था। उनका आरोप है कि इसी तरह की कथित अनियमितताओं के कारण भाजपा को मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार में चुनावी लाभ मिला, जबकि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें रख चुकी है और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुकी है। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। हालांकि, ये आरोप ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर SIR से जुड़े फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है और आयोग के भीतर अलग-अलग विचारों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है। ममता बनर्जी ने EVM को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि कुछ जगहों पर मशीनों के साथ छेड़छाड़ तथा उन्हें नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान से मिला अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। TMC प्रमुख ने कहा कि यदि लोगों को मतदान करने के अधिकार को लेकर भरोसा नहीं रहेगा या चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते रहेंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती पैदा होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो विपक्ष का आंदोलन आगे बढ़ सकता है। INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस समय चुनाव आयोग के प्रमुख हैं।
INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग पर मंथन, खड़गे बोले- एकजुट होकर लड़ेंगे लोकतंत्र की लड़ाई

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बुधवार को विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक की अहम बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची में बदलाव और आगामी राजनीतिक रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में सभी नेताओं ने अपने विचार रखे और आगे की रणनीति को लेकर सुझाव दिए। खड़गे के मुताबिक, बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में अपनी बात रखी। एकजुट होकर संघर्ष की बात मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बैठक में शामिल दलों ने मिलकर और एकजुट होकर लोकतांत्रिक मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सभी नेताओं की ओर से अलग-अलग सुझाव सामने आए, जिन पर आगे चर्चा कर संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियां रहा। INDIA ब्लॉक के नेता इस मुद्दे पर आगे की संयुक्त कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। खड़गे ने PM मोदी और अमित शाह पर लगाया आरोप बैठक के बाद खड़गे ने चुनाव आयोग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के साथ कठपुतली की तरह व्यवहार किया जा रहा है और कुछ लोगों को माध्यम बनाकर वोटों की कथित चोरी कराई जा रही है। खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता जब लोकतंत्र और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये खड़गे और कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इन दावों पर सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष अलग हो सकता है। आगे की रणनीति पर नजर INDIA ब्लॉक की बैठक ऐसे समय हुई है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने इससे पहले भी इस मुद्दे पर आंदोलन तेज करने की बात कही है। वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति पर आगे भी राजनीतिक गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं।
नेपाल से भारी पानी आने के बाद बेतिया में गंडक का दबाव बढ़ा, दो जगह तटबंध क्षतिग्रस्त

बेतिया, बिहार: पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी में अचानक पानी बढ़ने से चंपारण तटबंध पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान तटबंध को दो स्थानों पर नुकसान पहुंचा। बिहार जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया था, जो 2024 के पिछले रिकॉर्ड से भी अधिक है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने बेतिया में स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि करीब 24 घंटे के भीतर नेपाल की ओर से पहले लगभग 3 लाख क्यूसेक और उसके बाद करीब 6.74 लाख क्यूसेक पानी अचानक छोड़े जाने की बात सामने आई। उनके मुताबिक, इस तरह करीब 9.5 लाख क्यूसेक पानी आने से नदी का दबाव काफी बढ़ गया और दो जगह तटबंध टूट गया। सांसद ने बताया कि तटबंध को नुकसान पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर सक्रिय हो गईं। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह से ही बचाव और मरम्मत से जुड़े काम शुरू कर दिए गए थे। उनका दावा है कि अब तक किसी व्यक्ति या पशु के हताहत होने की सूचना नहीं है। जल संसाधन विभाग की ओर से भी तटबंधों की सुरक्षा और मरम्मत के लिए टीमों को अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में भेजा गया है। विभाग के अनुसार, पश्चिम चंपारण के खैरटवा और बैरिया क्षेत्र में चंपारण तटबंध के दो हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज में इंजीनियरों की टीमें तैनात की गई हैं। संजय जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भी आज प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। नेपाल में लगातार बारिश और गंडक के बढ़ते प्रवाह को देखते हुए प्रशासन की चुनौती फिलहाल कम नहीं हुई है। तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई गई है और कमजोर स्थानों पर बचाव एवं मरम्मत का काम जारी है।
बिहार में गंडक का कहर, चंपारण में 4 जगह तटबंध टूटे; 200 गांव बाढ़ की चपेट में

चंपारण: बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने पश्चिम चंपारण और आसपास के इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से गांवों और रिहायशी इलाकों में फैल रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 200 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन और राहत-बचाव टीमों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चंपारण इलाके में गंडक के दबाव के कारण चार स्थानों पर तटबंध टूटने की बात सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी आसपास के इलाकों में पहुंच गया। कई गांवों में घरों के आसपास पानी जमा है, जबकि ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है। कई गांवों में बढ़ी परेशानी बाढ़ के पानी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। कई सड़कों पर पानी चढ़ने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे पानी के कारण स्थिति पहले की तुलना में ज्यादा गंभीर होती जा रही है। ट्रेन सेवाओं पर भी असर चंपारण क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है। जलभराव और सुरक्षा कारणों को देखते हुए कुछ ट्रेनों को रद्द करने की जानकारी सामने आई है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेल प्रशासन की ओर से प्रभावित रेलखंडों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सीएम सम्राट चौधरी करेंगे हवाई सर्वेक्षण बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों, टूटे तटबंधों और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद राहत और बचाव कार्यों को लेकर आगे की रणनीति पर भी फैसला लिया जा सकता है। राहत और बचाव पर नजर बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने की कोशिश की जा रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध टूटने से चंपारण में स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर प्रभावित लोगों की ओर से राहत कार्यों को और तेज करने की मांग की जा रही है। वहीं, बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर अतिरिक्त सहायता की मांग भी उठ रही है।
गया के विष्णुपद में स्मिता ठाकरे ने किया पिंडदान, माता सीता की कथा को बताया प्रेरणा

गया के प्रसिद्ध विष्णुपद क्षेत्र में स्मिता ठाकरे ने अपने ससुर और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे सहित परिवार के अन्य पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उन्होंने गया की धार्मिक परंपराओं और पिंडदान के महत्व पर भी अपनी बात रखी। महिला द्वारा पिंडदान किए जाने के सवाल पर स्मिता ठाकरे ने माता सीता की कथा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गया की धार्मिक मान्यताओं और रामायण से जुड़ी परंपराओं में माता सीता की कथा महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा देती है। इसी संदर्भ को उन्होंने अपने धार्मिक कर्मकांड से जोड़ा। विष्णुपद में किया श्राद्ध और तर्पण गया का विष्णुपद क्षेत्र पितरों के श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए देशभर में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां हर साल अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचते हैं। स्मिता ठाकरे ने भी इसी धार्मिक परंपरा के तहत विष्णुपद क्षेत्र में अपने परिवार के पूर्वजों के लिए पिंडदान और तर्पण की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अनुष्ठान किया गया। महाराष्ट्र और गया के सांस्कृतिक रिश्ते का जिक्र इस मौके पर स्मिता ठाकरे ने महाराष्ट्र और गया के बीच पुराने सांस्कृतिक एवं धार्मिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच आस्था और परंपराओं का जुड़ाव काफी पुराना है। गया में पिंडदान की परंपरा केवल बिहार तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग राज्यों से लोग यहां अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध और पिंडदान करने आते हैं। महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का गया से धार्मिक जुड़ाव रहा है। माता सीता की कथा बनी चर्चा का केंद्र स्मिता ठाकरे द्वारा महिला के पिंडदान के संदर्भ में माता सीता की कथा का उल्लेख इस दौरान खास चर्चा में रहा। उन्होंने धार्मिक परंपरा और पौराणिक प्रसंग के माध्यम से महिलाओं की भूमिका से जुड़े सवाल पर अपनी बात रखी। विष्णुपद क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान स्मिता ठाकरे ने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और गया की धार्मिक परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। स्मिता ठाकरे के गया दौरे और विष्णुपद में किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में उन्हें धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होते हुए देखा जा सकता है।
बिहार EOU छापेमारी: परिवहन अधिकारी के आरा और पटना ठिकानों पर रेड

आरा/पटना: बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के संदेह में परिवहन विभाग के अवर प्रवर्तन निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। EOU की टीम ने बुधवार सुबह आरा और पटना में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर संपत्ति और वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, बिहार EOU छापेमारी की यह कार्रवाई ज्ञात आय के मुकाबले कथित तौर पर अधिक संपत्ति होने से जुड़े मामले में की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में अधिकारी के पास ज्ञात आय की तुलना में करीब 150 प्रतिशत से अधिक संपत्ति होने का संदेह जताया गया है। हालांकि, संपत्ति और आय से जुड़े अंतिम आंकड़े जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। आरा के कृष्ण कला भवन में EOU की छापेमारी EOU की टीम ने आरा के अवधपुरी इलाके में स्थित तीन मंजिला मकान ‘कृष्ण कला भवन’ में तलाशी ली। टीम द्वारा मकान से जुड़े संपत्ति दस्तावेज, कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियों की खरीद और उनके लिए किए गए भुगतान का स्रोत क्या रहा है। इसके साथ ही अन्य वित्तीय दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। दानापुर के फ्लैट में भी जांच पटना के दानापुर स्थित आंसुपुर में फ्लैट नंबर 609 पर भी EOU की टीम पहुंची। यहां बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले जाने की जानकारी है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि अधिकारी की घोषित आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है। बैंक खातों और संपत्ति रिकॉर्ड की जांच EOU की कार्रवाई के दौरान बैंक खाते, निवेश, संपत्ति के दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य संपत्ति के स्रोत और आय के बीच संभावित अंतर की पड़ताल करना है। बताया जा रहा है कि अमित कुमार गुप्ता वर्तमान में भभुआ में परिवहन विभाग के अवर प्रवर्तन निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। फिलहाल EOU की जांच जारी है और तलाशी के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
भोजपुरी क्रिकेट कमेंट्री की बढ़ती लोकप्रियता पर रवि किशन ने कही बड़ी बात, FICCI Frames 2026 में क्षेत्रीय भाषाओं पर चर्चा

मुंबई, महाराष्ट्र: FICCI Frames 2026 के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन ने भोजपुरी भाषा में क्रिकेट कमेंट्री की लोकप्रियता और इसके बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को क्रिकेट से जोड़ने की पहल की सराहना करते हुए FICCI का आभार जताया। रवि किशन ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में क्रिकेट कमेंट्री को बढ़ावा देने का विचार बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से भोजपुरी कमेंट्री का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह इसने क्रिकेट दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि चर्चा का एक अहम विषय यह भी था कि क्षेत्रीय भाषा में कमेंट्री किस तरह बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंच बना सकती है। उनके मुताबिक, भोजपुरी जैसी भाषाओं में क्रिकेट की प्रस्तुति ने यह दिखाया है कि खेल को स्थानीय भाषाओं के जरिए दर्शकों से जोड़ने की काफी संभावनाएं हैं। भोजपुरी कमेंट्री को पसंद करने वालों का जताया आभार रवि किशन ने अपनी भोजपुरी कमेंट्री को पसंद करने वाले दर्शकों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने खास तौर पर उन लोगों का जिक्र किया जो भोजपुरी भाषा को पूरी तरह नहीं समझते, लेकिन इसके बावजूद उनकी कमेंट्री को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि भोजपुरी नहीं समझने वाले लोग भी कमेंट्री को सुनते और पसंद करते हैं। इससे क्षेत्रीय भाषा में खेल कमेंट्री की पहुंच को लेकर एक अलग तस्वीर सामने आती है। क्षेत्रीय भाषाओं के लिए बढ़ता मंच FICCI Frames 2026 में क्षेत्रीय भाषाओं और मनोरंजन उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेल को क्षेत्रीय भाषाओं में प्रस्तुत करने से स्थानीय दर्शकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने की संभावनाओं पर भी ध्यान गया। रवि किशन के बयान के बाद भोजपुरी क्रिकेट कमेंट्री एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्रीय भाषाओं में खेल प्रसारण को लेकर बढ़ती दिलचस्पी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में क्रिकेट कमेंट्री के क्षेत्र में भाषाई विविधता को और अधिक स्थान मिल सकता है।
पटना में 15 वर्षीय छात्रा से छेड़खानी और मारपीट, विरोध करने पर युवकों ने की बदसलूकी; केस दर्ज

पटना: राजधानी पटना में कोचिंग से घर लौट रही एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना पटना सिटी के खाजेकलां थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद आसपास के इलाके में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोचिंग से घर लौट रही थी छात्रा मिली जानकारी के मुताबिक, 15 वर्षीय छात्रा अपनी दो सहेलियों के साथ कोचिंग पढ़कर घर लौट रही थी। सोमवार शाम करीब पौने आठ बजे वे बरकत खां का अखाड़ा के पास पहुंचीं। इसी दौरान वहां मौजूद युवकों ने छात्राओं पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। छात्राओं ने जब इसका विरोध किया तो मामला बढ़ गया। आरोप है कि विरोध करने पर युवकों ने छात्रा के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। छात्राओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर बढ़े, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों में दो संदिग्ध युवकों की तस्वीरें कैद हुई हैं। CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान की कोशिश घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने खाजेकलां थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में BNS और POCSO Act के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फुटेज में संदिग्धों की तस्वीर सामने आई है और उनकी पहचान की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। छात्राओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल कोचिंग से घर लौटते समय छात्राओं के साथ हुई इस घटना ने शहर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर शाम के समय कोचिंग संस्थानों से घर लौटने वाले विद्यार्थियों के रास्तों पर पुलिस गश्त और निगरानी को लेकर चर्चा तेज हुई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। CCTV फुटेज और पीड़िता व उसकी सहेलियों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।