केशव मौर्य का INDIA गठबंधन पर हमला, EVM और चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने INDIA गठबंधन की एकजुटता और विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि INDIA गठबंधन में अब एकता नहीं रह गई है और विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राजनीति कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि देश की जनता गठबंधन के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों को देख रही है। उन्होंने विपक्ष की स्थिति पर तंज कसते हुए इसे “भानुमति का कुनबा” बताया और कहा कि गठबंधन के घटक दलों के बीच एकजुटता दिखाई नहीं दे रही है। EVM और चुनाव आयोग के मुद्दे पर भी निशाना उपमुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और EVM को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उनका आरोप है कि जब विपक्षी दल चुनाव हारते हैं तो वे EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, जबकि जीत मिलने पर चुनावी व्यवस्था को लेकर उनका रुख अलग होता है। मौर्य ने कहा कि चुनाव परिणामों को राजनीतिक सुविधा के हिसाब से देखने के बजाय चुनावी प्रक्रिया और जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए। हाल के दिनों में भी उन्होंने विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर इसी तरह की प्रतिक्रिया दी है। ‘जनता इसका जवाब देगी’ केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और बीजेपी के राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर किए जाने वाले दावों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे जनता के वोट से तय होते हैं और जनता ही राजनीतिक दलों के दावों का जवाब देती है। मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की रणनीति को लेकर बीजेपी नेताओं की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। विपक्षी एकजुटता पर बढ़ी राजनीतिक बहस दरअसल, INDIA गठबंधन से जुड़े दल चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं। 30 सितंबर 2026 को गठबंधन के नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति पर चर्चा की और कई मांगें सामने रखीं। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य का बयान उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में गठबंधन की एकजुटता, EVM और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे मुद्दों को लेकर चल रही बहस को और तेज करता है। हालांकि, विपक्षी दल इन मुद्दों पर अपनी अलग दलीलें और आपत्तियां रखते हैं।
शेरघाटी में प्रेमी जोड़े से बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट; पुलिस की त्वरित कार्रवाई

गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र स्थित चापी पहाड़ी से एक प्रेमी जोड़े के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रेमी जोड़ा पहाड़ी इलाके में घूमने गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने दोनों को घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज एवं कथित तौर पर मारपीट की। 🔴 चापी पहाड़ी में घेरकर की बदसलूकीघटना के दौरान प्रेमी जोड़े को कथित रूप से घेर लिया गया। आरोप है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। 🔴 सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाईमामले की जानकारी मिलने के बाद शेरघाटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। 🔴 आरोपियों की भूमिका की जांचपुलिस पूरे मामले में उपलब्ध जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 🔴 पुलिस ने लोगों से की अपीलपुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या आपत्तिजनक स्थिति में खुद कानून हाथ में लेने के बजाय इसकी सूचना पुलिस को दें। मामले की जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
गिरिराज सिंह का सोनिया गांधी पर तीखा हमला, नीतीश कुमार के समर्थन में कही बड़ी बात

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन और उनके कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने कभी भ्रष्टाचारियों या देश विरोधी ताकतों को संरक्षण नहीं दिया। गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा राष्ट्र और राष्ट्रहित से जुड़े रहे हैं। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में देशहित को प्राथमिकता दी और इसी वजह से उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने से पहले उनके पूरे राजनीतिक सफर को देखा जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी भारतीय नागरिकता को लेकर भी सवाल उठाए। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि सोनिया गांधी ने भारत की नागरिकता कई वर्षों बाद ली और इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस नेता की राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल खड़े किए। हालांकि, नागरिकता और उससे जुड़े अन्य आरोप गिरिराज सिंह के राजनीतिक दावे हैं, जिन्हें उन्होंने अपने बयान में रखा है। गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि सोनिया गांधी को नीतीश कुमार पर हमला करने या उनके राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर काम किया और भ्रष्टाचार तथा देश विरोधी गतिविधियों से दूरी बनाए रखी। नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस में भी हुई चर्चा गिरिराज सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस की बैठक में भी नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से अलग होने के फैसले को लेकर चर्चा सामने आई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को गठबंधन से अलग नहीं जाने देना चाहिए था। इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस की रणनीति और पुराने राजनीतिक घटनाक्रम फिर चर्चा में हैं। वहीं, गिरिराज सिंह के बयान से साफ है कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
अरब सागर में ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त, 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार; ईरानी नाव से 526 किलो नशीला पदार्थ बरामद

नई दिल्ली: भारत की समुद्री सीमा में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में अरब सागर में एक ईरानी नाव से करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथम्फेटामाइन बरामद किया गया है। जब्त नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। 160 नॉटिकल मील दूर पकड़ी गई संदिग्ध नाव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, संदिग्ध ईरानी नाव भारत के Exclusive Economic Zone (EEZ) में लक्षद्वीप से करीब 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से लगभग 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम दिशा में थी। खुफिया सूचना मिलने के बाद भारतीय एजेंसियों ने समुद्री और हवाई निगरानी के जरिए नाव पर नजर रखी। इसके बाद तटरक्षक बल ने कार्रवाई करते हुए नाव को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थ बरामद किए गए। नाव पर सवार 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार कार्रवाई के दौरान नाव पर मौजूद पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नाव, उसके चालक दल और जब्त किए गए नशीले पदार्थों को आगे की संयुक्त पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ड्रग्स खेप का असली नेटवर्क क्या था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा पकड़े गए लोगों से पूछताछ के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संभावित तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। 16 दिन तक चला संयुक्त ऑपरेशन गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, इस कार्रवाई में विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय अहम रहा। उन्होंने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया और कहा कि सरकार युवाओं को ड्रग्स के खतरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS द्वारा समुद्री मार्गों से होने वाली कथित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पहले भी कई संयुक्त कार्रवाई की जा चुकी हैं। इस मामले में भी आगे की जांच के बाद ड्रग्स नेटवर्क और इसके संभावित कनेक्शन को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
छपरा में बांध टूटने से बाढ़ का कहर, कई इलाकों में घुसा पानी; बेतिया-मुजफ्फरपुर में भी हालात गंभीर

बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सारण जिले के मकेर प्रखंड में बाघाकोल और हैजलपुर के पास तटबंध पर बढ़े दबाव के बाद निचले इलाकों में पानी फैलने की स्थिति बनी है। वहीं बेतिया, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और वैशाली समेत कई जिलों में भी नदी के बढ़े जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग की 30 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मकेर प्रखंड के हैजलपुर, परमानंद छपरा और नौकरहा गांवों के निचले इलाकों में पानी फैलने और संपर्क बाधित होने की आशंका जताई गई है। गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश के कारण नदी का जलस्राव बढ़ा है। इसके साथ ही गंगा का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर रहने से तटबंधों पर दबाव बढ़ा है। कई जगहों पर सीपेज और पाइपिंग की स्थिति सामने आने के बाद फ्लड फाइटिंग का काम जारी है। इससे पहले गंडक नदी के बढ़े जलस्तर ने पश्चिम चंपारण में भी तटबंधों पर भारी दबाव बनाया। बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो वहां दर्ज अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से 35 सेंटीमीटर अधिक है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 5,43,500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इस तेज प्रवाह का असर पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली तक देखने को मिला। बेतिया और पश्चिम चंपारण में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। गंडक के दबाव के कारण चंपारण तटबंध को कई जगह नुकसान पहुंचा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें प्रभावित स्थानों पर मरम्मत और सुरक्षा कार्य में जुटी हैं। सारण में भी प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। बांध और तटबंधों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति का निरीक्षण किया है। स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने और पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति नदी के जलस्तर और पानी के बहाव पर निर्भर है। प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों को सुरक्षित रखने, प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव अभियान चलाने की है।
बेगूसराय होटल कांड में 24 घंटे के भीतर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दोनों आरोपी गिरफ्तार

बेगूसराय: जिले के चर्चित ब्लू डायमंड होटल मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला के साथ कथित मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की। जिला DIU और सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्ध आरोपियों को पकड़ लिया। 🔴 24 घंटे में पुलिस ने की कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य जानकारियों को जुटाया गया। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। 🔴 महिला से मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप बताया जा रहा है कि ब्लू डायमंड होटल में महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट और छेड़छाड़ की घटना हुई थी। घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मामले में सामने आए आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर जारी है। 🔴 जिला DIU और सिटी थाना की संयुक्त कार्रवाई इस कार्रवाई में जिला DIU और सिटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस की ओर से आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से की गई त्वरित गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
CWC बैठक में नीतीश कुमार पर चर्चा, दिग्विजय सिंह बोले- साथ रहते तो हालात अलग होते

नई दिल्ली: कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने INDIA गठबंधन से नीतीश कुमार के अलग होने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार गठबंधन में बने रहते तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने बैठक में इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार को INDIA गठबंधन से अलग होने से रोकने की कोशिश की जानी चाहिए थी। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्षी गठबंधन के स्तर पर नीतीश कुमार के साथ बेहतर राजनीतिक तालमेल बनाए रखने की कोशिश होती तो परिस्थितियां अलग दिशा में जा सकती थीं। 🔴 नीतीश के जाने पर कांग्रेस में उठा सवाल दरअसल, नीतीश कुमार ने जनवरी 2024 में बिहार में महागठबंधन से अलग होकर एक बार फिर बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA के साथ सरकार बनाई थी। इससे पहले वह विपक्षी दलों को एक साथ लाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे और INDIA गठबंधन के शुरुआती दौर में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। CWC की बैठक में दिग्विजय सिंह की टिप्पणी के बाद पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आने की बात रिपोर्टों में कही गई है। कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने इस आकलन से असहमति जताई। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नीतीश कुमार के गठबंधन से अलग होने को केवल उन्हें रोकने की कोशिश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। 🔴 सोनिया गांधी ने भी रखी अपनी बात बैठक में सोनिया गांधी की ओर से भी नीतीश कुमार को लेकर प्रतिक्रिया सामने आने की खबर है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार गठबंधन में लंबे समय तक बने रहने के इच्छुक नहीं थे और उनके अलग होने की स्थिति पहले से बन रही थी। यानी बैठक में नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन से बाहर होने को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच अलग-अलग राजनीतिक आकलन सामने आए। 🔴 गठबंधन की राजनीति पर फिर चर्चा दिग्विजय सिंह की टिप्पणी ने एक बार फिर विपक्षी गठबंधन में सहयोगी दलों के साथ तालमेल और नेतृत्व से जुड़े पुराने सवालों को चर्चा में ला दिया है। नीतीश कुमार का INDIA गठबंधन से अलग होना 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना गया था। अब CWC की बैठक में इस घटनाक्रम पर हुई चर्चा ने कांग्रेस के भीतर उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर बहस को फिर सामने ला दिया है। हालांकि, दिग्विजय सिंह की टिप्पणी को उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन माना जाना चाहिए। यह कहना कि नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन में बने रहने से चुनावी या राजनीतिक परिणाम निश्चित रूप से अलग होते, एक संभावित राजनीतिक आकलन है, स्थापित तथ्य नहीं।
जीवेश मिश्रा का नीतीश कुमार पर बड़ा बयान, बोले- बिहार में अब दूसरा नीतीश कुमार नहीं होगा

पटना, बिहार: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा का बयान चर्चा में है। जीवेश मिश्रा ने नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका और बिहार की राजनीति में उनके लंबे प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में अब नीतीश कुमार जैसा दूसरा नेता पैदा नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जीवेश मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में एक अलग पहचान बना चुके हैं। उन्होंने नीतीश कुमार को ‘युग पुरुष’ के रूप में स्थापित बताते हुए कहा कि राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बीजेपी विधायक के मुताबिक, आने वाले समय में भी नीतीश कुमार जैसा राजनीतिक व्यक्तित्व दोबारा देखने को नहीं मिलेगा। ‘मैं किसी दल में रहूं या ना रहूं, यह अलग विषय’ अपने बयान में जीवेश मिश्रा ने अपनी राजनीतिक स्थिति को नीतीश कुमार के आकलन से अलग रखा। उन्होंने कहा कि वह किसी दल में रहें या नहीं रहें, यह अलग विषय है, लेकिन बिहार के अंदर नीतीश कुमार जैसा दूसरा व्यक्ति पैदा नहीं होगा। उनके इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस पर भी उठाया सवाल जीवेश मिश्रा ने कांग्रेस की ओर से नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर की जा रही चर्चाओं पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह चर्चा करने के बजाय नीतीश कुमार के बिहार की राजनीति में योगदान और उनकी भूमिका को समझना चाहिए। बिहार में नीतीश कुमार लंबे समय से राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं की बयानबाजी लगातार चर्चा का विषय बनती रही है। जीवेश मिश्रा का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। फिलहाल, जीवेश मिश्रा के बयान ने बिहार की सियासत में नीतीश कुमार की भूमिका और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
पटना में सड़क पर महिला पर चाकू से हमला, CCTV फुटेज सामने आया

पटना: राजधानी पटना के न्यू एतवारपुर-कुरथौल इलाके में सोमवार को एक महिला पर सरेराह चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। 🔴 महिला पर करीब 10 बार चाकू से वार किए जाने का आरोप है। 🔴 घटना के दौरान मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को रोकने की कोशिश नहीं की। 🔴 हमले की पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई है, जिसका फुटेज सामने आया है। गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत को देखते हुए उपचार जारी है। 🔴 आरोपी की पहचान 37 वर्षीय राजकुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का दावा है कि महिला से उसका पहले से संबंध था। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि महिला उसे बार-बार मिलने के लिए बुलाती थी और इस वजह से उसकी सामाजिक बदनामी हो रही थी। इसी विवाद के चलते उसने महिला पर हमला किया। 🔴 आरोपी और महिला दोनों न्यू एतवारपुर इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं और करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। जानकारी के अनुसार, महिला पिछले करीब एक साल से अकेली रह रही थी। घटना के बाद पुलिस ने महिला के पति को इसकी सूचना दी। 🔴 महिला के दो बच्चे हैं, लेकिन पति ने बच्चों को उसके साथ रखने से इनकार किया है। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी के कई लोगों से संबंध हैं। इसी वजह से वह दोनों बच्चों के साथ जहानाबाद में रहने की बात कह रहा है। पुलिस को महिला के अन्य लोगों से कथित संबंधों से जुड़ी जानकारी भी मिली है। हालांकि, इन दावों और घटना के पीछे की पूरी वजह की जांच पुलिस कर रही है। 🔴 CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले राकेश सिन्हा का हमला, बोले- ‘मताधिकार से किसी को रोकने नहीं देंगे’

रांची, झारखंड: चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक के बीच कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में विपक्ष को लेकर लगाए गए पोस्टरों और मौजूदा राजनीतिक माहौल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और संविधान-लोकतंत्र के मुद्दे का जिक्र किया। राकेश सिन्हा ने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी थी और देश के संविधान तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के निर्माण में कांग्रेस की भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश में एक बार फिर ऐसी राजनीति दिखाई दे रही है, जो उन्हें ब्रिटिश शासन की याद दिलाती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा को मानने वाले लोग एक मंच पर हैं और वे किसी भी व्यक्ति को उसके मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोकने नहीं देंगे। उनके मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। साथ ही राकेश सिन्हा ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब मांगा जाएगा। दरअसल, 30 सितंबर को नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दल अपनी रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। इस पूरे विवाद में विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है और आयोग ने अपनी प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा है। ऐसे में INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्ष की ओर से आगे की राजनीतिक और संसदीय रणनीति क्या होगी, इस पर नजर रहेगी। नोट: राकेश सिन्हा द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के तौर पर प्रस्तुत किया गया है।